🔥 0 दिन लगातार
📖 लंबी सूरह — छोटे भागों में बांटी गई (77 आयत)
📚 सभी सूरह
30%
🎤 अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करने के लिए किसी भी आयत के पास माइक्रोफ़ोन आइकन 🎙️ दबाएं, फिर सुनें और क़ारी से तुलना करें।
0/77
25:1 🔁 0/5
تَبَارَكَ ٱلَّذِي نَزَّلَ ٱلۡفُرۡقَانَ عَلَىٰ عَبۡدِهِۦ لِيَكُونَ لِلۡعَٰلَمِينَ نَذِيرًا  ۝١
Tabaarakal lazee nazzalal Furqaana `alaa `abdihee li yakoona lil`aalameena nazeera
(ख़ुदा) बहुत बाबरकत है जिसने अपने बन्दे (मोहम्मद) पर कुरान नाज़िल किया ताकि सारे जहॉन के लिए (ख़ुदा के अज़ाब से) डराने वाला हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:2 🔁 0/5
ٱلَّذِي لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَلَمۡ يَتَّخِذۡ وَلَدًا وَلَمۡ يَكُن لَّهُۥ شَرِيكٌ فِي ٱلۡمُلۡكِ وَخَلَقَ كُلَّ شَيۡءٍ فَقَدَّرَهُۥ تَقۡدِيرًا  ۝٢
Allazee lahoo mulkus samaawaati wal ardi wa lam yattakhiz waladanw wa lam yakul lahoo shareekun filmulki wa khalaqa kulla shai`in faqaddarahoo taqdeeraa
वह खुदा कि सारे आसमान व ज़मीन की बादशाहत उसी की है और उसने (किसी को) न अपना लड़का बनाया और न सल्तनत में उसका कोई शरीक है और हर चीज़ को (उसी ने पैदा किया) फिर उस अन्दाज़े से दुरुस्त किया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:3 🔁 0/5
وَٱتَّخَذُواْ مِن دُونِهِۦٓ ءَالِهَةً لَّا يَخۡلُقُونَ شَيۡـًٔا وَهُمۡ يُخۡلَقُونَ وَلَا يَمۡلِكُونَ لِأَنفُسِهِمۡ ضَرًّا وَلَا نَفۡعًا وَلَا يَمۡلِكُونَ مَوۡتًا وَلَا حَيَوٰةً وَلَا نُشُورًا  ۝٣
Wattakhazoo min dooniheee aahihatal laa yakhluqoona shai`anw wa hum yukhlaqoona wa laa yamlikoona li anfusihim darranw wa laa naf`anw wa laa yamlikoona mawtanw wa laa hayaatanw wa laa nushooraa
और लोगों ने उसके सिवा दूसरे दूसरे माबूद बना रखें हैं जो कुछ भी पैदा नहीं कर सकते बल्कि वह खुद दूसरे के पैदा किए हुए हैं और वह खुद अपने लिए भी न नुक़सान पर क़ाबू रखते हैं न नफा पर और न मौत ही पर एख़्तियार रखते हैं और न ज़िन्दगी पर और न मरने बाद जी उठने पर
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:4 🔁 0/5
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّآ إِفۡكٌ ٱفۡتَرَىٰهُ وَأَعَانَهُۥ عَلَيۡهِ قَوۡمٌ ءَاخَرُونَۖ فَقَدۡ جَآءُو ظُلۡمًا وَزُورًا  ۝٤
Wa qaalal lazeena kafarooo in haazaaa illaaa ifkunif taraahu wa a`aanahoo `alaihi qawmun aakharoona faqad jaaa`oo zulmanw wa zooraa
और जो लोग काफिर हो गए बोल उठे कि ये (क़ुरान) तो निरा झूठ है जिसे उस शख्स (रसूल) ने अपने जी से गढ़ लिया और कुछ और लोगों ने इस इफतिरा परवाज़ी में उसकी मदद भी की है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:5 🔁 0/5
وَقَالُوٓاْ أَسَٰطِيرُ ٱلۡأَوَّلِينَ ٱكۡتَتَبَهَا فَهِيَ تُمۡلَىٰ عَلَيۡهِ بُكۡرَةً وَأَصِيلًا  ۝٥
Wa qaalooo asaateerul awwaleenak tatabahaa fahiya tumlaa `alaihi bukratanw wa aseelaa
तो यक़ीनन ख़ुद उन ही लोगों ने ज़ुल्म व फरेब किया है और (ये भी) कहा कि (ये तो) अगले लोगों के ढकोसले हैं जिसे उसने किसी से लिखवा लिया है पस वही सुबह व शाम उसके सामने पढ़ा जाता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:6 🔁 0/5
قُلۡ أَنزَلَهُ ٱلَّذِي يَعۡلَمُ ٱلسِّرَّ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ إِنَّهُۥ كَانَ غَفُورًا رَّحِيمًا  ۝٦
Qul anzalhul lazee ya`lamus sirra fis samaawaati wal-ard; innahoo kaana Ghafoorar Raheemaa
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि इसको उस शख्स ने नाज़िल किया है जो सारे आसमान व ज़मीन की पोशीदा बातों को ख़ूब जानता है बेशक वह बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:7 🔁 0/5
وَقَالُواْ مَالِ هَٰذَا ٱلرَّسُولِ يَأۡكُلُ ٱلطَّعَامَ وَيَمۡشِي فِي ٱلۡأَسۡوَاقِ لَوۡلَآ أُنزِلَ إِلَيۡهِ مَلَكٌ فَيَكُونَ مَعَهُۥ نَذِيرًا  ۝٧
Wa qaaloo maa li haazar Rasooli yaakulut ta`aama wa yamshee fil aswaaq; law laaa unzila ilaihi malakun fa yakoona ma`ahoo nazeeraa
और उन लोगों ने (ये भी) कहा कि ये कैसा रसूल है जो खाना खाता है और बाज़ारों में चलता है फिरता है उसके पास कोई फरिश्ता क्यों नहीं नाज़िल होता कि वह भी उसके साथ (ख़ुदा के अज़ाब से) डराने वाला होता
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:8 🔁 0/5
أَوۡ يُلۡقَىٰٓ إِلَيۡهِ كَنزٌ أَوۡ تَكُونُ لَهُۥ جَنَّةٌ يَأۡكُلُ مِنۡهَاۚ وَقَالَ ٱلظَّٰلِمُونَ إِن تَتَّبِعُونَ إِلَّا رَجُلًا مَّسۡحُورًا  ۝٨
Aw yulqaaa ilaihi kanzun aw takoonu lahoo jannatuny yaakulu minhaa; wa qaalaz zaalimoona in tattabi`oona illaa rajulam mas hooraa
(कम से कम) इसके पास ख़ज़ाना ही ख़ज़ाना ही (आसमान से) गिरा दिया जाता या (और नहीं तो) उसके पास कोई बाग़ ही होता कि उससे खाता (पीता) और ये ज़ालिम (कुफ्फ़ार मोमिनों से) कहते हैं कि तुम लोग तो बस ऐसे आदमी की पैरवी करते हो जिस पर जादू कर दिया गया है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:9 🔁 0/5
