सूरा अल-फज्र अरबी और हिंदी
सूरा अल-फज्र को पूरे हिंदी अनुवाद, उच्चारण और ऑडियो तिलावत के साथ पढ़ें। आयत-दर-आयत हिंदी अर्थ। (30 आयत — مكية). अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf.सूरा अल-फज्र पढ़ें और सुनें
🎧 आयत
M
Mishary Rashid Alafasy
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Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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A
Abdurrahman As-Sudais
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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A
Abdul Basit Abdul Samad
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ali Al-Hudhaify
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A
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Basfar
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A
Abdullah Al-Juhani
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Abdullah Al-Juhani
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M
Maher Al Muaiqly
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Maher Al Muaiqly
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—
x1
هَلْ فِي ذَٰلِكَ قَسَمٌ لِّذِي حِجْرٍ ٥
📖 अनुवाद
आयत 5
अक्लमन्द के वास्ते तो ज़रूर बड़ी क़सम है (कि कुफ्फ़ार पर ज़रूर अज़ाब होगा)
أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِعَادٍ ٦
📖 अनुवाद
आयत 6
क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे आद के साथ क्या किया
الَّتِي لَمْ يُخْلَقْ مِثْلُهَا فِي الْبِلَادِ ٨
📖 अनुवाद
आयत 8
जिनका मिसल तमाम (दुनिया के) शहरों में कोई पैदा ही नहीं किया गया
وَثَمُودَ الَّذِينَ جَابُوا الصَّخْرَ بِالْوَادِ ٩
📖 अनुवाद
आयत 9
और समूद के साथ (क्या किया) जो वादी (क़रा) में पत्थर तराश कर घर बनाते थे
وَفِرْعَوْنَ ذِي الْأَوْتَادِ ١٠
📖 अनुवाद
आयत 10
और फिरऔन के साथ (क्या किया) जो (सज़ा के लिए) मेख़े रखता था
فَصَبَّ عَلَيْهِمْ رَبُّكَ سَوْطَ عَذَابٍ ١٣
📖 अनुवाद
आयत 13
तो तुम्हारे परवरदिगार ने उन पर अज़ाब का कोड़ा लगाया
فَأَمَّا الْإِنسَانُ إِذَا مَا ابْتَلَاهُ رَبُّهُ فَأَكْرَمَهُ وَنَعَّمَهُ فَيَقُولُ رَبِّي أَكْرَمَنِ ١٥
📖 अनुवाद
आयत 15
लेकिन इन्सान जब उसको उसका परवरदिगार (इस तरह) आज़माता है कि उसको इज्ज़त व नेअमत देता है, तो कहता है कि मेरे परवरदिगार ने मुझे इज्ज़त दी है
وَأَمَّا إِذَا مَا ابْتَلَاهُ فَقَدَرَ عَلَيْهِ رِزْقَهُ فَيَقُولُ رَبِّي أَهَانَنِ ١٦
📖 अनुवाद
आयत 16
मगर जब उसको (इस तरह) आज़माता है कि उस पर रोज़ी को तंग कर देता है बोल उठता है कि मेरे परवरदिगार ने मुझे ज़लील किया
كَلَّا ۖ بَل لَّا تُكْرِمُونَ الْيَتِيمَ ١٧
📖 अनुवाद
आयत 17
हरगिज़ नहीं बल्कि तुम लोग न यतीम की ख़ातिरदारी करते हो
وَلَا تَحَاضُّونَ عَلَىٰ طَعَامِ الْمِسْكِينِ ١٨
📖 अनुवाद
आयत 18
और न मोहताज को खाना खिलाने की तरग़ीब देते हो
وَتَأْكُلُونَ التُّرَاثَ أَكْلًا لَّمًّا ١٩
📖 अनुवाद
आयत 19
और मीरारा के माल (हलाल व हराम) को समेट कर चख जाते हो
كَلَّا إِذَا دُكَّتِ الْأَرْضُ دَكًّا دَكًّا ٢١
📖 अनुवाद
आयत 21
सुन रखो कि जब ज़मीन कूट कूट कर रेज़ा रेज़ा कर दी जाएगी
وَجَاءَ رَبُّكَ وَالْمَلَكُ صَفًّا صَفًّا ٢٢
📖 अनुवाद
आयत 22
और तुम्हारे परवरदिगार का हुक्म और फ़रिश्ते कतार के कतार आ जाएँगे
وَجِيءَ يَوْمَئِذٍ بِجَهَنَّمَ ۚ يَوْمَئِذٍ يَتَذَكَّرُ الْإِنسَانُ وَأَنَّىٰ لَهُ الذِّكْرَىٰ ٢٣
📖 अनुवाद
आयत 23
और उस दिन जहन्नुम सामने कर दी जाएगी उस दिन इन्सान चौंकेगा मगर अब चौंकना कहाँ (फ़ायदा देगा)
يَقُولُ يَا لَيْتَنِي قَدَّمْتُ لِحَيَاتِي ٢٤
📖 अनुवाद
आयत 24
(उस वक्त) क़हेगा कि काश मैने अपनी (इस) ज़िन्दगी के वास्ते कुछ पहले भेजा होता
فَيَوْمَئِذٍ لَّا يُعَذِّبُ عَذَابَهُ أَحَدٌ ٢٥
📖 अनुवाद
आयत 25
तो उस दिन ख़ुदा ऐसा अज़ाब करेगा कि किसी ने वैसा अज़ाब न किया होगा
يَا أَيَّتُهَا النَّفْسُ الْمُطْمَئِنَّةُ ٢٧
📖 अनुवाद
आयत 27
(और कुछ लोगों से कहेगा) ऐ इत्मेनान पाने वाली जान
ارْجِعِي إِلَىٰ رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةً ٢٨
📖 अनुवाद
आयत 28
अपने परवरदिगार की तरफ़ चल तू उससे ख़ुश वह तुझ से राज़ी
पढ़ें सूरा अल-फज्र हिंदी अनुवाद – अरबी पाठ और ऑडियो
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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