ٱنظُرۡ كَيۡفَ ضَرَبُواْ لَكَ ٱلۡأَمۡثَٰلَ فَضَلُّواْ فَلَا يَسۡتَطِيعُونَ سَبِيلًا  ۝٩
Unzur kaifa daraboo lakal amsaala fadalloo falaa yastatee`oona sabeelaa
(ऐ रसूल) ज़रा देखो तो कि इन लोगों ने तुम्हारे वास्ते कैसी कैसी फबत्तियां गढ़ी हैं और गुमराह हो गए तो अब ये लोग किसी तरह राह पर आ ही नहीं सकते
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:10 🔁 0/5
تَبَارَكَ ٱلَّذِيٓ إِن شَآءَ جَعَلَ لَكَ خَيۡرًا مِّن ذَٰلِكَ جَنَّٰتٍ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ وَيَجۡعَل لَّكَ قُصُورَۢا  ۝١٠
Tabaarakal lazeee in shaaa`a ja`ala laka khairam min zaalika jannaatin tajree min tahtihal anhaaru wa yaj`al laka qusooraa
ख़ुदा तो ऐसा बारबरकत है कि अगर चाहे तो (एक बाग़ क्या चीज़ है) इससे बेहतर बहुतेरे ऐसे बाग़ात तुम्हारे वास्ते पैदा करे जिन के नीचे नहरें जारी हों और (बाग़ात के अलावा उनमें) तुम्हारे वास्ते महल बना दे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:11 🔁 0/5
بَلۡ كَذَّبُواْ بِٱلسَّاعَةِۖ وَأَعۡتَدۡنَا لِمَن كَذَّبَ بِٱلسَّاعَةِ سَعِيرًا  ۝١١
Bal kazzaboo bis Saa`ati wa a`tadnaa liman kazzaba bis Saa`ati sa`eeraa
(ये सब कुछ नहीं) बल्कि (सच यूँ है कि) उन लोगों ने क़यामत ही को झूठ समझा है और जिस शख्स ने क़यामत को झूठ समझा उसके लिए हमने जहन्नुम को (दहका के) तैयार कर रखा है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:12 🔁 0/5
إِذَا رَأَتۡهُم مِّن مَّكَانِۭ بَعِيدٍ سَمِعُواْ لَهَا تَغَيُّظًا وَزَفِيرًا  ۝١٢
Izaa ra`at hum mim ma kaanim ba`eedin sami`oo lahaa taghaiyuzanw wa zafeeraa
जब जहन्नुम इन लोगों को दूर से दखेगी तो (जोश खाएगी और) ये लोग उसके जोश व ख़रोश की आवाज़ सुनेंगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:13 🔁 0/5
وَإِذَآ أُلۡقُواْ مِنۡهَا مَكَانًا ضَيِّقًا مُّقَرَّنِينَ دَعَوۡاْ هُنَالِكَ ثُبُورًا  ۝١٣
Wa izaaa ulqoo minhaa makaanan daiyiqam muqar raneena da`aw hunaalika subooraa
और जब ये लोग ज़ज़ीरों से जकड़कर उसकी किसी तंग जगह मे झोंक दिए जाएँगे तो उस वक्त मौत को पुकारेंगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:14 🔁 0/5
لَّا تَدۡعُواْ ٱلۡيَوۡمَ ثُبُورًا وَٰحِدًا وَٱدۡعُواْ ثُبُورًا كَثِيرًا  ۝١٤
Laa tad`ul yawma subooranw waahidanw wad`oo subooran kaseeraa
(उस वक्त उनसे कहा जाएगा कि) आज एक मौत को न पुकारो बल्कि बहुतेरी मौतों को पुकारो (मगर इससे भी कुछ होने वाला नहीं)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:15 🔁 0/5
قُلۡ أَذَٰلِكَ خَيۡرٌ أَمۡ جَنَّةُ ٱلۡخُلۡدِ ٱلَّتِي وُعِدَ ٱلۡمُتَّقُونَۚ كَانَتۡ لَهُمۡ جَزَآءً وَمَصِيرًا  ۝١٥
Qul azaalika khairun am Jannatul khuldil latee wu`idal muttaqoon; kaanat lahum jazaaa`anw wa maseeraa
(ऐ रसूल) तुम पूछो तो कि जहन्नुम बेहतर है या हमेशा रहने का बाग़ (बेहश्त) जिसका परहेज़गारों से वायदा किया गया है कि वह उन (के आमाल) का सिला होगा और आख़िरी ठिकाना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:16 🔁 0/5
لَّهُمۡ فِيهَا مَا يَشَآءُونَ خَٰلِدِينَۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ وَعۡدًا مَّسۡـُٔولًا  ۝١٦
Lahum feehaa maa yashaaa`oona khaalideen; kaana `alaa Rabbika wa`dam mas`oolaa
जिस चीज़ की ख्वाहिश करेंगें उनके लिए वहाँ मौजूद होगी (और) वह हमेशा (उसी हाल में) रहेंगें ये तुम्हारे परवरदिगार पर एक लाज़िमी और माँगा हुआ वायदा है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:17 🔁 0/5
وَيَوۡمَ يَحۡشُرُهُمۡ وَمَا يَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ فَيَقُولُ ءَأَنتُمۡ أَضۡلَلۡتُمۡ عِبَادِي هَٰٓؤُلَآءِ أَمۡ هُمۡ ضَلُّواْ ٱلسَّبِيلَ  ۝١٧
Wa Yawma yahshuruhum wa maa ya`budoona min doonil lahi fa yaqoolu `a-antum adlaltum `ibaadee haaa`ulaaa`i am hum dallus sabeel
और जिस दिन ख़ुदा उन लोगों को और जिनकी ये लोग ख़ुदा को छोड़कर परसतिश किया करते हैं (उनको) जमा करेगा और पूछेगा क्या तुम ही ने हमारे उन बन्दों को गुमराह कर दिया था या ये लोग खुद राह रास्ते से भटक गए थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:18 🔁 0/5
قَالُواْ سُبۡحَٰنَكَ مَا كَانَ يَنۢبَغِي لَنَآ أَن نَّتَّخِذَ مِن دُونِكَ مِنۡ أَوۡلِيَآءَ وَلَٰكِن مَّتَّعۡتَهُمۡ وَءَابَآءَهُمۡ حَتَّىٰ نَسُواْ ٱلذِّكۡرَ وَكَانُواْ قَوۡمَۢا بُورًا  ۝١٨
Qaaloo Subhaanaka maa kaana yambaghee lanaaa an nattakhiza min doonika min awliyaaa`a wa laakim matta`tahum wa aabaaa`ahum hattaa nasuz zikra wa kaanoo qawmam booraa
(उनके माबूद) अर्ज़ करेंगें- सुबहान अल्लाह (हम तो ख़ुद तेरे बन्दे थे) हमें ये किसी तरह ज़ेबा न था कि हम तुझे छोड़कर दूसरे को अपना सरपरस्त बनाते (फिर अपने को क्यों कर माबूद बनाते) मगर बात तो ये है कि तू ही ने इनको बाप दादाओं को चैन दिया-यहाँ तक कि इन लोगों ने (तेरी) याद भुला दी और ये ख़ुद हलाक होने वाले लोग थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:19 🔁 0/5
فَقَدۡ كَذَّبُوكُم بِمَا تَقُولُونَ فَمَا تَسۡتَطِيعُونَ صَرۡفًا وَلَا نَصۡرًاۚ وَمَن يَظۡلِم مِّنكُمۡ نُذِقۡهُ عَذَابًا كَبِيرًا  ۝١٩
Faqad kazzabookum bimaa taqooloona famaa tastatee`oona sarfanw wa laa nasraa; wa mai yazlim minkum nuziqhu `azaaban kabeeraa
तब (काफ़िरों से कहा जाएगा कि) तुम जो कुछ कह रहे हो उसमें तो तुम्हारे माबूदों ने तुम्हें झूठला दिया तो अब तुम न (हमारे अज़ाब के) टाल देने की सकत रखते हो न किसी से मदद ले सकते हो और (याद रखो) तुममें से जो ज़ुल्म करेगा हम उसको बड़े (सख्त) अज़ाब का (मज़ा) चखाएगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:20 🔁 0/5
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا قَبۡلَكَ مِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ إِلَّآ إِنَّهُمۡ لَيَأۡكُلُونَ ٱلطَّعَامَ وَيَمۡشُونَ فِي ٱلۡأَسۡوَاقِۗ وَجَعَلۡنَا بَعۡضَكُمۡ لِبَعۡضٍ فِتۡنَةً أَتَصۡبِرُونَۗ وَكَانَ رَبُّكَ بَصِيرًا  ۝٢٠
Wa maaa arsalnaa qablaka minal mursaleena illaaa innahum la yaakuloonat ta`aama wa yamshoona fil aswaaq; wa ja`alnaa ba`dakum liba`din fitnatan atasbiroon; wa kaana Rabbuka Baseera
और (ऐ रसूल) हमने तुम से पहले जितने पैग़म्बर भेजे वह सब के सब यक़ीनन बिला शक खाना खाते थे और बाज़ारों में चलते फिरते थे और हमने तुम में से एक को एक का (ज़रिया) आज़माइश बना दिया (मुसलमानों) क्या तुम अब भी सब्र करते हो (या नहीं) और तुम्हारा परवरदिगार (सब की) देख भाल कर रहा है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:21 🔁 0/5
۞ وَقَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡنَا ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ أَوۡ نَرَىٰ رَبَّنَاۗ لَقَدِ ٱسۡتَكۡبَرُواْ فِيٓ أَنفُسِهِمۡ وَعَتَوۡ عُتُوًّا كَبِيرًا  ۝٢١
Wa qaalal lazeena laa yarjoona liqaaa`anaa law laaa unzila `alainal malaaa`ikatu awnaraa Rabbanaa; laqadistakbaroo feee anfusihim wa `ataw `utuwwan kabeeraa
और जो लोग (क़यामत में) हमारी हुज़ूरी की उम्मीद नहीं रखते कहा करते हैं कि आख़िर फरिश्ते हमारे पास क्यों नहीं नाज़िल किए गए या हम अपने परवरदिगार को (क्यों नहीं) देखते उन लोगों ने अपने जी में अपने को (बहुत) बड़ा समझ लिया है और बड़ी सरकशी की
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:22 🔁 0/5
يَوۡمَ يَرَوۡنَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةَ لَا بُشۡرَىٰ يَوۡمَئِذٍ لِّلۡمُجۡرِمِينَ وَيَقُولُونَ حِجۡرًا مَّحۡجُورًا  ۝٢٢
Yawma yarawnal malaaa `ikata laa bushraa Yawma`izil lilmujrimeena wa yaqooloona hijram mahjooraa
जिस दिन ये लोग फरिश्तों को देखेंगे उस दिन गुनाह गारों को कुछ खुशी न होगी और फरिश्तों को देखकर कहेंगे दूर दफान
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:23 🔁 0/5
وَقَدِمۡنَآ إِلَىٰ مَا عَمِلُواْ مِنۡ عَمَلٍ فَجَعَلۡنَٰهُ هَبَآءً مَّنثُورًا  ۝٢٣
Wa qadimnaaa ilaa maa `amiloo min `amalin faja`alnaahu habaaa`am mansooraa
और उन लोगों ने (दुनिया में) जो कुछ नेक काम किए हैं हम उसकी तरफ तवज्जों करेंगें तो हम उसको (गोया) उड़ती हुई ख़ाक बनाकर (बरबाद कर) देगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:24 🔁 0/5
أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِ يَوۡمَئِذٍ خَيۡرٌ مُّسۡتَقَرًّا وَأَحۡسَنُ مَقِيلًا  ۝٢٤
As haabul jannati yawma`izin khairum mustaqar ranw wa ahsanu maqeela
उस दिन जन्नत वालों का ठिकाना भी बेहतर है बेहतर होगा और आरमगाह भी अच्छी से अच्छी
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:25 🔁 0/5
وَيَوۡمَ تَشَقَّقُ ٱلسَّمَآءُ بِٱلۡغَمَٰمِ وَنُزِّلَ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ تَنزِيلًا  ۝٢٥
Wa Yawma tashaqqaqus samaaa`u bilghamaami wa nuzzilal malaaa`ikatu tanzeela
और जिस दिन आसमान बदली के सबब से फट जाएगा और फरिश्ते कसरत से (जूक दर ज़ूक) नाज़िल किए जाएँगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:26 🔁 0/5
ٱلۡمُلۡكُ يَوۡمَئِذٍ ٱلۡحَقُّ لِلرَّحۡمَٰنِۚ وَكَانَ يَوۡمًا عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ عَسِيرًا  ۝٢٦
Almulku Yawma`izinil haqqu lir Rahmaan; wa kaana Yawman`alal kaafireena `aseeraa
उसे दिन की सल्तनल ख़ास ख़ुदा ही के लिए होगी और वह दिन काफिरों पर बड़ा सख्त होगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:27 🔁 0/5
وَيَوۡمَ يَعَضُّ ٱلظَّالِمُ عَلَىٰ يَدَيۡهِ يَقُولُ يَٰلَيۡتَنِي ٱتَّخَذۡتُ مَعَ ٱلرَّسُولِ سَبِيلًا  ۝٢٧
Wa Yawma ya`adduz zaalimu `alaa yadaihi yaqoolu yaa laitanit takhaztu ma`ar Rasooli sabeelaa
और जिस दिन जुल्म करने वाला अपने हाथ (मारे अफ़सोस के) काटने लगेगा और कहेगा काश रसूल के साथ मैं भी (दीन का सीधा) रास्ता पकड़ता
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:28 🔁 0/5
يَٰوَيۡلَتَىٰ لَيۡتَنِي لَمۡ أَتَّخِذۡ فُلَانًا خَلِيلًا  ۝٢٨
Yaa wailataa laitanee lam attakhiz fulaanan khaleelaa
हाए अफसोस काश मै फला शख्स को अपना दोस्त न बनाता
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:29 🔁 0/5
لَّقَدۡ أَضَلَّنِي عَنِ ٱلذِّكۡرِ بَعۡدَ إِذۡ جَآءَنِيۗ وَكَانَ ٱلشَّيۡطَٰنُ لِلۡإِنسَٰنِ خَذُولًا  ۝٢٩
Laqad adallanee `aniz zikri ba`da iz jaaa`anee; wa kaanash Shaitaanu lil insaani khazoolaa
बेशक यक़ीनन उसने हमारे पास नसीहत आने के बाद मुझे बहकाया और शैतान तो आदमी को रुसवा करने वाला ही है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:30 🔁 0/5
وَقَالَ ٱلرَّسُولُ يَٰرَبِّ إِنَّ قَوۡمِي ٱتَّخَذُواْ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانَ مَهۡجُورًا  ۝٣٠
Wa qaalar Rasoolu yaa Rabbi inna qawmit takhazoo haazal Qur-aana mahjooraa
और (उस वक्त) रसूल (बारगाहे ख़ुदा वन्दी में) अर्ज़ करेगें कि ऐ मेरे परवरदिगार मेरी क़ौम ने तो इस क़ुरान को बेकार बना दिया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:31 🔁 0/5
وَكَذَٰلِكَ جَعَلۡنَا لِكُلِّ نَبِيٍّ عَدُوًّا مِّنَ ٱلۡمُجۡرِمِينَۗ وَكَفَىٰ بِرَبِّكَ هَادِيًا وَنَصِيرًا  ۝٣١
Wa kazaalika ja`alnaa likulli Nabiyyin `aduwwam minal mujrimeen; wa kafaa bi Rabbika haadiyanw wa naseeraa
और हमने (गोया ख़ुद) गुनाहगारों में से हर नबी के दुश्मन बना दिए हैं और तुम्हारा परवरदिगार हिदायत और मददगारी के लिए काफी है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:32 🔁 0/5
وَقَالَ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَوۡلَا نُزِّلَ عَلَيۡهِ ٱلۡقُرۡءَانُ جُمۡلَةً وَٰحِدَةًۚ كَذَٰلِكَ لِنُثَبِّتَ بِهِۦ فُؤَادَكَۖ وَرَتَّلۡنَٰهُ تَرۡتِيلًا  ۝٣٢
Wa qaalal lazeena kafaroo law laa nuzzila `alaihil Quraanu jumlatanw waahidah; kazaalika linusabbita bihee fu`aadaka wa rattalnaahu tarteelaa
और कुफ्फार कहने लगे कि उनके ऊपर (आख़िर) क़ुरान का कुल (एक ही दफा) क्यों नहीं नाज़िल किया गया (हमने) इस तरह इसलिए (नाज़िल किया) ताकि तुम्हारे दिल को तस्कीन देते रहें और हमने इसको ठहर ठहर कर नाज़िल किया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:33 🔁 0/5
وَلَا يَأۡتُونَكَ بِمَثَلٍ إِلَّا جِئۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ وَأَحۡسَنَ تَفۡسِيرًا  ۝٣٣
Wa laa yaatoonaka bimasainn illaa ji`naaka bilhaqqi wa ahsana tafseeraa
और (ये कुफ्फार) चाहे कैसी ही (अनोखी) मसल बयान करेंगे मगर हम तुम्हारे पास (उनका) बिल्कुल ठीक और निहायत उम्दा (जवाब) बयान कर देगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:34 🔁 0/5
ٱلَّذِينَ يُحۡشَرُونَ عَلَىٰ وُجُوهِهِمۡ إِلَىٰ جَهَنَّمَ أُوْلَٰٓئِكَ شَرٌّ مَّكَانًا وَأَضَلُّ سَبِيلًا  ۝٣٤
(Allazeena yuhsharoona `alaa wujoohim ilaa jahannama ulaaa`ika sharrum makaananw wa adallu sabeelaa )section
जो लोग (क़यामत के दिन) अपने अपने मोहसिनों के बल जहन्नुम में हकाए जाएगें वही लोग बदतर जगह में होगें और सब से ज्यादा राह रास्त से भटकने वाले
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:35 🔁 0/5
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَجَعَلۡنَا مَعَهُۥٓ أَخَاهُ هَٰرُونَ وَزِيرًا  ۝٣٥
Wa laqad aatainaa Moosal Kitaaba wa ja`alnaa ma`ahooo akhaahu Haaroona wazeeraa
और अलबत्ता हमने मूसा को किताब (तौरैत) अता की और उनके साथ उनके भाई हारुन को (उनका) वज़ीर बनाया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:36 🔁 0/5
فَقُلۡنَا ٱذۡهَبَآ إِلَى ٱلۡقَوۡمِ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَا فَدَمَّرۡنَٰهُمۡ تَدۡمِيرًا  ۝٣٦
Faqulnaz habaaa ilal qawmil lazeena kazzaboo bi Aayaatinaa fadammarnaahum tadmeeraa
तो हमने कहा तुम दोनों उन लोगों के पास जा जो हमारी (कुदरत की) निशानियों को झुठलाते हैं जाओ (और समझाओ जब न माने) तो हमने उन्हें खूब बरबाद कर डाला
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:37 🔁 0/5
وَقَوۡمَ نُوحٍ لَّمَّا كَذَّبُواْ ٱلرُّسُلَ أَغۡرَقۡنَٰهُمۡ وَجَعَلۡنَٰهُمۡ لِلنَّاسِ ءَايَةًۖ وَأَعۡتَدۡنَا لِلظَّٰلِمِينَ عَذَابًا أَلِيمًا  ۝٣٧
Wa qawma Noohil lammaa kazzabur Rusula aghraqnaahum wa ja`alnaahum linnaasi Aayatanw wa a`tadnaa lizzaalimeena `azaaban aleemaa
और नूह की क़ौम को जब उन लोगों ने (हमारे) पैग़म्बरों को झुठलाया तो हमने उन्हें डुबो दिया और हमने उनको लोगों (के हैरत) की निशानी बनाया और हमने ज़ालिमों के वास्ते दर्दनाक अज़ाब तैयार कर रखा है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:38 🔁 0/5
وَعَادًا وَثَمُودَاْ وَأَصۡحَٰبَ ٱلرَّسِّ وَقُرُونَۢا بَيۡنَ ذَٰلِكَ كَثِيرًا  ۝٣٨
Wa `Aadanw Samooda wa As haabar Rassi wa quroonam baina zaalika kaseeraa
और (इसी तरह) आद और समूद और नहर वालों और उनके दरमियान में बहुत सी जमाअतों को (हमने हलाक कर डाला)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:39 🔁 0/5
وَكُلًّا ضَرَبۡنَا لَهُ ٱلۡأَمۡثَٰلَۖ وَكُلًّا تَبَّرۡنَا تَتۡبِيرًا  ۝٣٩
Wa kullandarabnaa lahul amsaala wa kullan tabbarnaa tatbeera
और हमने हर एक से मिसालें बयान कर दी थीं और (खूब समझाया) मगर न माना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:40 🔁 0/5
وَلَقَدۡ أَتَوۡاْ عَلَى ٱلۡقَرۡيَةِ ٱلَّتِيٓ أُمۡطِرَتۡ مَطَرَ ٱلسَّوۡءِۚ أَفَلَمۡ يَكُونُواْ يَرَوۡنَهَاۚ بَلۡ كَانُواْ لَا يَرۡجُونَ نُشُورًا  ۝٤٠
Wa laqad ataw `alal qaryatil lateee umtirat mataras saw`; afalam yakoonoo yarawnahaa; bal kaanoo laa yarjoona nushooraa
हमने उनको ख़ूब सत्यानास कर छोड़ा और ये लोग (कुफ्फ़ारे मक्का) उस बस्ती पर (हो) आए हैं जिस पर (पत्थरों की) बुरी बारिश बरसाई गयी तो क्या उन लोगों ने इसको देखा न होगा मगर (बात ये है कि) ये लोग मरने के बाद जी उठने की उम्मीद नहीं रखते (फिर क्यों ईमान लाएँ)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:41 🔁 0/5
وَإِذَا رَأَوۡكَ إِن يَتَّخِذُونَكَ إِلَّا هُزُوًا أَهَٰذَا ٱلَّذِي بَعَثَ ٱللَّهُ رَسُولًا  ۝٤١
Wa izaa ra awka iny yattakhizoonaka illaa huzuwan ahaazal lazee ba`asal laahu Rasoolaa
और (ऐ रसूल) ये लोग तुम्हें जब देखते हैं तो तुम से मसख़रा पन ही करने लगते हैं कि क्या यही वह (हज़रत) हैं जिन्हें अल्लाह ने रसूल बनाकर भेजा है (माज़ अल्लाह)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:42 🔁 0/5
إِن كَادَ لَيُضِلُّنَا عَنۡ ءَالِهَتِنَا لَوۡلَآ أَن صَبَرۡنَا عَلَيۡهَاۚ وَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ حِينَ يَرَوۡنَ ٱلۡعَذَابَ مَنۡ أَضَلُّ سَبِيلًا  ۝٤٢
In kaada la yudillunaa `an aalihatinaa law laaa an sabarnaa `alaihaa; wa sawfa ya`lamoona heena yarawnal `azaaba man adallu sabeela
अगर बुतों की परसतिश पर साबित क़दम न रहते तो इस शख्स ने हमको हमारे माबूदों से बहका दिया था और बहुत जल्द (क़यामत में) जब ये लोग अज़ाब को देखेंगें तो उन्हें मालूम हो जाएगा कि राहे रास्त से कौन ज्यादा भटका हुआ था
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:43 🔁 0/5
أَرَءَيۡتَ مَنِ ٱتَّخَذَ إِلَٰهَهُۥ هَوَىٰهُ أَفَأَنتَ تَكُونُ عَلَيۡهِ وَكِيلًا  ۝٤٣
Ara`aita manit takhaza ilaahahoo hawaahu afa anta takoonu `alaihi wakeelaa
क्या तुमने उस शख्स को भी देखा है जिसने अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश को अपना माबूद बना रखा है तो क्या तुम उसके ज़िम्मेदार हो सकते हो (कि वह गुमराह न हों)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:44 🔁 0/5
أَمۡ تَحۡسَبُ أَنَّ أَكۡثَرَهُمۡ يَسۡمَعُونَ أَوۡ يَعۡقِلُونَۚ إِنۡ هُمۡ إِلَّا كَٱلۡأَنۡعَٰمِ بَلۡ هُمۡ أَضَلُّ سَبِيلًا  ۝٤٤
Am tahsabu annna aksarahum yasma`oona aw ya``qiloon; in hum illaa kal an`aami bal hum adallu sabeelan
क्या ये तुम्हारा ख्याल है कि इन (कुफ्फ़ारों) में अक्सर (बात) सुनते या समझते है (नहीं) ये तो बस बिल्कुल मिसल जानवरों के हैं बल्कि उन से भी ज्यादा राह (रास्त) से भटके हुए
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:45 🔁 0/5
أَلَمۡ تَرَ إِلَىٰ رَبِّكَ كَيۡفَ مَدَّ ٱلظِّلَّ وَلَوۡ شَآءَ لَجَعَلَهُۥ سَاكِنًا ثُمَّ جَعَلۡنَا ٱلشَّمۡسَ عَلَيۡهِ دَلِيلًا  ۝٤٥
Alam tara ilaa Rabbika kaifa maddaz zilla wa law shaaa`a laja`alahoo saakinan summa ja`alnash shamsa `alaihe daleelaa
(ऐ रसूल) क्या तुमने अपने परवरदिगार की कुदरत की तरफ नज़र नहीं की कि उसने क्योंकर साये को फैला दिया अगर वह चहता तो उसे (एक ही जगह) ठहरा हुआ कर देता फिर हमने आफताब को (उसकी शिनाख्त के वास्ते) उसका रहनुमा बना दिया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:46 🔁 0/5
ثُمَّ قَبَضۡنَٰهُ إِلَيۡنَا قَبۡضًا يَسِيرًا  ۝٤٦
Summa qabadnaahu ilainaa qabdany yaseeraa
फिर हमने उसको थोड़ा थोड़ा करके अपनी तरफ खीच लिया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:47 🔁 0/5
وَهُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ لِبَاسًا وَٱلنَّوۡمَ سُبَاتًا وَجَعَلَ ٱلنَّهَارَ نُشُورًا  ۝٤٧
Wa Huwal lazee ja`ala lakumul laila libaasanw wannawma subaatanw wa ja`alan nahaara nushooraa
और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने तुम्हारे वास्ते रात को पर्दा बनाया और नींद को राहत और दिन को (कारोबार के लिए) उठ खड़ा होने का वक्त बनाया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:48 🔁 0/5
وَهُوَ ٱلَّذِيٓ أَرۡسَلَ ٱلرِّيَٰحَ بُشۡرَۢا بَيۡنَ يَدَيۡ رَحۡمَتِهِۦۚ وَأَنزَلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً طَهُورًا  ۝٤٨
Wa Huwal lazeee arsalar riyaaha bushram baina yadai rahmatih; wa anzalnaa minas samaaa`i maaa`an tahooraa
और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने अपनी रहमत (बारिश) के आगे आगे हवाओं को खुश ख़बरी देने के लिए (पेश ख़ेमा बना के) भेजा और हम ही ने आसमान से बहुत पाक और सुथरा हुआ पानी बरसाया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:49 🔁 0/5
لِّنُحۡـِۧيَ بِهِۦ بَلۡدَةً مَّيۡتًا وَنُسۡقِيَهُۥ مِمَّا خَلَقۡنَآ أَنۡعَٰمًا وَأَنَاسِيَّ كَثِيرًا  ۝٤٩
Linuhyiya bihee balda tam maitanw wa nusqiyahoo mimmaa khalaqnaaa an`aa manw wa anaasiyya kaseeraa
ताकि हम उसके ज़रिए से मुर्दा (वीरान) शहर को ज़िन्दा (आबाद) कर दें और अपनी मख़लूकात में से चौपायों और बहुत से आदमियों को उससे सेराब करें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:50 🔁 0/5
وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَٰهُ بَيۡنَهُمۡ لِيَذَّكَّرُواْ فَأَبَىٰٓ أَكۡثَرُ ٱلنَّاسِ إِلَّا كُفُورًا  ۝٥٠
Wa laqad sarrafnaahu bainahum li yazzakkaroo fa abaaa aksarun naasi illaa kufooraa
और हमने पानी को उनके दरमियान (तरह तरह से) तक़सीम किया ताकि लोग नसीहत हासिल करें मगर अक्सर लोगों ने नाशुक्री के सिवा कुछ न माना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:51 🔁 0/5
وَلَوۡ شِئۡنَا لَبَعَثۡنَا فِي كُلِّ قَرۡيَةٍ نَّذِيرًا  ۝٥١
Wa law shi`naa laba`asnaa fee kulli qar yatin nazeeraa
और अगर हम चाहते तो हर बस्ती में ज़रुर एक (अज़ाबे ख़ुदा से) डराने वाला पैग़म्बर भेजते
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:52 🔁 0/5
فَلَا تُطِعِ ٱلۡكَٰفِرِينَ وَجَٰهِدۡهُم بِهِۦ جِهَادًا كَبِيرًا  ۝٥٢
Falaa tuti`il kaafireena wa jaahidhum bihee jihaadan kabeeraa
(तो ऐ रसूल) तुम काफिरों की इताअत न करना और उनसे कुरान के (दलाएल) से खूब लड़ों
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:53 🔁 0/5
۞ وَهُوَ ٱلَّذِي مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ هَٰذَا عَذۡبٌ فُرَاتٌ وَهَٰذَا مِلۡحٌ أُجَاجٌ وَجَعَلَ بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخًا وَحِجۡرًا مَّحۡجُورًا  ۝٥٣
Wa Huwal lazee marajal bahraini haazaa `azbun furaatunw wa haazaa milhun ujaaj; wa ja`ala bainahumaa barzakhanw wa hijram mahjooraa
और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने दरयाओं को आपस में मिला दिया (और बावजूद कि) ये खालिस मज़ेदार मीठा है और ये बिल्कुल खारी कड़वा (मगर दोनों को मिलाया) और दोनों के दरमियान एक आड़ और मज़बूत ओट बना दी है (कि गड़बड़ न हो)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:54 🔁 0/5
وَهُوَ ٱلَّذِي خَلَقَ مِنَ ٱلۡمَآءِ بَشَرًا فَجَعَلَهُۥ نَسَبًا وَصِهۡرًاۗ وَكَانَ رَبُّكَ قَدِيرًا  ۝٥٤
Wa Huwal lazee khalaqa minal maaa`i basharran fa ja`alahoo nasaban wa sihraa; wa kaana Rabbuka Qadeeraa
और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने पानी (मनी) से आदमी को पैदा किया फिर उसको ख़ानदान और सुसराल वाला बनाया और (ऐ रसूल) तुम्हारा परवरदिगार हर चीज़ पर क़ादिर है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:55 🔁 0/5
وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُهُمۡ وَلَا يَضُرُّهُمۡۗ وَكَانَ ٱلۡكَافِرُ عَلَىٰ رَبِّهِۦ ظَهِيرًا  ۝٥٥
Wa ya`budoona min doonil laahi maa laa yanfa`uhum wa laa yadurruhum; wa kaanal kaafiru `alaa Rabbihee zaheeraa
और लोग (कुफ्फ़ारे मक्का) ख़ुदा को छोड़कर उस चीज़ की परसतिश करते हैं जो न उन्हें नफा ही दे सकती है और न नुक़सान ही पहुँचा सकती है और काफिर (अबूजहल) तो हर वक्त अपने परवरदिगार की मुख़ालेफत पर ज़ोर लगाए हुए है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:56 🔁 0/5
وَمَآ أَرۡسَلۡنَٰكَ إِلَّا مُبَشِّرًا وَنَذِيرًا  ۝٥٦
Wa maa arsalnaaka illaa mubashshiranw wa nazeeraa
और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको बस (नेकी को जन्नत की) खुशख़बरी देने वाला और (बुरों को अज़ाब से) डराने वाला बनाकर भेजा है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:57 🔁 0/5
قُلۡ مَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍ إِلَّا مَن شَآءَ أَن يَتَّخِذَ إِلَىٰ رَبِّهِۦ سَبِيلًا  ۝٥٧
Qul maaa as`alukum `alaihi min ajrin illaa man shaaa`a ai yattakhiza ilaa Rabbihee sabeelaa
और उन लोगों से तुम कह दो कि मै इस (तबलीगे रिसालत) पर तुमसे कुछ मज़दूरी तो माँगता नहीं हूँ मगर तमन्ना ये है कि जो चाहे अपने परवरदिगार तक पहुँचने की राह पकडे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:58 🔁 0/5
وَتَوَكَّلۡ عَلَى ٱلۡحَيِّ ٱلَّذِي لَا يَمُوتُ وَسَبِّحۡ بِحَمۡدِهِۦۚ وَكَفَىٰ بِهِۦ بِذُنُوبِ عِبَادِهِۦ خَبِيرًا  ۝٥٨
Wa tawakkal `alal Haiyil lazee laa yamootu wa sabbih bihamdih; wa kafaa bihee bizunoobi `ibaadihee khabeeraa
और (ऐ रसूल) तुम उस (ख़ुदा) पर भरोसा रखो जो ऐसा ज़िन्दा है कि कभी नहीं मरेगा और उसकी हम्द व सना की तस्बीह पढ़ो और वह अपने बन्दों के गुनाहों की वाक़िफ कारी में काफी है (वह ख़ुद समझ लेगा)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:59 🔁 0/5
ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ وَمَا بَيۡنَهُمَا فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ ٱلرَّحۡمَٰنُ فَسۡـَٔلۡ بِهِۦ خَبِيرًا  ۝٥٩
Allazee khalaqas samaawaati wal arda wa maa bainahumaa fee sittati aiyaamin summmmastawaa `alal `Arsh; ar Rahmaanu fas`al bihee khabeeraa
जिसने सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ उन दोनों में है छह: दिन में पैदा किया फिर अर्श (के बनाने) पर आमादा हुआ और वह बड़ा मेहरबान है तो तुम उसका हाल किसी बाख़बर ही से पूछना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:60 🔁 0/5
وَإِذَا قِيلَ لَهُمُ ٱسۡجُدُواْۤ لِلرَّحۡمَٰنِ قَالُواْ وَمَا ٱلرَّحۡمَٰنُ أَنَسۡجُدُ لِمَا تَأۡمُرُنَا وَزَادَهُمۡ نُفُورًا۩  ۝٦٠
Wa izaa qeela lahumus judoo lir Rahmaani qaaloo wa mar Rahmaanu anasjudu limaa taamurunaa wa zaadahum nufooraa
और जब उन कुफ्फारों से कहा जाता है कि रहमान (ख़ुदा) को सजदा करो तो कहते हैं कि रहमान क्या चीज़ है तुम जिसके लिए कहते हो हम उस का सजदा करने लगें और (इससे) उनकी नफरत और बढ़ जाती है (60) सजदा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:61 🔁 0/5
تَبَارَكَ ٱلَّذِي جَعَلَ فِي ٱلسَّمَآءِ بُرُوجًا وَجَعَلَ فِيهَا سِرَٰجًا وَقَمَرًا مُّنِيرًا  ۝٦١
Tabaarakal lazee ja`ala fis samaaa`i buroojanw wa ja`ala feehaa siraajanw wa qamaram muneeraa
बहुत बाबरकत है वह ख़ुदा जिसने आसमान में बुर्ज बनाए और उन बुर्जों में (आफ़ताब का) चिराग़ और जगमगाता चाँद बनाया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:62 🔁 0/5
وَهُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ ٱلَّيۡلَ وَٱلنَّهَارَ خِلۡفَةً لِّمَنۡ أَرَادَ أَن يَذَّكَّرَ أَوۡ أَرَادَ شُكُورًا  ۝٦٢
Wa huwal lazee ja`alal laila wannahaara khilfatal liman araada ai yazzakkara aw araadaa shookooraa
और वही तो वह (ख़ुदा) है जिसने रात और दिन (एक) को (एक का) जानशीन बनाया (ये) उस के (समझने के) लिए है जो नसीहत हासिल करना चाहे या शुक्र गुज़ारी का इरादा करें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:63 🔁 0/5
وَعِبَادُ ٱلرَّحۡمَٰنِ ٱلَّذِينَ يَمۡشُونَ عَلَى ٱلۡأَرۡضِ هَوۡنًا وَإِذَا خَاطَبَهُمُ ٱلۡجَٰهِلُونَ قَالُواْ سَلَٰمًا  ۝٦٣
Wa `ibaadur Rahmaanil lazeena yamshoona `alal ardi hawnanw wa izaa khaata bahumul jaahiloona qaaloo salaamaa
और (ख़ुदाए) रहमान के ख़ास बन्दे तो वह हैं जो ज़मीन पर फिरौतनी के साथ चलते हैं और जब जाहिल उनसे (जिहालत) की बात करते हैं तो कहते हैं कि सलाम (तुम सलामत रहो)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:64 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ يَبِيتُونَ لِرَبِّهِمۡ سُجَّدًا وَقِيَٰمًا  ۝٦٤
Wallazeena yabeetoona li Rabbihim sujjadanw wa qiyaamaa
और वह लोग जो अपने परवरदिगार के वास्ते सज़दे और क़याम में रात काट देते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:65 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا ٱصۡرِفۡ عَنَّا عَذَابَ جَهَنَّمَۖ إِنَّ عَذَابَهَا كَانَ غَرَامًا  ۝٦٥
Wallazeena yaqooloona Rabbanas rif `annnaa `azaaba Jahannama inn `azaabahaa kaana gharaamaa
और वह लोग जो दुआ करते हैं कि परवरदिगारा हम से जहन्नुम का अज़ाब फेरे रहना क्योंकि उसका अज़ाब बहुत (सख्त और पाएदार होगा)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:66 🔁 0/5
إِنَّهَا سَآءَتۡ مُسۡتَقَرًّا وَمُقَامًا  ۝٦٦
Innahaa saaa`at mustaqarranw wa muqaamaa
बेशक वह बहुत बुरा ठिकाना और बुरा मक़ाम है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:67 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ إِذَآ أَنفَقُواْ لَمۡ يُسۡرِفُواْ وَلَمۡ يَقۡتُرُواْ وَكَانَ بَيۡنَ ذَٰلِكَ قَوَامًا  ۝٦٧
Wallazeena izaaa anfaqoo lam yusrifoo wa lam yaqturoo wa kaana baina zaalika qawaamaa
और वह लोग कि जब खर्च करते हैं तो न फुज़ूल ख़र्ची करते हैं और न तंगी करते हैं और उनका ख़र्च उसके दरमेयान औसत दर्जे का रहता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:68 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ لَا يَدۡعُونَ مَعَ ٱللَّهِ إِلَٰهًا ءَاخَرَ وَلَا يَقۡتُلُونَ ٱلنَّفۡسَ ٱلَّتِي حَرَّمَ ٱللَّهُ إِلَّا بِٱلۡحَقِّ وَلَا يَزۡنُونَۚ وَمَن يَفۡعَلۡ ذَٰلِكَ يَلۡقَ أَثَامًا  ۝٦٨
Wallazeena laa yad`oona ma`al laahi ilaahan aakhara wa laa yaqtuloonan nafsal latee harramal laahu illaa bilhaqqi wa laa yaznoon; wa mai yaf`al zaalika yalqa asaamaa
और वह लोग जो ख़ुदा के साथ दूसरे माबूदों की परसतिश नही करते और जिस जान के मारने को ख़ुदा ने हराम कर दिया है उसे नाहक़ क़त्ल नहीं करते और न ज़िना करते हैं और जो शख्स ऐसा करेगा वह आप अपने गुनाह की सज़ा भुगतेगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:69 🔁 0/5
يُضَٰعَفۡ لَهُ ٱلۡعَذَابُ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ وَيَخۡلُدۡ فِيهِۦ مُهَانًا  ۝٦٩
Yudaa`af lahul `azaabu Yawmal Qiyaamati wa yakhlud feehee muhaanaa
कि क़यामत के दिन उसके लिए अज़ाब दूना कर दिया जाएगा और उसमें हमेशा ज़लील व ख़वार रहेगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:70 🔁 0/5
إِلَّا مَن تَابَ وَءَامَنَ وَعَمِلَ عَمَلًا صَٰلِحًا فَأُوْلَٰٓئِكَ يُبَدِّلُ ٱللَّهُ سَيِّـَٔاتِهِمۡ حَسَنَٰتٍۗ وَكَانَ ٱللَّهُ غَفُورًا رَّحِيمًا  ۝٧٠
Illaa man taaba wa `aamana wa `amila `amalan saalihan fa ulaaa`ika yubad dilul laahu saiyi aatihim hasanaat; wa kaanal laahu Ghafoorar Raheemaa
मगर (हाँ) जिस शख्स ने तौबा की और ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए तो (अलबत्ता) उन लोगों की बुराइयों को ख़ुदा नेकियों से बदल देगा और ख़ुदा तो बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:71 🔁 0/5
وَمَن تَابَ وَعَمِلَ صَٰلِحًا فَإِنَّهُۥ يَتُوبُ إِلَى ٱللَّهِ مَتَابًا  ۝٧١
Wa man taaba wa `amila saalihan fa innnahoo yatoobu ilal laahi mataabaa
और जिस शख्स ने तौबा कर ली और अच्छे अच्छे काम किए तो बेशक उसने ख़ुदा की तरफ (सच्चे दिल से) हक़ीकक़तन रुजु की
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:72 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ لَا يَشۡهَدُونَ ٱلزُّورَ وَإِذَا مَرُّواْ بِٱللَّغۡوِ مَرُّواْ كِرَامًا  ۝٧٢
Wallazeena laa yash hadoonaz zoora wa izaa marroo billaghwi marroo kiraamaa
और वह लोग जो फरेब के पास ही नही खड़े होते और वह लोग जब किसी बेहूदा काम के पास से गुज़रते हैं तो बुर्ज़ुगाना अन्दाज़ से गुज़र जाते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:73 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ إِذَا ذُكِّرُواْ بِـَٔايَٰتِ رَبِّهِمۡ لَمۡ يَخِرُّواْ عَلَيۡهَا صُمًّا وَعُمۡيَانًا  ۝٧٣
Wallazeena izaa zukkiroo bi Aayaati Rabbihim lam yakhirroo `alaihaa summanw wa`umyaanaa
और वह लोग कि जब उन्हें उनके परवरदिगार की आयतें याद दिलाई जाती हैं तो बहरे अन्धें होकर गिर नहीं पड़ते बल्कि जी लगाकर सुनते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:74 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ يَقُولُونَ رَبَّنَا هَبۡ لَنَا مِنۡ أَزۡوَٰجِنَا وَذُرِّيَّٰتِنَا قُرَّةَ أَعۡيُنٍ وَٱجۡعَلۡنَا لِلۡمُتَّقِينَ إِمَامًا  ۝٧٤
Wallazeena yaqooloona Rabbanaa hab lanaa min azwaajinaa wa zurriyaatinaa qurrata a`yuninw waj `alnaa lilmuttaqeena Imaamaa
और वह लोग जो (हमसे) अर्ज़ करते हैं कि परवरदिगार हमें हमारी बीबियों और औलादों की तरफ से ऑंखों की ठन्डक अता फरमा और हमको परहेज़गारों का पेशवा बना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:75 🔁 0/5
أُوْلَٰٓئِكَ يُجۡزَوۡنَ ٱلۡغُرۡفَةَ بِمَا صَبَرُواْ وَيُلَقَّوۡنَ فِيهَا تَحِيَّةً وَسَلَٰمًا  ۝٧٥
Ulaaa`ika yujzawnal ghurfata bimaa sabaroo wa yulaqqawna feehaa tahiyyatanw wa salaamaa
ये वह लोग हैं जिन्हें उनकी जज़ा में (बेहश्त के) बाला ख़ाने अता किए जाएँगें और वहाँ उन्हें ताज़ीम व सलाम (का बदला) पेश किया जाएगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:76 🔁 0/5
خَٰلِدِينَ فِيهَاۚ حَسُنَتۡ مُسۡتَقَرًّا وَمُقَامًا  ۝٧٦
Khaalideena feehaa; hasunat mustaqarranw wa muqaamaa
ये लोग उसी में हमेशा रहेंगें और वह रहने और ठहरने की अच्छी जगह है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
25:77 🔁 0/5
قُلۡ مَا يَعۡبَؤُاْ بِكُمۡ رَبِّي لَوۡلَا دُعَآؤُكُمۡۖ فَقَدۡ كَذَّبۡتُمۡ فَسَوۡفَ يَكُونُ لِزَامَۢا  ۝٧٧
Qul maa ya`ba`u bikum Rabbee law laa du`aaa`ukum faqad kazzabtum fasawfa yakoonu lizaamaa
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि अगर दुआ नही किया करते तो मेरा परवरदिगार भी तुम्हारी कुछ परवाह नही करता तुमने तो (उसके रसूल को) झुठलाया तो अन क़रीब ही (उसका वबाल) तुम्हारे सर पडेग़ा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
💡 किसी छुपे शब्द को टैप करें ताकि वह अस्थायी रूप से दिखे — आपकी प्रगति अपने आप सहेजी जाती है।

🎉
🎊 शाबाश! याद पूरी हुई
Mishary Rashid Alafasy
Mahmoud Khalil Al-Husary
Abdurrahman As-Sudais
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
Abdul Basit Abdul Samad
Ali Al-Hudhaify
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
Abu Bakr Ash-Shaatree
Muhammad Ayyoub
Abdullah Basfar
Abdullah Al-Juhani
Maher Al Muaiqly
0:00
0:00
-

पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए