🔥 0 दिन लगातार
📖 लंबी सूरह — छोटे भागों में बांटी गई (109 आयत)
📚 सभी सूरह
30%
🎤 अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करने के लिए किसी भी आयत के पास माइक्रोफ़ोन आइकन 🎙️ दबाएं, फिर सुनें और क़ारी से तुलना करें।
0/109
10:1 🔁 0/5
الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡحَكِيمِ  ۝١
Alif-Laaam-Raa; tilka Aayaatul Kitaabil Hakeem
अलिफ़ लाम रा ये आयतें उस किताब की हैं जो अज़सरतापा (सर से पैर तक) हिकमत से मलूउ (भरी) है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:2 🔁 0/5
أَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا أَنۡ أَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰ رَجُلٍ مِّنۡهُمۡ أَنۡ أَنذِرِ ٱلنَّاسَ وَبَشِّرِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوٓاْ أَنَّ لَهُمۡ قَدَمَ صِدۡقٍ عِندَ رَبِّهِمۡۗ قَالَ ٱلۡكَٰفِرُونَ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٌ مُّبِينٌ  ۝٢
A kaana linnaasi `aaban an awhainaaa ilaa rajulim minhum an anzirin naasa wa bashshiril lazeena aamanoo anna lahum qadama sidqin `inda Rabbihim; qaalal kaafiroona inna haaza lasaahirum mubeen
क्या लोगों को इस बात से बड़ा ताज्जुब हुआ कि हमने उन्हीं लोगों में से एक आदमी के पास वही भेजी कि (बे ईमान) लोगों को डराओ और ईमानदारो को इसकी ख़ुश ख़बरी सुना दो कि उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में बुलन्द दर्जे है (मगर) कुफ्फार (उन आयतों को सुनकर) कहने लगे कि ये (शख्स तो यक़ीनन सरीही जादूगर) है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:3 🔁 0/5
إِنَّ رَبَّكُمُ ٱللَّهُ ٱلَّذِي خَلَقَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰ عَلَى ٱلۡعَرۡشِۖ يُدَبِّرُ ٱلۡأَمۡرَۖ مَا مِن شَفِيعٍ إِلَّا مِنۢ بَعۡدِ إِذۡنِهِۦۚ ذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمۡ فَٱعۡبُدُوهُۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ  ۝٣
Inna Rabbakumul laahul lazee khalaqas samaawaati wal arda fee sittati aiyaamin summas tawaa `alal `Arshi yudabbirul amra maa min shafee`in illaa mim ba`di iznih; zalikumul laahu Rabbukum fa`budooh; afalaa tazakkaroon
इसमें तो शक़ ही नहीं कि तुमरा परवरदिगार वही ख़ुदा है जिसने सारे आसमान व ज़मीन को 6 दिन में पैदा किया फिर उसने अर्श को बुलन्द किया वही हर काम का इन्तज़ाम करता है (उसके सामने) कोई (किसी का) सिफारिशी नहीं (हो सकता) मगर उसकी इजाज़त के बाद वही ख़ुदा तो तुम्हारा परवरदिगार है तो उसी की इबादत करो तो क्या तुम अब भी ग़ौर नही करते
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:4 🔁 0/5
إِلَيۡهِ مَرۡجِعُكُمۡ جَمِيعًاۖ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقًّاۚ إِنَّهُۥ يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥ لِيَجۡزِيَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ بِٱلۡقِسۡطِۚ وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ لَهُمۡ شَرَابٌ مِّنۡ حَمِيمٍ وَعَذَابٌ أَلِيمُۢ بِمَا كَانُواْ يَكۡفُرُونَ  ۝٤
Ilaihi marji`ukum jamee `anw wa`dal laahi haqqaa; innahoo yabda`ul khalqa summa yu`eeduhoo liyajziyal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati bilqist; wallazeena kafaroo lahum sharaabum min hamee minw wa `azaabun aleemum bimaa kaanoo yakfuroon
तुम सबको (आख़िर) उसी की तरफ लौटना है ख़ुदा का वायदा सच्चा है वही यक़ीनन मख़लूक को पहली मरतबा पैदा करता है फिर (मरने के बाद) वही दुबारा जिन्दा करेगा ताकि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उनको इन्साफ के साथ जज़ाए (ख़ैर) अता फरमाएगा और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया उन के लिए उनके कुफ्र की सज़ा में पीने को खौलता हुआ पानी और दर्दनाक अज़ाब होगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:5 🔁 0/5
هُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ ٱلشَّمۡسَ ضِيَآءً وَٱلۡقَمَرَ نُورًا وَقَدَّرَهُۥ مَنَازِلَ لِتَعۡلَمُواْ عَدَدَ ٱلسِّنِينَ وَٱلۡحِسَابَۚ مَا خَلَقَ ٱللَّهُ ذَٰلِكَ إِلَّا بِٱلۡحَقِّۚ يُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٍ يَعۡلَمُونَ  ۝٥
Huwal lazee ja`alash shamsa diyaaa`anw walqamara nooranw wa qaddarahoo manaaz zila lita`lamoo `adadas sineena walhisaab; maa khalaqal laahu zaalika illa bilhaqq; yufassilul aayaati liqawminw ya`lamoon
वही वह (ख़ुदाए क़ादिर) है जिसने आफ़ताब को चमकदार और महताब को रौशन बनाया और उसकी मंज़िलें मुक़र्रर की ताकि तुम लोग बरसों की गिनती और हिसाब मालूम करो ख़ुदा ने उसे हिकमत व मसलहत से बनाया है वह (अपनी) आयतों का वाक़िफ़कार लोगों के लिए तफ़सीलदार बयान करता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:6 🔁 0/5
إِنَّ فِي ٱخۡتِلَٰفِ ٱلَّيۡلِ وَٱلنَّهَارِ وَمَا خَلَقَ ٱللَّهُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ لَأٓيَٰتٍ لِّقَوۡمٍ يَتَّقُونَ  ۝٦
Inna fikh tilaafil laili wannahaari wa maa khalaqal laahu fis samaawaati wal ardi la Aayaatil liqawminy yattaqoon
इसमें ज़रा भी शक़ नहीं कि रात दिन के उलट फेर में और जो कुछ ख़ुदा ने आसमानों और ज़मीन में बनाया है (उसमें) परहेज़गारों के वास्ते बहुतेरी निशानियाँ हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:7 🔁 0/5
إِنَّ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا وَرَضُواْ بِٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَٱطۡمَأَنُّواْ بِهَا وَٱلَّذِينَ هُمۡ عَنۡ ءَايَٰتِنَا غَٰفِلُونَ  ۝٧
Innal lazeena laa yarjoona liqaaa`anaa wa radoo bilhayaatid dunyaa watma annoo bihaa wallazeena hum `an Aayaatinaa ghaafiloon
इसमें भी शक़ नहीं कि जिन लोगों को (क़यामत में) हमारी (बारगाह की) हुज़ूरी का ठिकाना नहीं और दुनिया की (चन्द रोज़) ज़िन्दगी से निहाल हो गए और उसी पर चैन से बैठे हैं और जो लोग हमारी आयतों से ग़ाफिल हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:8 🔁 0/5
أُوْلَٰٓئِكَ مَأۡوَىٰهُمُ ٱلنَّارُ بِمَا كَانُواْ يَكۡسِبُونَ  ۝٨
Ulaaa`ika maawaahumun Naaru bimaa kaanoo yaksiboon
यही वह लोग हैं जिनका ठिकाना उनकी करतूत की बदौलत जहन्नुम है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:9 🔁 0/5
إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ يَهۡدِيهِمۡ رَبُّهُم بِإِيمَٰنِهِمۡۖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمُ ٱلۡأَنۡهَٰرُ فِي جَنَّٰتِ ٱلنَّعِيمِ  ۝٩
Innal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati yahdeehim Rabbuhum bi eemaanihim tajree min tahtihimul anhaaru fee jannaatin Na`eem
बेशक जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उन्हें उनका परवरदिगार उनके ईमान के सबब से मंज़िल मक़सूद तक पहुँचा देगा कि आराम व आसाइश के बाग़ों में (रहेगें) और उन के नीचे नहरें जारी होगी
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:10 🔁 0/5
دَعۡوَىٰهُمۡ فِيهَا سُبۡحَٰنَكَ ٱللَّهُمَّ وَتَحِيَّتُهُمۡ فِيهَا سَلَٰمٌۚ وَءَاخِرُ دَعۡوَىٰهُمۡ أَنِ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝١٠
Da`waahum feehaa Subbaanakal laahumma wa tahiyyatuhum feehaa salaam; wa aakhiru da`waahum anil hamdu lillaahi Rabbil `aalameen
उन बाग़ों में उन लोगों का बस ये कौल होगा ऐ ख़ुदा तू पाक व पाकीज़ा है और उनमें उनकी बाहमी (आपसी) खैरसलाही (मुलाक़ात) सलाम से होगी और उनका आख़िरी क़ौल ये होगा कि सब तारीफ ख़ुदा ही को सज़ावार है जो सारे जहाँन का पालने वाला है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:11 🔁 0/5
۞ وَلَوۡ يُعَجِّلُ ٱللَّهُ لِلنَّاسِ ٱلشَّرَّ ٱسۡتِعۡجَالَهُم بِٱلۡخَيۡرِ لَقُضِيَ إِلَيۡهِمۡ أَجَلُهُمۡۖ فَنَذَرُ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا فِي طُغۡيَٰنِهِمۡ يَعۡمَهُونَ  ۝١١
Wa law yu`aijilul laahu linnaasish sharras ti`jaalahum bilkhairi laqudiya ilaihim ajaluhum fanazarul lazeena laa yarjoona liqaaa`anna fee tughyaanihim ya`mahoon
और जिस तरह लोग अपनी भलाई के लिए जल्दी कर बैठे हैं उसी तरह अगर ख़ुदा उनकी शरारतों की सज़ा में बुराई में जल्दी कर बैठता है तो उनकी मौत उनके पास कब की आ चुकी होती मगर हम तो उन लोगों को जिन्हें (मरने के बाद) हमारी हुज़ूरी का खटका नहीं छोड़ देते हैं कि वह अपनी सरकशी में आप सरग़िरदा रहें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:12 🔁 0/5
وَإِذَا مَسَّ ٱلۡإِنسَٰنَ ٱلضُّرُّ دَعَانَا لِجَنۢبِهِۦٓ أَوۡ قَاعِدًا أَوۡ قَآئِمًا فَلَمَّا كَشَفۡنَا عَنۡهُ ضُرَّهُۥ مَرَّ كَأَن لَّمۡ يَدۡعُنَآ إِلَىٰ ضُرٍّ مَّسَّهُۥۚ كَذَٰلِكَ زُيِّنَ لِلۡمُسۡرِفِينَ مَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ  ۝١٢
Wa izaa massal insaanad durru da`aanaa lijambiheee aw qaa`idan aw qaaa`iman falammaa kashafnaa `anhu durrahoo marra ka al lam yad`unaaa ilaa durrim massah; kazaalika zuyyina lilmusrifeena maa kaanoo ya`maloon
और इन्सान को जब कोई नुकसान छू भी गया तो अपने पहलू पर (लेटा हो) या बैठा हो या ख़ड़ा (गरज़ हर हालत में) हम को पुकारता है फिर जब हम उससे उसकी तकलीफ को दूर कर देते है तो ऐसा खिसक जाता है जैसे उसने तकलीफ के (दफा करने के) लिए जो उसको पहुँचती थी हमको पुकारा ही न था जो लोग ज्यादती करते हैं उनकी कारस्तानियाँ यूँ ही उन्हें अच्छी कर दिखाई गई हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:13 🔁 0/5
وَلَقَدۡ أَهۡلَكۡنَا ٱلۡقُرُونَ مِن قَبۡلِكُمۡ لَمَّا ظَلَمُواْ وَجَآءَتۡهُمۡ رُسُلُهُم بِٱلۡبَيِّنَٰتِ وَمَا كَانُواْ لِيُؤۡمِنُواْۚ كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡقَوۡمَ ٱلۡمُجۡرِمِينَ  ۝١٣
Wa laqad ahlaknal quroona min qablikum lammaa zalamoo wa jaaa`at hum Rusuluhum bil baiyinaati wa maa kaanoo liyu`minoo; kazaalika najzil qawmal mujrimeen
और तुमसे पहली उम्मत वालों को जब उन्होंने शरारत की तो हम ने उन्हें ज़रुर हलाक कर डाला हालॉकि उनके (वक्त क़े) रसूल वाजेए व रौशन मोज़िज़ात लेकर आ चुके थे और वह लोग ईमान (न लाना था) न लाए हम गुनेहगार लोगों की यूँ ही सज़ा किया करते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:14 🔁 0/5
ثُمَّ جَعَلۡنَٰكُمۡ خَلَٰٓئِفَ فِي ٱلۡأَرۡضِ مِنۢ بَعۡدِهِمۡ لِنَنظُرَ كَيۡفَ تَعۡمَلُونَ  ۝١٤
Summa ja`alnaakum khalaaa`ifa fil ardi mim ba`dihim linanzura kaifa ta`maloon
फिर हमने उनके बाद तुमको ज़मीन में (उनका) जानशीन बनाया ताकि हम (भी) देखें कि तुम किस तरह काम करते हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:15 🔁 0/5
وَإِذَا تُتۡلَىٰ عَلَيۡهِمۡ ءَايَاتُنَا بَيِّنَٰتٍ قَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَرۡجُونَ لِقَآءَنَا ٱئۡتِ بِقُرۡءَانٍ غَيۡرِ هَٰذَآ أَوۡ بَدِّلۡهُۚ قُلۡ مَا يَكُونُ لِيٓ أَنۡ أُبَدِّلَهُۥ مِن تِلۡقَآيِٕ نَفۡسِيٓۖ إِنۡ أَتَّبِعُ إِلَّا مَا يُوحَىٰٓ إِلَيَّۖ إِنِّيٓ أَخَافُ إِنۡ عَصَيۡتُ رَبِّي عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٍ  ۝١٥
Wa izaa tutlaa `alaihim aayaatunaa baiyinaatin qaalal lazeena laa yarjoona liqaaa`ana`ti bi Quraanin ghairi haazaaa aw baddilh; qul maa yakoonu leee an ubaddilahoo min tilqaaa`i nafsee in attabi`u illaa maa yoohaaa ilaiya inneee akhaafu in `asaytu Rabbee `azaaba Yawmin `Azeeem
और जब उन लोगों के सामने हमारी रौशन आयते पढ़ीं जाती हैं तो जिन लोगों को (मरने के बाद) हमारी हुजूरी का खटका नहीं है वह कहते है कि हमारे सामने इसके अलावा कोई दूसरा (कुरान लाओ या उसका रद्दो बदल कर डालो (ऐ रसूल तुम कह दो कि मुझे ये एख्तेयार नहीं कि मै उसे अपने जी से बदल डालूँ मै तो बस उसी का पाबन्द हूँ जो मेरी तरफ वही की गई है मै तो अगर अपने परवरदिगार की नाफरमानी करु तो बड़े (कठिन) दिन के अज़ाब से डरता हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:16 🔁 0/5
قُل لَّوۡ شَآءَ ٱللَّهُ مَا تَلَوۡتُهُۥ عَلَيۡكُمۡ وَلَآ أَدۡرَىٰكُم بِهِۦۖ فَقَدۡ لَبِثۡتُ فِيكُمۡ عُمُرًا مِّن قَبۡلِهِۦٓۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ  ۝١٦
Qul law shaaa`al laahu maa talawtuhoo `alaikum wa laaa adraakum bihee faqad labistu feekum `umuram min qablih; afalaa ta`qiloon
(ऐ रसूल) कह दो कि ख़ुदा चाहता तो मै न तुम्हारे सामने इसको पढ़ता और न वह तुम्हें इससे आगाह करता क्योंकि मै तो (आख़िर) तुमने इससे पहले मुद्दतों रह चुका हूँ (और कभी 'वही' का नाम भी न लिया)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:17 🔁 0/5
فَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّنِ ٱفۡتَرَىٰ عَلَى ٱللَّهِ كَذِبًا أَوۡ كَذَّبَ بِـَٔايَٰتِهِۦٓۚ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ  ۝١٧
Faman azlamu mimmanif taraa `alal laahi kaziban aw kazzaba bi Aayaatih; innahoo laa yuflihul mujrimoon
तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते तो जो शख़्स ख़ुदा पर झूठ बोहतान बॉधे या उसकी आयतो को झुठलाए उससे बढ़ कर और ज़ालिम कौन होगा इसमें शक़ नहीं कि (ऐसे) गुनाहगार कामयाब नहीं हुआ करते
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:18 🔁 0/5
وَيَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُمۡ وَلَا يَنفَعُهُمۡ وَيَقُولُونَ هَٰٓؤُلَآءِ شُفَعَٰٓؤُنَا عِندَ ٱللَّهِۚ قُلۡ أَتُنَبِّـُٔونَ ٱللَّهَ بِمَا لَا يَعۡلَمُ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَلَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ سُبۡحَٰنَهُۥ وَتَعَٰلَىٰ عَمَّا يُشۡرِكُونَ  ۝١٨
Wa ya`budoona min doonil laahi maa laa yadurruhum wa laa yanfa`uhum wa yaqooloona haaa`ulaaa`i shufa`aaa `unaa `indal laah; qul atunabbi `oonal laaha bima laa ya`lamu fis samaawaati wa laa fil ard; subhaanahoo wa Ta`aalaa `ammaa yushrikoon
या लोग ख़ुदा को छोड़ कर ऐसी चीज़ की परसतिश करते है जो न उनको नुकसान ही पहुँचा सकती है न नफा और कहते हैं कि ख़ुदा के यहाँ यही लोग हमारे सिफारिशी होगे (ऐ रसूल) तुम (इनसे) कहो तो क्या तुम ख़ुदा को ऐसी चीज़ की ख़बर देते हो जिसको वह न तो आसमानों में (कहीं) पाता है और न ज़मीन में ये लोग जिस चीज़ को उसका शरीक बनाते है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:19 🔁 0/5
وَمَا كَانَ ٱلنَّاسُ إِلَّآ أُمَّةً وَٰحِدَةً فَٱخۡتَلَفُواْۚ وَلَوۡلَا كَلِمَةٌ سَبَقَتۡ مِن رَّبِّكَ لَقُضِيَ بَيۡنَهُمۡ فِيمَا فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ  ۝١٩
Wa maa kaanan naasu illaaa ummmatanw waahidatan fakh talafoo; wa law laa kalimatun sabaqat mir Rabbika laqudiya bainahum fee maa feehi yakhtalifoon
उससे वह पाक साफ और बरतर है और सब लोग तो (पहले) एक ही उम्मत थे और (ऐ रसूल) अगर तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से एक बात (क़यामत का वायदा) पहले न हो चुकी होती जिसमें ये लोग एख्तिलाफ कर रहे हैं उसका फैसला उनके दरमियान (कब न कब) कर दिया गया होता
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:20 🔁 0/5
وَيَقُولُونَ لَوۡلَآ أُنزِلَ عَلَيۡهِ ءَايَةٌ مِّن رَّبِّهِۦۖ فَقُلۡ إِنَّمَا ٱلۡغَيۡبُ لِلَّهِ فَٱنتَظِرُوٓاْ إِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُنتَظِرِينَ  ۝٢٠
W yaqooloona law laaa unzila `alaihi aayatum mir Rabbihee faqul innamal ghaibu lillaahi fantaziroo innee ma`akum minal muntazireen
और कहते हैं कि उस पैग़म्बर पर कोई मोजिज़ा (हमारी ख्वाहिश के मुवाफिक़) क्यों नहीं नाज़िल किया गया तो (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ग़ैब (दानी) तो सिर्फ ख़ुदा के वास्ते ख़ास है तो तुम भी इन्तज़ार करो और तुम्हारे साथ मै (भी) यक़ीनन इन्तज़ार करने वालों में हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:21 🔁 0/5
وَإِذَآ أَذَقۡنَا ٱلنَّاسَ رَحۡمَةً مِّنۢ بَعۡدِ ضَرَّآءَ مَسَّتۡهُمۡ إِذَا لَهُم مَّكۡرٌ فِيٓ ءَايَاتِنَاۚ قُلِ ٱللَّهُ أَسۡرَعُ مَكۡرًاۚ إِنَّ رُسُلَنَا يَكۡتُبُونَ مَا تَمۡكُرُونَ  ۝٢١
Wa izaaa azaqnan naasa rahmatam mim ba`di darraaa`a massat hum izaa lahum makrun feee aayaatinaa; qulil laahu asra`u makraa; inna rusulanaa yaktuboona maa tamkuroon
और लोगों को जो तकलीफ पहुँची उसके बाद जब हमने अपनी रहमत का जाएक़ा चखा दिया तो यकायक उन लोगों से हमारी आयतों में हीले बाज़ी शुरू कर दी (ऐ रसूल) तुम कह दो कि तद्बीर में ख़ुदा सब से ज्यादा तेज़ है तुम जो कुछ मक्कारी करते हो वह हमारे भेजे हुए (फरिश्ते) लिखते जाते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:22 🔁 0/5
هُوَ ٱلَّذِي يُسَيِّرُكُمۡ فِي ٱلۡبَرِّ وَٱلۡبَحۡرِۖ حَتَّىٰٓ إِذَا كُنتُمۡ فِي ٱلۡفُلۡكِ وَجَرَيۡنَ بِهِم بِرِيحٍ طَيِّبَةٍ وَفَرِحُواْ بِهَا جَآءَتۡهَا رِيحٌ عَاصِفٌ وَجَآءَهُمُ ٱلۡمَوۡجُ مِن كُلِّ مَكَانٍ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُمۡ أُحِيطَ بِهِمۡ دَعَوُاْ ٱللَّهَ مُخۡلِصِينَ لَهُ ٱلدِّينَ لَئِنۡ أَنجَيۡتَنَا مِنۡ هَٰذِهِۦ لَنَكُونَنَّ مِنَ ٱلشَّٰكِرِينَ  ۝٢٢
Huwal lazee yusaiyirukum fil barri walbahri hattaaa izaa kuntum fil fulki wa jaraina bihim bireeh in taiyibatinw wa farihoo bihaa jaaa`at haa reehun `aasifunw wa jaaa`ahumul mawju min kulli makaaninw wa zannooo annahum uheeta bihim da`awul laaha mukhliseena lahud deena la`in anjaitanaa min haazihee lanakoonannna minash shaakireen
वह वही ख़ुदा है जो तुम्हें ख़ुश्की और दरिया में सैर कराता फिरता है यहाँ तक कि जब (कभी) तुम कश्तियों पर सवार होते हो और वह उन लोगों को बाद मुवाफिक़ (हवा के धारे) की मदद से लेकर चली और लोग उस (की रफ्तार) से ख़ुश हुए (यकायक) कश्ती पर हवा का एक झोंका आ पड़ा और (आना था कि) हर तरफ से उस पर लहरें (बढ़ी चली) आ रही हैं और उन लोगों ने समझ लिया कि अब घिर गए (और जान न बचेगी) तब अपने अक़ीदे को उसके वास्ते निरा खरा करके खुदा से दुआएँ मागँने लगते हैं कि (ख़ुदाया) अगर तूने इस (मुसीबत) से हमें नजात दी तो हम ज़रुर बड़े शुक्र गुज़ार होंगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:23 🔁 0/5
فَلَمَّآ أَنجَىٰهُمۡ إِذَا هُمۡ يَبۡغُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّۗ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِنَّمَا بَغۡيُكُمۡ عَلَىٰٓ أَنفُسِكُمۖ مَّتَٰعَ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ ثُمَّ إِلَيۡنَا مَرۡجِعُكُمۡ فَنُنَبِّئُكُم بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ  ۝٢٣
Falammaaa anjaahum izaa hum yabghoona fil ardi bighairil haqq; yaaa aiyuhannaasu innamaa bagh yukum `alaaa anfusikum mataa`al hayaatid dunyaa summa ilainaa marji`ukum fanunabbi `ukum bimaa kuntum ta`maloon
फिर जब ख़ुदा ने उन्हें नजात दी तो वह लोग ज़मीन पर (कदम रखते ही) फौरन नाहक़ सरकशी करने लगते हैं (ऐ लोगों तुम्हारी सरकशी का वबाल) तो तुम्हारी ही जान पर है - (ये भी) दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी का फायदा है फिर आख़िर हमारी (ही) तरफ तुमको लौटकर आना है तो (उस वक्त) हम तुमको जो कुछ (दुनिया में) करते थे बता देगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:24 🔁 0/5
إِنَّمَا مَثَلُ ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا كَمَآءٍ أَنزَلۡنَٰهُ مِنَ ٱلسَّمَآءِ فَٱخۡتَلَطَ بِهِۦ نَبَاتُ ٱلۡأَرۡضِ مِمَّا يَأۡكُلُ ٱلنَّاسُ وَٱلۡأَنۡعَٰمُ حَتَّىٰٓ إِذَآ أَخَذَتِ ٱلۡأَرۡضُ زُخۡرُفَهَا وَٱزَّيَّنَتۡ وَظَنَّ أَهۡلُهَآ أَنَّهُمۡ قَٰدِرُونَ عَلَيۡهَآ أَتَىٰهَآ أَمۡرُنَا لَيۡلًا أَوۡ نَهَارًا فَجَعَلۡنَٰهَا حَصِيدًا كَأَن لَّمۡ تَغۡنَ بِٱلۡأَمۡسِۚ كَذَٰلِكَ نُفَصِّلُ ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٍ يَتَفَكَّرُونَ  ۝٢٤
Innamaa masalul hayaatid dunyaa kammaaa`in anzalnaahu minas sammaaa`i fakhtalata bihee nabaatul ardi mimmaa yaakulun naasu wal an`aam; hattaaa izaaa akhazatil ardu zukhrufahaa wazziyanat wa zanna ahluhaaa annahum qaadiroona `alaihaaa ataahaaa amrunaa lailan aw nahaaran faja`alnaahaa haseedan ka allam taghna bil-ams; kazaalika nufassilul aayaati liqawminy yatafakkaroon
दुनियावी ज़िदगी की मसल तो बस पानी की सी है कि हमने उसको आसमान से बरसाया फिर ज़मीन के साग पात जिसको लोग और चौपाए खा जाते हैं (उसके साथ मिल जुलकर निकले यहाँ तक कि जब ज़मीन ने (फसल की चीज़ों से) अपना बनाओ सिंगार कर लिया और (हर तरह) आरास्ता हो गई और खेत वालों ने समझ लिया कि अब वह उस पर यक़ीनन क़ाबू पा गए (जब चाहेंगे काट लेगे) यकायक हमारा हुक्म व अज़ाब रात या दिन को आ पहुँचा तो हमने उस खेत को ऐसा साफ कटा हुआ बना दिया कि गोया कुल उसमें कुछ था ही नहीं जो लोग ग़ौर व फिक्र करते हैं उनके वास्ते हम आयतों को यूँ तफसीलदार बयान करते है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:25 🔁 0/5
وَٱللَّهُ يَدۡعُوٓاْ إِلَىٰ دَارِ ٱلسَّلَٰمِ وَيَهۡدِي مَن يَشَآءُ إِلَىٰ صِرَٰطٍ مُّسۡتَقِيمٍ  ۝٢٥
Wallaahu yad`ooo ilaa daaris salaami wa yahdee mai yashaaa`u ilaa Siraatim Mustaqeem
और ख़ुदा तो आराम के घर (बेहश्त) की तरफ बुलाता है और जिसको चाहता है सीधे रास्ते की हिदायत करता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:26 🔁 0/5
۞ لِّلَّذِينَ أَحۡسَنُواْ ٱلۡحُسۡنَىٰ وَزِيَادَةٌۖ وَلَا يَرۡهَقُ وُجُوهَهُمۡ قَتَرٌ وَلَا ذِلَّةٌۚ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ  ۝٢٦
Lillazeena ahsanul husnaa wa ziyaadahtunw wa laa yarhaqu wujoohahum qatarunw wa laa zillah; ulaaa`ika ashaabul jannnati hum feehaa khaalidoon
जिन लोगों ने दुनिया में भलाई की उनके लिए (आख़िरत में भी) भलाई है (बल्कि) और कुछ बढ़कर और न (गुनेहगारों की तरह) उनके चेहरों पर कालिक लगी हुई होगी और न (उन्हें ज़िल्लत होगी यही लोग जन्नती हैं कि उसमें हमेशा रहा सहा करेंगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:27 🔁 0/5
وَٱلَّذِينَ كَسَبُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ جَزَآءُ سَيِّئَةِۭ بِمِثۡلِهَا وَتَرۡهَقُهُمۡ ذِلَّةٌۖ مَّا لَهُم مِّنَ ٱللَّهِ مِنۡ عَاصِمٍۖ كَأَنَّمَآ أُغۡشِيَتۡ وُجُوهُهُمۡ قِطَعًا مِّنَ ٱلَّيۡلِ مُظۡلِمًاۚ أُوْلَٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ  ۝٢٧
Wallazeena kasabus saiyi aati jazaaa`u saiyi`atim bimislihaa wa tarhaquhum zillah; maa lahum minal laahi min `aasimin ka annamaaa ughshiyat wujoohuhum qita `am minal laili muzlimaa; ulaaa`ika Ashaabun Naari hum feeha khaalidoon
और जिन लोगों ने बुरे काम किए हैं तो गुनाह की सज़ा उसके बराबर है और उन पर रुसवाई छाई होगी ख़ुदा (के अज़ाब) से उनका कोई बचाने वाला न होगा (उनके मुह ऐसे काले होंगे) गोया उनके चेहरे यबों यज़ूर (अंधेरी रात) के टुकड़े से ढक दिए गए हैं यही लोग जहन्नुमी हैं कि ये उसमें हमेशा रहेंगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:28 🔁 0/5
وَيَوۡمَ نَحۡشُرُهُمۡ جَمِيعًا ثُمَّ نَقُولُ لِلَّذِينَ أَشۡرَكُواْ مَكَانَكُمۡ أَنتُمۡ وَشُرَكَآؤُكُمۡۚ فَزَيَّلۡنَا بَيۡنَهُمۡۖ وَقَالَ شُرَكَآؤُهُم مَّا كُنتُمۡ إِيَّانَا تَعۡبُدُونَ  ۝٢٨
Wa yawma nahshuruhum jamee`an summa naqoolu lillazeena ashrakoo makaanakum antum wa shurakaaa`ukum; fazaiyalnaa bainahum wa qaala shurakaaa`uhum maa kuntum iyyaanaa ta`budoon
(ऐ रसूल उस दिन से डराओ) जिस दिन सब को इकट्ठा करेगें-फिर मुशरेकीन से कहेंगें कि तुम और तुम्हारे (बनाए हुए ख़ुदा के) शरीक ज़रा अपनी जगह ठहरो फिर हम वाहम उनमें फूट डाल देगें और उनके शरीक उनसे कहेंगे कि तुम तो हमारी परसतिश करते न थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:29 🔁 0/5
فَكَفَىٰ بِٱللَّهِ شَهِيدَۢا بَيۡنَنَا وَبَيۡنَكُمۡ إِن كُنَّا عَنۡ عِبَادَتِكُمۡ لَغَٰفِلِينَ  ۝٢٩
Fakafaa billaahi shaheedam bainanaa wa bainakum in kunnaa `an `ibaadatikum laghaafileen
तो (अब) हमारे और तुम्हारे दरमियान गवाही के वास्ते ख़ुदा ही काफी है हम को तुम्हारी परसतिश की ख़बर ही न थी
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:30 🔁 0/5
هُنَالِكَ تَبۡلُواْ كُلُّ نَفۡسٍ مَّآ أَسۡلَفَتۡۚ وَرُدُّوٓاْ إِلَى ٱللَّهِ مَوۡلَىٰهُمُ ٱلۡحَقِّۖ وَضَلَّ عَنۡهُم مَّا كَانُواْ يَفۡتَرُونَ  ۝٣٠
Hunaalika tabloo kullu nafsim maaa aslafat; wa ruddoo ilal laahi mawlaahu mul haqqi wa dalla `anhum maa kaanoo yaftaroon
(ग़रज़) वहाँ हर शख़्श जो कुछ जिसने पहले (दुनिया में) किया है जाँच लेगा और वह सब के सब अपने सच्चे मालिक ख़ुदा की बारगाह में लौटकर लाए जाएँगें और (दुनिया में) जो कुछ इफ़तेरा परदाज़िया (झूठी बातें) करते थे सब उनके पास से चल चंपत हो जाएगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:31 🔁 0/5
قُلۡ مَن يَرۡزُقُكُم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ وَٱلۡأَرۡضِ أَمَّن يَمۡلِكُ ٱلسَّمۡعَ وَٱلۡأَبۡصَٰرَ وَمَن يُخۡرِجُ ٱلۡحَيَّ مِنَ ٱلۡمَيِّتِ وَيُخۡرِجُ ٱلۡمَيِّتَ مِنَ ٱلۡحَيِّ وَمَن يُدَبِّرُ ٱلۡأَمۡرَۚ فَسَيَقُولُونَ ٱللَّهُۚ فَقُلۡ أَفَلَا تَتَّقُونَ  ۝٣١
Qul mai yarzuqukum minas samaaa`i wal ardi ammany yamlikus sam`a wal absaara wa mai yukhrijul haiya minal maiyiti wa yikhrijul maiyita minal haiyi wa mai yudabbirul amr; fasa yaqooloonal laah; faqul afalaa tattaqoon
ऐ रसूल तुम उने ज़रा पूछो तो कि तुम्हें आसमान व ज़मीन से कौन रोज़ी देता है या (तुम्हारे) कान और (तुम्हारी) ऑंखों का कौन मालिक है और कौन शख़्श मुर्दे से ज़िन्दा को निकालता है और ज़िन्दा से मुर्दे को निकालता है और हर अम्र (काम) का बन्दोबस्त कौन करता है तो फौरन बोल उठेंगे कि ख़ुदा (ऐ रसूल) तुम कहो तो क्या तुम इस पर भी (उससे) नहीं डरते हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:32 🔁 0/5
فَذَٰلِكُمُ ٱللَّهُ رَبُّكُمُ ٱلۡحَقُّۖ فَمَاذَا بَعۡدَ ٱلۡحَقِّ إِلَّا ٱلضَّلَٰلُۖ فَأَنَّىٰ تُصۡرَفُونَ  ۝٣٢
Fazaalikumul laahu Rabbukumul haqq; famaazaa ba`dal haqqi illad dalaalu fa annnaa tusrafoon
फिर वही ख़ुदा तो तुम्हारा सच्चा रब है फिर हक़ बात के बाद गुमराही के सिवा और क्या है फिर तुम कहाँ फिरे चले जा रहे हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:33 🔁 0/5
كَذَٰلِكَ حَقَّتۡ كَلِمَتُ رَبِّكَ عَلَى ٱلَّذِينَ فَسَقُوٓاْ أَنَّهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ  ۝٣٣
Kazaalika haqqat Kalimatu Rabbika `alal lazeena fasaqooo annahum laa yu`minoon
ये तुम्हारे परवरदिगार की बात बदचलन लोगों पर साबित होकर रही कि ये लोग हरगिज़ ईमान न लाएँगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:34 🔁 0/5
قُلۡ هَلۡ مِن شُرَكَآئِكُم مَّن يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥۚ قُلِ ٱللَّهُ يَبۡدَؤُاْ ٱلۡخَلۡقَ ثُمَّ يُعِيدُهُۥۖ فَأَنَّىٰ تُؤۡفَكُونَ  ۝٣٤
Qul hal min shurakaaa `ikum mai yabda`ul khalqa suma yu`eeduh; qulil laahu yabda`ul khalqa summa yu`eeduhoo fa annaa tu`fakoon
(ऐ रसूल) उनसे पूछो तो कि तुम ने जिन लोगों को (ख़ुदा का) शरीक बनाया है कोई भी ऐसा है जो मख़लूकात को पहली बार पैदा करे फिर उन को (मरने के बाद) दोबारा ज़िन्दा करे (तो क्या जवाब देगें) तुम्ही कहो कि ख़ुदा ही पहले भी पैदा करता है फिर वही दोबारा ज़िन्दा करता है तो किधर तुम उल्टे जा रहे हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:35 🔁 0/5
قُلۡ هَلۡ مِن شُرَكَآئِكُم مَّن يَهۡدِيٓ إِلَى ٱلۡحَقِّۚ قُلِ ٱللَّهُ يَهۡدِي لِلۡحَقِّۗ أَفَمَن يَهۡدِيٓ إِلَى ٱلۡحَقِّ أَحَقُّ أَن يُتَّبَعَ أَمَّن لَّا يَهِدِّيٓ إِلَّآ أَن يُهۡدَىٰۖ فَمَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ  ۝٣٥
Qul hal min shurakaaa `ikum mai yahdeee ilal haqq; qulil laahu yahdee lilhaqq; afamai yahdeee ilal haqqi ahaqqu ai yuttaba`a ammal laa yahiddeee illaaa ai yuhdaa famaa lakum kaifa tahkumoon
(ऐ रसूल उनसे) कहो तो कि तुम्हारे (बनाए हुए) शरीकों में से कोई ऐसा भी है जो तुम्हें (दीन) हक़ की राह दिखा सके तुम ही कह दो कि (ख़ुदा) दीन की राह दिखाता है तो जो तुम्हे दीने हक़ की राह दिखाता है क्या वह ज्यादा हक़दार है कि उसके हुक्म की पैरवी की जाए या वह शख़्श जो (दूसरे) की हिदायत तो दर किनार खुद ही जब तक दूसरा उसको राह न दिखाए राह नही देख पाता तो तुम लोगों को क्या हो गया है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:36 🔁 0/5
وَمَا يَتَّبِعُ أَكۡثَرُهُمۡ إِلَّا ظَنًّاۚ إِنَّ ٱلظَّنَّ لَا يُغۡنِي مِنَ ٱلۡحَقِّ شَيۡـًٔاۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلِيمُۢ بِمَا يَفۡعَلُونَ  ۝٣٦
Wa maa yattabi`u aksaruhum illaa zannaa; innaz zanna laa yughnee minal haqqi shai`aa; innal laaha `Aleemum bimaa yaf`aloon
तुम कैसे हुक्म लगाते हो और उनमें के अक्सर तो बस अपने गुमान पर चलते हैं (हालॉकि) गुमान यक़ीन के मुक़ाबले में हरगिज़ कुछ भी काम नहीं आ सकता बेशक वह लोग जो कुछ (भी) कर रहे हैं खुदा उसे खूब जानता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:37 🔁 0/5
وَمَا كَانَ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانُ أَن يُفۡتَرَىٰ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلَٰكِن تَصۡدِيقَ ٱلَّذِي بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَتَفۡصِيلَ ٱلۡكِتَٰبِ لَا رَيۡبَ فِيهِ مِن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝٣٧
Wa maa kaana haazal Quraanu ai yuftaraa min doonil laahi wa laakin tasdeeqal lazee baina yadaihi wa tafseelal Kitaabi laa raiba fee mir Rabbil `aalameen
और ये कुरान ऐसा नहीं कि खुदा के सिवा कोई और अपनी तरफ से झूठ मूठ बना डाले बल्कि (ये तो) जो (किताबें) पहले की उसके सामने मौजूद हैं उसकी तसदीक़ और (उन) किताबों की तफ़सील है उसमें कुछ भी शक़ नहीं कि ये सारे जहाँन के परवरदिगार की तरफ से है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:38 🔁 0/5
أَمۡ يَقُولُونَ ٱفۡتَرَىٰهُۖ قُلۡ فَأۡتُواْ بِسُورَةٍ مِّثۡلِهِۦ وَٱدۡعُواْ مَنِ ٱسۡتَطَعۡتُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ  ۝٣٨
Am yaqooloonaf taraahu qul faatoo bisooratim mislihee wad`oo manis tata`tum min doonil laahi in kuntum saadiqeen
क्या ये लोग कहते हैं कि इसको रसूल ने खुद झूठ मूठ बना लिया है (ऐ रसूल) तुम कहो कि (अच्छा) तो तुम अगर (अपने दावे में) सच्चे हो तो (भला) एक ही सूरा उसके बराबर का बना लाओ और ख़ुदा के सिवा जिसको तुम्हें (मदद के वास्ते) बुलाते बन पड़े बुला लो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:39 🔁 0/5
بَلۡ كَذَّبُواْ بِمَا لَمۡ يُحِيطُواْ بِعِلۡمِهِۦ وَلَمَّا يَأۡتِهِمۡ تَأۡوِيلُهُۥۚ كَذَٰلِكَ كَذَّبَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡۖ فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلظَّٰلِمِينَ  ۝٣٩
Bal kazzaboo bimaa lam yuheetoo bi`ilmihee wa lammaa yaatihim taaweeluh; kazaalika kazzabal lazeena min qablihim fanzur kaifa kaana `aaqibatuz zaalimeen
(ये लोग लाते तो क्या) बल्कि (उलटे) जिसके जानने पर उनका हाथ न पहुँचा हो लगे उसको झुठलाने हालॉकि अभी तक उनके जेहन में उसके मायने नहीं आए इसी तरह उन लोगों ने भी झुठलाया था जो उनसे पहले थे-तब ज़रा ग़ौर तो करो कि (उन) ज़ालिमों का क्या (बुरा) अन्जाम हुआ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:40 🔁 0/5
وَمِنۡهُم مَّن يُؤۡمِنُ بِهِۦ وَمِنۡهُم مَّن لَّا يُؤۡمِنُ بِهِۦۚ وَرَبُّكَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُفۡسِدِينَ  ۝٤٠
Wa minhum mai yu `minu bihee wa minhum mal laa yu`minu bih; wa Rabbuka a`lamu bilmufsideen
और उनमें से बाज़ तो ऐसे है कि इस कुरान पर आइन्दा ईमान लाएगें और बाज़ ऐसे हैं जो ईमान लाएगें ही नहीं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:41 🔁 0/5
وَإِن كَذَّبُوكَ فَقُل لِّي عَمَلِي وَلَكُمۡ عَمَلُكُمۡۖ أَنتُم بَرِيٓـُٔونَ مِمَّآ أَعۡمَلُ وَأَنَا۠ بَرِيٓءٌ مِّمَّا تَعۡمَلُونَ  ۝٤١
Wa in kazzabooka faqul lee `amalee wa lakum `amalukum antum bareee`oona mimmaaa a`malu wa ana bareee`um mimmaa ta`maloon
और (ऐ रसूल) तुम्हारा परवरदिगार फसादियों को खूब जानता है और अगर वह तुम्हे झुठलाए तो तुम कह दो कि हमारे लिए हमारी कार गुजारी है और तुम्हारे लिए तुम्हारी कारस्तानी जो कुछ मै करता हूँ उसके तुम ज़िम्मेदार नहीं और जो कुछ तुम करते हो उससे मै बरी हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:42 🔁 0/5
وَمِنۡهُم مَّن يَسۡتَمِعُونَ إِلَيۡكَۚ أَفَأَنتَ تُسۡمِعُ ٱلصُّمَّ وَلَوۡ كَانُواْ لَا يَعۡقِلُونَ  ۝٤٢
Wa minhum mai yastami`oona iliak; afa anta tusmi`us summa wa law kaanoo la ya`qiloon
और उनमें से बाज़ ऐसे हैं कि तुम्हारी ज़बानों की तरफ कान लगाए रहते हैं तो (क्या) वह तुम्हारी सुन लेगें हरगिज़ नहीं अगरचे वह कुछ समझ भी न सकते हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:43 🔁 0/5
وَمِنۡهُم مَّن يَنظُرُ إِلَيۡكَۚ أَفَأَنتَ تَهۡدِي ٱلۡعُمۡيَ وَلَوۡ كَانُواْ لَا يُبۡصِرُونَ  ۝٤٣
Wa minhum mai yanzuru ilaik; afa anta tahdil `umya wa law kaanoo laa yubsiroon
तुम कही बहरों को कुछ सुना सकते हो और बाज़ उनमें से ऐसे हैं जो तुम्हारी तरफ (टकटकी बाँधे) देखते हैं तो (क्या वह ईमान लाएँगें हरगिज़ नहीं) अगरचे उन्हें कुछ न सूझता हो तो तुम अन्धे को राहे रास्त दिखा दोगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:44 🔁 0/5
إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَظۡلِمُ ٱلنَّاسَ شَيۡـًٔا وَلَٰكِنَّ ٱلنَّاسَ أَنفُسَهُمۡ يَظۡلِمُونَ  ۝٤٤
Innal laaha laa yazlimun naasa shai`anw wa laakin nannaasa anfusahum yazlimoon
ख़ुदा तो हरगिज़ लोगों पर कुछ भी ज़ुल्म नहीं करता मगर लोग खुद अपने ऊपर (अपनी करतूत से) जुल्म किया करते है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:45 🔁 0/5
وَيَوۡمَ يَحۡشُرُهُمۡ كَأَن لَّمۡ يَلۡبَثُوٓاْ إِلَّا سَاعَةً مِّنَ ٱلنَّهَارِ يَتَعَارَفُونَ بَيۡنَهُمۡۚ قَدۡ خَسِرَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِلِقَآءِ ٱللَّهِ وَمَا كَانُواْ مُهۡتَدِينَ  ۝٤٥
Wa Yawma yahshuruhum ka al lam yalbasooo illaa saa`atam minan nahaari yata`aarafoona bainahum; qad khasiral lazeena kazzaboo biliqaaa`il laahi wa maa kaanoo muhtadeen
और जिस दिन ख़ुदा इन लोगों को (अपनी बारगाह में) जमा करेगा तो गोया ये लोग (समझेगें कि दुनिया में) बस घड़ी दिन भर ठहरे और आपस में एक दूसरे को पहचानेंगे जिन लोगों ने ख़ुदा की बारगाह में हाज़िर होने को झुठलाया वह ज़रुर घाटे में हैं और हिदायत याफता न थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:46 🔁 0/5
وَإِمَّا نُرِيَنَّكَ بَعۡضَ ٱلَّذِي نَعِدُهُمۡ أَوۡ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِلَيۡنَا مَرۡجِعُهُمۡ ثُمَّ ٱللَّهُ شَهِيدٌ عَلَىٰ مَا يَفۡعَلُونَ  ۝٤٦
Wa imma nuriyannaka ba`dal lazee na`iduhum aw natawaffayannaka fa ilainaa marji`uhum summal laahu shaheedun `alaa maa yaf`aloon
ऐ रसूल हम जिस जिस (अज़ाब) का उनसे वायदा कर चुके हैं उनमें से बाज़ ख्वाहा तुम्हें दिखा दें या तुमको (पहले ही दुनिया से) उठा ले फिर (आख़िर) तो उन सबको हमारी तरफ लौटना ही है फिर जो कुछ ये लोग कर रहे हैं ख़ुदा तो उस पर गवाह ही है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:47 🔁 0/5
وَلِكُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولٌۖ فَإِذَا جَآءَ رَسُولُهُمۡ قُضِيَ بَيۡنَهُم بِٱلۡقِسۡطِ وَهُمۡ لَا يُظۡلَمُونَ  ۝٤٧
Wa likulli ummatir Rasoolun fa izaa jaaa`a Rasooluhum qudiya bainahum bilqisti wa hum laa yuzlamoon
और हर उम्मत का ख़ास (एक) एक रसूल हुआ है फिर जब उनका रसूल (हमारी बारगाह में) आएगा तो उनके दरमियान इन्साफ़ के साथ फैसला कर दिया जाएगा और उन पर ज़र्रा बराबर ज़ुल्म न किया जाएगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:48 🔁 0/5
وَيَقُولُونَ مَتَىٰ هَٰذَا ٱلۡوَعۡدُ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ  ۝٤٨
Wa yaqooloona mataa haazal wa`du in kuntum saadiqeen
ये लोग कहा करते हैं कि अगर तुम सच्चे हो तो (आख़िर) ये (अज़ाब का वायदा) कब पूरा होगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:49 🔁 0/5
قُل لَّآ أَمۡلِكُ لِنَفۡسِي ضَرًّا وَلَا نَفۡعًا إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُۗ لِكُلِّ أُمَّةٍ أَجَلٌۚ إِذَا جَآءَ أَجَلُهُمۡ فَلَا يَسۡتَـٔۡخِرُونَ سَاعَةً وَلَا يَسۡتَقۡدِمُونَ  ۝٤٩
Qul laaa amliku linafsee darranw wa laa naf`an illaa maa shaaa`al laah; likulli ummatin ajalun izaa jaaa`a ajaluhum falaaa yastaakhiroona saa`a tanw wa laa yastaqdimoon
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मै खुद अपने वास्ते नुकसान पर क़ादिर हूँ न नफा पर मगर जो ख़ुदा चाहे हर उम्मत (के रहने) का (उसके इल्म में) एक वक्त मुक़र्रर है-जब उन का वक्त आ जाता है तो न एक घड़ी पीछे हट सकती हैं और न आगे बढ़ सकते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:50 🔁 0/5
قُلۡ أَرَءَيۡتُمۡ إِنۡ أَتَىٰكُمۡ عَذَابُهُۥ بَيَٰتًا أَوۡ نَهَارًا مَّاذَا يَسۡتَعۡجِلُ مِنۡهُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ  ۝٥٠
Qul ara`aitum in ataakum `azaabuhoo bayaatan aw nahaaram maazaa yasta`jilu minhul mujrimoon
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या तुम समझते हो कि अगर उसका अज़ाब तुम पर रात को या दिन को आ जाए तो (तुम क्या करोगे) फिर गुनाहगार लोग आख़िर काहे की जल्दी मचा रहे हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:51 🔁 0/5
أَثُمَّ إِذَا مَا وَقَعَ ءَامَنتُم بِهِۦٓۚ ءَآلۡـَٰٔنَ وَقَدۡ كُنتُم بِهِۦ تَسۡتَعۡجِلُونَ  ۝٥١
Asumma izaa maa waqa`a aamantum bih; aaal`aana wa qad kuntum bihee tasta`jiloon
फिर क्या जब (तुम पर) आ चुकेगा तब उस पर ईमान लाओगे (आहा) क्या अब (ईमान लाए) हालॉकि तुम तो इसकी जल्दी मचाया करते थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:52 🔁 0/5
ثُمَّ قِيلَ لِلَّذِينَ ظَلَمُواْ ذُوقُواْ عَذَابَ ٱلۡخُلۡدِ هَلۡ تُجۡزَوۡنَ إِلَّا بِمَا كُنتُمۡ تَكۡسِبُونَ  ۝٥٢
Summa qeela lillazeena zalamoo zooqoo `azaabal khuld hal tujzawna illaa bimaa kuntum taksiboon
फिर (क़यामत के दिन) ज़ालिम लोगों से कहा जाएगा कि (अब हमेशा के अज़ाब के मजे चखो (दुनिया में) जैसी तुम्हारी करतूतें तुम्हें (आख़िरत में) वैसा ही बदला दिया जाएगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:53 🔁 0/5
۞ وَيَسۡتَنۢبِـُٔونَكَ أَحَقٌّ هُوَۖ قُلۡ إِي وَرَبِّيٓ إِنَّهُۥ لَحَقٌّۖ وَمَآ أَنتُم بِمُعۡجِزِينَ  ۝٥٣
Wa yastambi`oonaka ahaqqun huwa qul ee wa Rabbeee innahoo lahaqq; wa maaa antum bimu`jizeen
(ऐ रसूल) तुम से लोग पूछतें हैं कि क्या (जो कुछ तुम कहते हो) वह सब ठीक है तुम कह दो (हाँ) अपने परवरदिगार की कसम ठीक है और तुम (ख़ुदा को) हरा नहीं सकते
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:54 🔁 0/5
وَلَوۡ أَنَّ لِكُلِّ نَفۡسٍ ظَلَمَتۡ مَا فِي ٱلۡأَرۡضِ لَٱفۡتَدَتۡ بِهِۦۗ وَأَسَرُّواْ ٱلنَّدَامَةَ لَمَّا رَأَوُاْ ٱلۡعَذَابَۖ وَقُضِيَ بَيۡنَهُم بِٱلۡقِسۡطِ وَهُمۡ لَا يُظۡلَمُونَ  ۝٥٤
Wa law anna likulli nafsin zalamat maa fil ardi laftadat bih; wa asarrun nadaamata lammaa ra awul `azaab, wa qudiya bainahum bilqist; wa hum laa yuzlamoon
और (दुनिया में) जिस जिसने (हमारी नाफरमानी कर के) ज़ुल्म किया है (क़यामत के दिन) अगर तमाम ख़ज़ाने जो जमीन में हैं उसे मिल जाएँ तो अपने गुनाह के बदले ज़रुर फिदया दे निकले और जब वह लोग अज़ाब को देखेगें तो इज़हारे निदामत करेगें (शर्मिंदा होंगे) और उनमें बाहम इन्साफ़ के साथ हुक्म दिया जाएगा और उन पर ज़र्रा (बराबर ज़ुल्म न किया जाएगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:55 🔁 0/5
أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ أَلَآ إِنَّ وَعۡدَ ٱللَّهِ حَقٌّ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ  ۝٥٥
Alaaa inna lillaahi maa fis samaawaati wal ard; alaaa inna wa`dal laahi haqqunw wa laakinna aksarahum laa ya`lamoon
आगाह रहो कि जो कुछ आसमानों में और ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही का है आग़ाह राहे कि ख़ुदा का वायदा यक़ीनी ठीक है मगर उनमें के अक्सर नहीं जानते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:56 🔁 0/5
هُوَ يُحۡيِۦ وَيُمِيتُ وَإِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ  ۝٥٦
Huwa yuhyee wa yumeetu wailaihi turja`oon
वही ज़िन्दा करता है और वही मारता है और तुम सब के सब उसी की तरफ लौटाए जाओगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:57 🔁 0/5
يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ قَدۡ جَآءَتۡكُم مَّوۡعِظَةٌ مِّن رَّبِّكُمۡ وَشِفَآءٌ لِّمَا فِي ٱلصُّدُورِ وَهُدًى وَرَحۡمَةٌ لِّلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝٥٧
Yaaa aiyuhan naasu qad jaaa`atkum maw `izatum mir Rabbikum wa shifaaa`ul limaa fis sudoori wa hudanw wa rahmatul lilmu`mineen
लोगों तुम्हारे पास तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से नसीहत (किताबे ख़ुदा आ चुकी और जो (मरज़ शिर्क वगैरह) दिल में हैं उनकी दवा और ईमान वालों के लिए हिदायत और रहमत
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:58 🔁 0/5
قُلۡ بِفَضۡلِ ٱللَّهِ وَبِرَحۡمَتِهِۦ فَبِذَٰلِكَ فَلۡيَفۡرَحُواْ هُوَ خَيۡرٌ مِّمَّا يَجۡمَعُونَ  ۝٥٨
Qul bifadlil laahi wa birahmatihii fabizaalika falyaf rahoo huwa khairum mimmaa yajma`oon
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि (ये क़ुरान) ख़ुदा के फज़ल व करम और उसकी रहमत से तुमको मिला है (ही) तो उन लोगों को इस पर खुश होना चाहिए
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:59 🔁 0/5
قُلۡ أَرَءَيۡتُم مَّآ أَنزَلَ ٱللَّهُ لَكُم مِّن رِّزۡقٍ فَجَعَلۡتُم مِّنۡهُ حَرَامًا وَحَلَٰلًا قُلۡ ءَآللَّهُ أَذِنَ لَكُمۡۖ أَمۡ عَلَى ٱللَّهِ تَفۡتَرُونَ  ۝٥٩
Qul ara`aitum maaa anzalal laahu lakum mir rizqin faja`altum minhu haraamanw wa halaalan qul aaallaahu azina lakum am `alal laahi taftaroon
और जो कुछ वह जमा कर रहे हैं उससे कहीं बेहतर है (ऐ रसूल) तुम कह दो कि तुम्हारा क्या ख्याल है कि ख़ुदा ने तुम पर रोज़ी नाज़िल की तो अब उसमें से बाज़ को हराम बाज़ को हलाल बनाने लगे (ऐ रसूल) तुम कह दो कि क्या ख़ुदा ने तुम्हें इजाज़त दी है या तुम ख़ुदा पर बोहतान बाँधते हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:60 🔁 0/5
وَمَا ظَنُّ ٱلَّذِينَ يَفۡتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِۗ إِنَّ ٱللَّهَ لَذُو فَضۡلٍ عَلَى ٱلنَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَهُمۡ لَا يَشۡكُرُونَ  ۝٦٠
Wa maa zannul lazeena yaftaroona `alal laahil kaziba Yawmal Qiyaamah; innal laaha lazoo fadlin `alan naasi wa laakinna aksarahum laa yashkuroon
और जो लोग ख़ुदा पर झूठ मूठ बोहतान बॉधा करते हैं रोजे क़यामत का क्या ख्याल करते हैं उसमें शक़ नहीं कि ख़ुदा तो लोगों पर बड़ा फज़ल व (करम) है मगर उनमें से बहुतेरे शुक्र गुज़ार नहीं हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:61 🔁 0/5
وَمَا تَكُونُ فِي شَأۡنٍ وَمَا تَتۡلُواْ مِنۡهُ مِن قُرۡءَانٍ وَلَا تَعۡمَلُونَ مِنۡ عَمَلٍ إِلَّا كُنَّا عَلَيۡكُمۡ شُهُودًا إِذۡ تُفِيضُونَ فِيهِۚ وَمَا يَعۡزُبُ عَن رَّبِّكَ مِن مِّثۡقَالِ ذَرَّةٍ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا فِي ٱلسَّمَآءِ وَلَآ أَصۡغَرَ مِن ذَٰلِكَ وَلَآ أَكۡبَرَ إِلَّا فِي كِتَٰبٍ مُّبِينٍ  ۝٦١
Wa maa takoonu fee shaaninw wa maa tatloo minhu min quraaninw wa laa ta`maloona min `amalin illaa kunnaa `alaikum shuhoodan iz tufeedoona feeh; wa maa ya`zubu `ar Rabbika mim mis qaali zarratin fil ardi wa laa fis samaaa`i wa laaa asghara min zaalika wa laaa akbara illaa fee Kitaabim Mubeen
(और ऐ रसूल) तुम (चाहे) किसी हाल में हो और क़ुरान की कोई सी भी आयत तिलावत करते हो और (लोगों) तुम कोई सा भी अमल कर रहे हो हम (हम सर वक़त) जब तुम उस काम में मशग़ूल होते हो तुम को देखते रहते हैं और तुम्हारे परवरदिगार से ज़र्रा भी कोई चीज़ ग़ायब नहीं रह सकती न ज़मीन में और न आसमान में और न कोई चीज़ ज़र्रे से छोटी है और न उससे बढ़ी चीज़ मगर वह रौशन किताब लौहे महफूज़ में ज़रुर है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:62 🔁 0/5
أَلَآ إِنَّ أَوۡلِيَآءَ ٱللَّهِ لَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ  ۝٦٢
Alaa innaa awliyaaa`al laahi laa khawfun `alaihim wa laa hum yahzanoon
आगाह रहो इसमें शक़ नहीं कि दोस्ताने ख़ुदा पर (क़यामत में) न तो कोई ख़ौफ होगा और न वह आजुर्दा (ग़मग़ीन) ख़ातिर होगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:63 🔁 0/5
ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَكَانُواْ يَتَّقُونَ  ۝٦٣
Allazeena aamanoo wa kaanoo yattaqoon
ये वह लोग हैं जो ईमान लाए और (ख़ुदा से) डरते थे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:64 🔁 0/5
لَهُمُ ٱلۡبُشۡرَىٰ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَفِي ٱلۡأٓخِرَةِۚ لَا تَبۡدِيلَ لِكَلِمَٰتِ ٱللَّهِۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ  ۝٦٤
Lahumul bushraa filha yaatid dunyaa wa fil Aakhirah; laa tabdeela likalimaatil laah; zaalika huwal fawzul `azeem
उन्हीं लोगों के वास्ते दीन की ज़िन्दगी में भी और आख़िरत में (भी) ख़ुशख़बरी है ख़ुदा की बातों में अदल बदल नहीं हुआ करता यही तो बड़ी कामयाबी है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:65 🔁 0/5
وَلَا يَحۡزُنكَ قَوۡلُهُمۡۘ إِنَّ ٱلۡعِزَّةَ لِلَّهِ جَمِيعًاۚ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ  ۝٦٥
Wa laa yahzunka qawluhum; innal `izzata lillaahi jamee`aa; Huwas Samee`ul `Aleem
और (ऐ रसूल) उन (कुफ्फ़ार) की बातों का तुम रंज न किया करो इसमें तो शक़ नहीं कि सारी इज्ज़त तो सिर्फ ख़ुदा ही के लिए है वही सबकी सुनता जानता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:66 🔁 0/5
أَلَآ إِنَّ لِلَّهِ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِۗ وَمَا يَتَّبِعُ ٱلَّذِينَ يَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ شُرَكَآءَۚ إِن يَتَّبِعُونَ إِلَّا ٱلظَّنَّ وَإِنۡ هُمۡ إِلَّا يَخۡرُصُونَ  ۝٦٦
Alaaa inna lillaahi man fis samaawaati wa man fil ard; wa maa yattabi`ul lazeena yad`oona min doonil laahi shurakaaa`; iny yattabi`oona illaz zannna wa in hum illaa yakhrusoon
आगाह रहो इसमें शक़ नहीं कि जो लोग आसमानों में हैं और जो लोग ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही के लिए है और जो लोग ख़ुदा को छोड़कर (दूसरों को) पुकारते हैं वह तो (ख़ुदा के फर्ज़ी) शरीकों की राह पर भी नहीं चलते बल्कि वह तो सिर्फ अपनी अटकल पर चलते हैं और वह सिर्फ वहमी और ख्याली बातें किया करते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:67 🔁 0/5
هُوَ ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلَّيۡلَ لِتَسۡكُنُواْ فِيهِ وَٱلنَّهَارَ مُبۡصِرًاۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٍ لِّقَوۡمٍ يَسۡمَعُونَ  ۝٦٧
Huwal lazee ja`ala lakumul laila litaskunoo feehi wannahaara mubsiraa; inna fee zaalika la Aayaatil liqawmai yasma`oon
वह वही (खुदाए क़ादिर तवाना) है जिसने तुम्हारे नफा के वास्ते रात को बनाया ताकि तुम इसमें चैन करो और दिन को (बनाया) कि उसकी रौशनी में देखो भालो उसमें शक़ नहीं जो लोग सुन लेते हैं उनके लिए इसमें (कुदरत की बहुतेरी निशानियाँ हैं)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:68 🔁 0/5
قَالُواْ ٱتَّخَذَ ٱللَّهُ وَلَدًاۗ سُبۡحَٰنَهُۥۖ هُوَ ٱلۡغَنِيُّۖ لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۚ إِنۡ عِندَكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭ بِهَٰذَآۚ أَتَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ  ۝٦٨
Qaalut takhazal laahu waladan Subhaanahoo Huwal Ghaniyyu lahoo maa fis samaawaati wa maa fil ard; in `indakum min sultaanim bihaazaaa; ataqooloona `alal laahi maa laa ta`lamoon
लोगों ने तो कह दिया कि ख़ुदा ने बेटा बना लिया-ये महज़ लगों वह तमाम नकायस से पाक व पाकीज़ा वह (हर तरह) से बेपरवाह हैं व जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है (सब) उसी का है (जो कुछ) तुम कहते हो( उसकी कोई दलील तो तुम्हारे पास है नहीं क्या तुम ख़ुदा पर) (यू ही) बे जाने बूझे झूठ बोला करते हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:69 🔁 0/5
قُلۡ إِنَّ ٱلَّذِينَ يَفۡتَرُونَ عَلَى ٱللَّهِ ٱلۡكَذِبَ لَا يُفۡلِحُونَ  ۝٦٩
Qul innal lazeena yaftaroona `alal laahil kaziba laa yuflihoon
ऐ रसूल तुम कह दो कि बेशक जो लोग झूठ मूठ ख़ुदा पर बोहतान बाधते हैं वह कभी कामयाब न होगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:70 🔁 0/5
مَتَٰعٌ فِي ٱلدُّنۡيَا ثُمَّ إِلَيۡنَا مَرۡجِعُهُمۡ ثُمَّ نُذِيقُهُمُ ٱلۡعَذَابَ ٱلشَّدِيدَ بِمَا كَانُواْ يَكۡفُرُونَ  ۝٧٠
Mataa`un fiddunyaa summa ilainaa marji`uhum summa nuzeequhumul `azaabash shadeeda bimaa kaanoo yakkfuroon
(ये) दुनिया के (चन्द रोज़ा) फायदे हैं फिर तो आख़िर हमारी ही तरफ लौट कर आना है तब उनके कुफ्र की सज़ा में हम उनको सख्त अज़ाब के मज़े चखाएँगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:71 🔁 0/5
۞ وَٱتۡلُ عَلَيۡهِمۡ نَبَأَ نُوحٍ إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦ يَٰقَوۡمِ إِن كَانَ كَبُرَ عَلَيۡكُم مَّقَامِي وَتَذۡكِيرِي بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَعَلَى ٱللَّهِ تَوَكَّلۡتُ فَأَجۡمِعُوٓاْ أَمۡرَكُمۡ وَشُرَكَآءَكُمۡ ثُمَّ لَا يَكُنۡ أَمۡرُكُمۡ عَلَيۡكُمۡ غُمَّةً ثُمَّ ٱقۡضُوٓاْ إِلَيَّ وَلَا تُنظِرُونِ  ۝٧١
Watlu `alaihim naba-a-Noohin iz qaala liqawmihee yaa qawmi in kaana kabura `alaikum maqaamee wa tazkeeree bi Aayaatil laahi fa`alal laahi tawakkaltu fa ajmi`ooo amrakum wa shurakaaa`akum summa laa yakun amrukum `alaikum ghummatan summmaq dooo ilaiya wa laa tunziroon
और (ऐ रसूल) तुम उनके सामने नूह का हाल पढ़ दो जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा ऐ मेरी क़ौम अगर मेरा ठहरना और ख़ुदा की आयतों का चर्चा करना तुम पर शाक़ व गिरां (बुरा) गुज़रता है तो मैं सिर्फ ख़ुदा ही पर भरोसा रखता हूँ तो तुम और तुमहारे शरीक़ सब मिलकर अपना काम ठीक कर लो फिर तुम्हारी बात तुम (में से किसी) पर महज़ (छुपी) न रहे फिर (जो तुम्हारा जी चाहे) मेरे साथ कर गुज़रों और गुझे (दम मारने की भी) मोहलत न दो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:72 🔁 0/5
فَإِن تَوَلَّيۡتُمۡ فَمَا سَأَلۡتُكُم مِّنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَى ٱللَّهِۖ وَأُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ  ۝٧٢
Fa in tawallaitum famaa sa altukum min ajrin in ajriya illaa `alal laahi wa umirtu an akoona minal muslimeen
फिर भी अगर तुम ने (मेरी नसीहत से) मुँह मोड़ा तो मैने तुम से कुछ मज़दूरी तो न माँगी थी-मेरी मज़दूरी तो सिर्फ ख़ुदा ही पर है और (उसी की तरफ से) मुझे हुक्म दिया गया है कि मैं उसके फरमाबरदार बन्दों में से हो जाऊँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:73 🔁 0/5
فَكَذَّبُوهُ فَنَجَّيۡنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ وَجَعَلۡنَٰهُمۡ خَلَٰٓئِفَ وَأَغۡرَقۡنَا ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَاۖ فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُنذَرِينَ  ۝٧٣
Fakazzaboohu fanajjainaahu wa mamm`ahoo fil fulki wa ja`alnaahum khalaaa`ifa wa aghraqnal lazeena kazzaboo bi aayaatinaa fanzur kaifa kaana `aaqibatul munzareen
उस पर भी उन लोगों ने उनको झुठलाया तो हमने उनको और जो लोग उनके साथ कश्ती में (सवार) थे (उनको) नजात दी और उनको (अगलों का) जानशीन बनाया और जिन लोगों ने हमारी आयतों को झुठलाया था उनको डुबो मारा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:74 🔁 0/5
ثُمَّ بَعَثۡنَا مِنۢ بَعۡدِهِۦ رُسُلًا إِلَىٰ قَوۡمِهِمۡ فَجَآءُوهُم بِٱلۡبَيِّنَٰتِ فَمَا كَانُواْ لِيُؤۡمِنُواْ بِمَا كَذَّبُواْ بِهِۦ مِن قَبۡلُۚ كَذَٰلِكَ نَطۡبَعُ عَلَىٰ قُلُوبِ ٱلۡمُعۡتَدِينَ  ۝٧٤
Summma ba`asnaa mim ba`dihee Rusulan ilaa qawmihim fajaaa`oohum bilbaiyinaati famaa kaanoo liyu`minoo bimaa kazzaboo bihee min qabl; kazaalika natba`u `alaa quloobil mu`tadeen
फिर ज़रा ग़ौर तो करो फिर हमने नूह के बाद और रसूलों को अपनी क़ौम के पास भेजा तो वह पैग़म्बर उनके पास वाजेए (खुले हुए) व रौशन मौजिज़े लेकर आए इस पर भी जिस चीज़ को ये लोग पहले झुठला चुके थे उस पर ईमान (न लाना था) न लाए हम यूंही हद से गुज़र जाने वालों के दिलों पर (गोया) खुद मोहर कर देते हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:75 🔁 0/5
ثُمَّ بَعَثۡنَا مِنۢ بَعۡدِهِم مُّوسَىٰ وَهَٰرُونَ إِلَىٰ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِۦ بِـَٔايَٰتِنَا فَٱسۡتَكۡبَرُواْ وَكَانُواْ قَوۡمًا مُّجۡرِمِينَ  ۝٧٥
Summa ba`asnaa mim ba`dihim Moosaa Wa Haaroona ilaa Fir`awna wa mala`ihee bi aayaatinaa fastakbaroo wa kaanoo qawmam mujrimeen
फिर हमने इन पैग़म्बरों के बाद मूसा व हारुन को अपनी निशानियाँ (मौजिज़े) लेकर फिरऔन और उस (की क़ौम) के सरदारों के पास भेजा तो वह लोग अकड़ बैठे और ये लोग थे ही कुसूरवार
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:76 🔁 0/5
فَلَمَّا جَآءَهُمُ ٱلۡحَقُّ مِنۡ عِندِنَا قَالُوٓاْ إِنَّ هَٰذَا لَسِحۡرٌ مُّبِينٌ  ۝٧٦
Falammaa jaaa`ahumul haqqu min `indinaa qaalooo inna haazaa lasihrum mubeen
फिर जब उनके पास हमारी तरफ से हक़ बात (मौजिज़े) पहुँच गए तो कहने लगे कि ये तो यक़ीनी खुल्लम खुल्ला जादू है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:77 🔁 0/5
قَالَ مُوسَىٰٓ أَتَقُولُونَ لِلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَكُمۡۖ أَسِحۡرٌ هَٰذَا وَلَا يُفۡلِحُ ٱلسَّٰحِرُونَ  ۝٧٧
Qaalaa Moosaaa ataqooloona lilhaqqi lammmaa jaaa`a kum asihrun haazaa wa laa yuflihus saabiroon
मूसा ने कहा क्या जब (दीन) तुम्हारे पास आया तो उसके बारे में कहते हो कि क्या ये जादू है और जादूगर लोग कभी कामयाब न होगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:78 🔁 0/5
قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِتَلۡفِتَنَا عَمَّا وَجَدۡنَا عَلَيۡهِ ءَابَآءَنَا وَتَكُونَ لَكُمَا ٱلۡكِبۡرِيَآءُ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا نَحۡنُ لَكُمَا بِمُؤۡمِنِينَ  ۝٧٨
Qaaloo aji`tanaa litalfitanaa `ammaa wajadnaa `alaihi aabaaa`anaa wa takoona lakumal kibriyaaa`u fil ardi wa maa nahnu lakumaa bimu` mineen
वह लोग कहने लगे कि (ऐ मूसा) क्यों तुम हमारे पास उस वास्ते आए हो कि जिस दीन पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया उससे तुम हमे बहका दो और सारी ज़मीन में ही दोनों की बढ़ाई हो और ये लोग तुम दोनों पर ईमान लाने वाले नहीं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:79 🔁 0/5
وَقَالَ فِرۡعَوۡنُ ٱئۡتُونِي بِكُلِّ سَٰحِرٍ عَلِيمٍ  ۝٧٩
Wa qaala Fir`awnu` toonee bikulli saahirin `aleem
और फिरऔन ने हुक्म दिया कि हमारे हुज़ूर में तमाम खिलाड़ी (वाक़िफकार) जादूगर को तो ले आओ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:80 🔁 0/5
فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالَ لَهُم مُّوسَىٰٓ أَلۡقُواْ مَآ أَنتُم مُّلۡقُونَ  ۝٨٠
Falammaa jaaa`assa haratu qaala lahum Moosaaa alqoo maaa antum mulqoon
फिर जब जादूगर लोग (मैदान में) आ मौजूद हुए तो मूसा ने उनसे कहा कि तुमको जो कुछ फेंकना हो फेंको
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:81 🔁 0/5
فَلَمَّآ أَلۡقَوۡاْ قَالَ مُوسَىٰ مَا جِئۡتُم بِهِ ٱلسِّحۡرُۖ إِنَّ ٱللَّهَ سَيُبۡطِلُهُۥٓ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُصۡلِحُ عَمَلَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ  ۝٨١
Falammaaa alqaw qaala Moosaa maa ji`tum bihis sihru innal laaha sa yubtiluhoo innal laaha laa yuslihu `amalal mufsideen
फिर जब वह लोग (रस्सियों को साँप बनाकर) डाल चुके तू मूसा ने कहा जो कुछ तुम (बनाकर) लाए हो (वह तो सब) जादू है-इसमें तो शक़ ही नहीं कि ख़ुदा उसे फौरन मिटियामेट कर देगा (क्योंकर) ख़ुदा तो हरगिज़ मफ़सिदों (फसाद करने वालों) का काम दुरुस्त नहीं होने देता
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:82 🔁 0/5
وَيُحِقُّ ٱللَّهُ ٱلۡحَقَّ بِكَلِمَٰتِهِۦ وَلَوۡ كَرِهَ ٱلۡمُجۡرِمُونَ  ۝٨٢
Wa yuhiqqul laahul haqqa bi Kalimaatihee wa law karihal mujrimoon
और ख़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से साबित कर दिखाता है अगरचे गुनाहगारों को ना गॅवार हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:83 🔁 0/5
فَمَآ ءَامَنَ لِمُوسَىٰٓ إِلَّا ذُرِّيَّةٌ مِّن قَوۡمِهِۦ عَلَىٰ خَوۡفٍ مِّن فِرۡعَوۡنَ وَمَلَإِيْهِمۡ أَن يَفۡتِنَهُمۡۚ وَإِنَّ فِرۡعَوۡنَ لَعَالٍ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَإِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلۡمُسۡرِفِينَ  ۝٨٣
Famaaa aamana li-Moosaaa illaa zurriyyatum min qawmihee `alaa khawfim min Fir`awna wa mala`ihim ai yaftinahum; wa inna Fir`awna la`aalin fil ardi wa innahoo laminal musrifeen
अलग़रज़ मूसा पर उनकी क़ौम की नस्ल के चन्द आदमियों के सिवा फिरऔन और उसके सरदारों के इस ख़ौफ से कि उन पर कोई मुसीबत डाल दे कोई ईमान न लाया और इसमें शक़ नहीं कि फिरऔनरुए ज़मीन में बहुत बढ़ा चढ़ा था और इसमें शक़ नहीं कि वह यक़ीनन ज्यादती करने वालों में से था
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:84 🔁 0/5
وَقَالَ مُوسَىٰ يَٰقَوۡمِ إِن كُنتُمۡ ءَامَنتُم بِٱللَّهِ فَعَلَيۡهِ تَوَكَّلُوٓاْ إِن كُنتُم مُّسۡلِمِينَ  ۝٨٤
Wa qaala Moosaa yaa qawmi in kuntum aamantum billaahi fa`alaihi tawakkalooo in kuntum muslimeen
और मूसा ने कहा ऐ मेरी क़ौम अगर तुम (सच्चे दिल से) ख़ुदा पर ईमान ला चुके तो अगर तुम फरमाबरदार हो तो बस उसी पर भरोसा करो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:85 🔁 0/5
فَقَالُواْ عَلَى ٱللَّهِ تَوَكَّلۡنَا رَبَّنَا لَا تَجۡعَلۡنَا فِتۡنَةً لِّلۡقَوۡمِ ٱلظَّٰلِمِينَ  ۝٨٥
Faqaaloo `alal laahi tawakkalnaa Rabbanaa laa taj`alnaa fitnatal lilqawmiz zaalimeen
उस पर उन लोगों ने अर्ज़ की हमने तो ख़ुदा ही पर भरोसा कर लिया है और दुआ की कि ऐ हमारे पालने वाले तू हमें ज़ालिम लोगों का (ज़रिया) इम्तिहान न बना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:86 🔁 0/5
وَنَجِّنَا بِرَحۡمَتِكَ مِنَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡكَٰفِرِينَ  ۝٨٦
Wa najjinaa birahmatika minal qawmil kaafireen
और अपनी रहमत से हमें इन काफ़िर लोगों (के नीचे) से नजात दे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:87 🔁 0/5
وَأَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰ وَأَخِيهِ أَن تَبَوَّءَا لِقَوۡمِكُمَا بِمِصۡرَ بُيُوتًا وَٱجۡعَلُواْ بُيُوتَكُمۡ قِبۡلَةً وَأَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَۗ وَبَشِّرِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝٨٧
Wa awhainaaa ilaa Moosaa wa akheehi an tabaw wa aa liqawmikuma bi Misra bu yootanw waj`aloo bu yootakum qiblatanw wa aqeemus Salaah; wa bashshiril mu`mineen
और हमने मूसा और उनके भाई (हारुन) के पास 'वही' भेजी कि मिस्र में अपनी क़ौम के (रहने सहने के) लिए घर बना डालो और अपने अपने घरों ही को मस्जिदें क़रार दे लो और पाबन्दी से नमाज़ पढ़ों और मोमिनीन को (नजात का) खुशख़बरी दे दो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:88 🔁 0/5
وَقَالَ مُوسَىٰ رَبَّنَآ إِنَّكَ ءَاتَيۡتَ فِرۡعَوۡنَ وَمَلَأَهُۥ زِينَةً وَأَمۡوَٰلًا فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا رَبَّنَا لِيُضِلُّواْ عَن سَبِيلِكَۖ رَبَّنَا ٱطۡمِسۡ عَلَىٰٓ أَمۡوَٰلِهِمۡ وَٱشۡدُدۡ عَلَىٰ قُلُوبِهِمۡ فَلَا يُؤۡمِنُواْ حَتَّىٰ يَرَوُاْ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَلِيمَ  ۝٨٨
Wa qaala Mosaa Rabbanaaa innaka aataita Fir`awna wa mala ahoo zeenatanw wa amwaalan fil hayaatid dunyaa Rabbanaa liyudillo `ansabeelika Rabbanat mis `alaaa amwaalihim washdud `alaa quloobihim falaa yu`minoo hatta yarawul `azaabal aleem
और मूसा ने अर्ज़ की ऐ हमारे पालने वाले तूने फिरऔन और उसके सरदारों को दुनिया की ज़िन्दगी में (बड़ी) आराइश और दौलत दे रखी है (क्या तूने ये सामान इस लिए अता किया है) ताकि ये लोग तेरे रास्तें से लोगों को बहकाएं परवरदिगार तू उनके माल (दौलत) को ग़ारत (बरबाद) कर दे और उनके दिलों पर सख्ती कर (क्योंकि) जब तक ये लोग तकलीफ देह अज़ाब न देख लेगें ईमान न लाएगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:89 🔁 0/5
قَالَ قَدۡ أُجِيبَت دَّعۡوَتُكُمَا فَٱسۡتَقِيمَا وَلَا تَتَّبِعَآنِّ سَبِيلَ ٱلَّذِينَ لَا يَعۡلَمُونَ  ۝٨٩
Qaala qad ujeebad da`watukumaa fastaqeemaa wa laa tattabi`aaanni sabeelal lazeena laaya`lamoon
(ख़ुदा ने) फरमाया तुम दोनों की दुआ क़ुबूल की गई तो तुम दोनों साबित कदम रहो और नादानों की राह पर न चलो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:90 🔁 0/5
۞ وَجَٰوَزۡنَا بِبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ٱلۡبَحۡرَ فَأَتۡبَعَهُمۡ فِرۡعَوۡنُ وَجُنُودُهُۥ بَغۡيًا وَعَدۡوًاۖ حَتَّىٰٓ إِذَآ أَدۡرَكَهُ ٱلۡغَرَقُ قَالَ ءَامَنتُ أَنَّهُۥ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱلَّذِيٓ ءَامَنَتۡ بِهِۦ بَنُوٓاْ إِسۡرَٰٓءِيلَ وَأَنَا۠ مِنَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ  ۝٩٠
Wa jaawaznaa bi Baneee Israaa`eelal bahra fa atba`ahum Fir`awnu wa junooduhoo baghyanw wa `adwan hattaaa izaaa adrakahul gharaqu qaala aamantu annnahoo laaa ilaaha illal lazeee aamanat bihee Banooo Israaa`eela wa ana minal muslimeen
और हमने बनी इसराइल को दरिया के उस पार कर दिया फिर फिरऔन और उसके लश्कर ने सरकशी की और शरारत से उनका पीछा किया-यहाँ तक कि जब वह डूबने लगा तो कहने लगा कि जिस ख़ुदा पर बनी इसराइल ईमान लाए हैं मै भी उस पर ईमान लाता हूँ उससे सिवा कोई माबूद नहीं और मैं फरमाबरदार बन्दों से हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:91 🔁 0/5
ءَآلۡـَٰٔنَ وَقَدۡ عَصَيۡتَ قَبۡلُ وَكُنتَ مِنَ ٱلۡمُفۡسِدِينَ  ۝٩١
Aaal`aana wa qad `asaita qablu wa kunta minal mufsideen
अब (मरने) के वक्त र्ऌमान लाता है हालॉकि इससे पहले तो नाफ़रमानी कर चुका और तू तो फ़सादियों में से था
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:92 🔁 0/5
فَٱلۡيَوۡمَ نُنَجِّيكَ بِبَدَنِكَ لِتَكُونَ لِمَنۡ خَلۡفَكَ ءَايَةًۚ وَإِنَّ كَثِيرًا مِّنَ ٱلنَّاسِ عَنۡ ءَايَٰتِنَا لَغَٰفِلُونَ  ۝٩٢
Falyawma nunajjeeka bibadanika litakoona liman khalfaka Aayah; wa inna kaseeram minan naasi `an aayaatinaa laghaafiloon
तो हम आज तेरी रुह को तो नहीं (मगर) तेरे बदन को (तह नशीन होने से) बचाएँगें ताकि तू अपने बाद वालों के लिए इबरत का (बाइस) हो और इसमें तो शक़ नहीं कि तेरे लोग हमारी निशानियों से यक़ीनन बेख़बर हैं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:93 🔁 0/5
وَلَقَدۡ بَوَّأۡنَا بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ مُبَوَّأَ صِدۡقٍ وَرَزَقۡنَٰهُم مِّنَ ٱلطَّيِّبَٰتِ فَمَا ٱخۡتَلَفُواْ حَتَّىٰ جَآءَهُمُ ٱلۡعِلۡمُۚ إِنَّ رَبَّكَ يَقۡضِي بَيۡنَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ  ۝٩٣
Wa laqad bawwaanaa Baneee Israaa`eela mubawwa-a sidqinw wa razaqnaahum minnat taiyibaati famakh talafoo hattaa jaaa`ahmul `ilm; inna Rabbaka yaqdee bainahum Yawmal Qiyaamati feemaa kaanoo feehi yakhtalifoon
और हमने बनी इसराइल को (मालिक शाम में) बहुत अच्छी जगह बसाया और उन्हं अच्छी अच्छी चीज़ें खाने को दी तो उन लोगों के पास जब तक इल्म (न) आ चुका उन लोगों ने एख्तेलाफ़ नहीं किया इसमें तो शक़ ही नहीं जिन बातों में ये (दुनिया में) बाहम झगड़े रहे है क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार इसमें फैसला कर देगा
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:94 🔁 0/5
فَإِن كُنتَ فِي شَكٍّ مِّمَّآ أَنزَلۡنَآ إِلَيۡكَ فَسۡـَٔلِ ٱلَّذِينَ يَقۡرَءُونَ ٱلۡكِتَٰبَ مِن قَبۡلِكَۚ لَقَدۡ جَآءَكَ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُمۡتَرِينَ  ۝٩٤
Fa in kunta fee shakkim mimmaaa anzalnaaa ilaika fas`alil lazeena yaqra`oonal Kitaaba min qablik; laqad jaaa`akal haqqu mir Rabbika falaa takoonanna minal mumtareen
पस जो कुरान हमने तुम्हारी तरफ नाज़िल किया है अगर उसके बारे में तुम को कुछ शक़ हो तो जो लोग तुम से पहले से किताब (ख़ुदा) पढ़ा करते हैं उन से पूछ के देखों तुम्हारे पास यक़ीनन तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से बरहक़ किताब आ चुकी तो तू न हरगिज़ शक़ करने वालों से होना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:95 🔁 0/5
وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ فَتَكُونَ مِنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ  ۝٩٥
Wa laa takoonanna minal lazeena kazzaboo bi Aayaatil laahi fatakoona minal khaasireen
न उन लोगों से होना जिन्होंने ख़ुदा की आयतों को झुठलाया (वरना) तुम भी घाटा उठाने वालों से हो जाओगे
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:96 🔁 0/5
إِنَّ ٱلَّذِينَ حَقَّتۡ عَلَيۡهِمۡ كَلِمَتُ رَبِّكَ لَا يُؤۡمِنُونَ  ۝٩٦
Innal lazeena haqqat `alaihim Kalimatu Rabbika laa yu`minoon
(ऐ रसूल) इसमें शक़ नहीं कि जिन लोगों के बारे में तुम्हारे परवरदिगार को बातें पूरी उतर चुकी हैं (कि ये मुस्तहके अज़ाब हैं)
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:97 🔁 0/5
وَلَوۡ جَآءَتۡهُمۡ كُلُّ ءَايَةٍ حَتَّىٰ يَرَوُاْ ٱلۡعَذَابَ ٱلۡأَلِيمَ  ۝٩٧
Wa law jaaa`at hum kullu Aayatin hattaa yarawul `azaabal aleem
वह लोग जब तक दर्दनाक अज़ाब देख (न) लेगें ईमान न लाएंगें अगरचे इनके सामने सारी (ख़ुदाई के) मौजिज़े आ मौजूद हो
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:98 🔁 0/5
فَلَوۡلَا كَانَتۡ قَرۡيَةٌ ءَامَنَتۡ فَنَفَعَهَآ إِيمَٰنُهَآ إِلَّا قَوۡمَ يُونُسَ لَمَّآ ءَامَنُواْ كَشَفۡنَا عَنۡهُمۡ عَذَابَ ٱلۡخِزۡيِ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَمَتَّعۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ حِينٍ  ۝٩٨
Falaw laa kaanat qaryatun aamanat fanafa`ahaaa eemaanuhaaa illaa qawma Yoonusa lammaaa aamanoo kashafnaa `anhum `azaabal khizyi fil hayaatid dunyaa wa matta`naahum ilaa heen
कोई बस्ती ऐसी क्यों न हुई कि ईमान क़ुबूल करती तो उसको उसका ईमान फायदे मन्द होता हाँ यूनूस की क़ौम जब (अज़ाब देख कर) ईमान लाई तो हमने दुनिया की (चन्द रोज़ा) ज़िन्दगी में उनसे रुसवाई का अज़ाब दफा कर दिया और हमने उन्हें एक ख़ास वक्त तक चैन करने दिया
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:99 🔁 0/5
وَلَوۡ شَآءَ رَبُّكَ لَأٓمَنَ مَن فِي ٱلۡأَرۡضِ كُلُّهُمۡ جَمِيعًاۚ أَفَأَنتَ تُكۡرِهُ ٱلنَّاسَ حَتَّىٰ يَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ  ۝٩٩
Wa law shaaa`a Rabbuka la aamana man fil ardi kulluhum jamee`aa; afa anta tukrihun naasa hattaa yakoonoo mu`mineen
और (ऐ पैग़म्बर) अगर तेरा परवरदिगार चाहता तो जितने लोग रुए ज़मीन पर हैं सबके सब ईमान ले आते तो क्या तुम लोगों पर ज़बरदस्ती करना चाहते हो ताकि सबके सब ईमानदार हो जाएँ हालॉकि किसी शख़्स को ये एख्तेयार नहीं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:100 🔁 0/5
وَمَا كَانَ لِنَفۡسٍ أَن تُؤۡمِنَ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۚ وَيَجۡعَلُ ٱلرِّجۡسَ عَلَى ٱلَّذِينَ لَا يَعۡقِلُونَ  ۝١٠٠
Wa maa kaana linafsin an tu`mina illaa bi iznil laah; wa yaj`alur rijsa `alal lazeena laa ya`qiloon
कि बगैर ख़ुदा की इजाज़त ईमान ले आए और जो लोग (उसूले दीन में) अक़ल से काम नहीं लेते उन्हीं लोगें पर ख़ुदा (कुफ़्र) की गन्दगी डाल देता है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:101 🔁 0/5
قُلِ ٱنظُرُواْ مَاذَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ وَمَا تُغۡنِي ٱلۡأٓيَٰتُ وَٱلنُّذُرُ عَن قَوۡمٍ لَّا يُؤۡمِنُونَ  ۝١٠١
Qulin zuroo maazaa fissamaawaati wal ard; wa maa tughnil Aayaatu wannuzuru `an qawmil laa yu`minoon
(ऐ रसूल) तुम कहा दो कि ज़रा देखों तो सही कि आसमानों और ज़मीन में (ख़ुदा की निशानियाँ क्या) क्या कुछ हैं (मगर सच तो ये है) और जो लोग ईमान नहीं क़ुबूल करते उनको हमारी निशानियाँ और डरावे कुछ भी मुफीद नहीं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:102 🔁 0/5
فَهَلۡ يَنتَظِرُونَ إِلَّا مِثۡلَ أَيَّامِ ٱلَّذِينَ خَلَوۡاْ مِن قَبۡلِهِمۡۚ قُلۡ فَٱنتَظِرُوٓاْ إِنِّي مَعَكُم مِّنَ ٱلۡمُنتَظِرِينَ  ۝١٠٢
Fahal yantaziroona illaa misla ayyaamil lazeena khalaw min qablihim; qul fantazirooo innee ma`akum minal muntazireen
तो ये लोग भी उन्हें सज़ाओं के मुन्तिज़र (इन्तजार में) हैं जो उनसे क़ब्ल (पहले) वालो पर गुज़र चुकी हैं (ऐ रसूल उनसे) कह दो कि अच्छा तुम भी इन्तज़ार करो मैं भी तुम्हारे साथ यक़ीनन इन्तज़ार करता हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:103 🔁 0/5
ثُمَّ نُنَجِّي رُسُلَنَا وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْۚ كَذَٰلِكَ حَقًّا عَلَيۡنَا نُنجِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝١٠٣
Summma nunajjee Ruslanaa wallazeena aamanoo; kazaalika haqqan `alainaa nunjil mu`mineen
फिर (नुज़ूले अज़ाब के वक्त) हम अपने रसूलों को और जो लोग ईमान लाए उनको (अज़ाब से) तलूउ बचा लेते हैं यूँ ही हम पर लाज़िम है कि हम ईमान लाने वालों को भी बचा लें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:104 🔁 0/5
قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ إِن كُنتُمۡ فِي شَكٍّ مِّن دِينِي فَلَآ أَعۡبُدُ ٱلَّذِينَ تَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَلَٰكِنۡ أَعۡبُدُ ٱللَّهَ ٱلَّذِي يَتَوَفَّىٰكُمۡۖ وَأُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝١٠٤
Qul yaaa ayyuhan naasu in kuntum fee shakkkim min deenee falaa a`budul lazeena ta`budoona min doonil laahi wa laakin a`budul laahal lazee yatawaffaakum wa umirtu an akoona minal mu`mineen
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि अगर तुम लोग मेरे दीन के बारे में शक़ में पड़े हो तो (मैं भी तुमसे साफ कहें देता हूँ) ख़ुदा के सिवा तुम भी जिन लोगों की परसतिश करते हो मै तो उनकी परसतिश नहीं करने का मगर (हाँ) मै उस ख़ुदा की इबादत करता हूँ जो तुम्हें (अपनी कुदरत से दुनिया से) उठा लेगा और मुझे तो ये हुक्म दिया गया है कि मोमिन हूँ
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:105 🔁 0/5
وَأَنۡ أَقِمۡ وَجۡهَكَ لِلدِّينِ حَنِيفًا وَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ  ۝١٠٥
Wa an aqim wajhaka liddeeni Haneefanw wa laa takoonannna minal mushrikeen
और (मुझे) ये भी (हुक्म है) कि (बातिल) से कतरा के अपना रुख़ दीन की तरफ कायम रख और मुशरेकीन से हरगिज़ न होना
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:106 🔁 0/5
وَلَا تَدۡعُ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَنفَعُكَ وَلَا يَضُرُّكَۖ فَإِن فَعَلۡتَ فَإِنَّكَ إِذًا مِّنَ ٱلظَّٰلِمِينَ  ۝١٠٦
Wa laa tad`u min doonil laahi maa laa yanfa`uka wa laa yadurruka fa in fa`alta fa innaka izam minaz zaalimeen
और ख़ुदा को छोड़ ऐसी चीज़ को पुकारना जो न तुझे नफा ही पहुँचा सकती हैं न नुक़सान ही पहुँचा सकती है तो अगर तुमने (कहीं ऐसा) किया तो उस वक्त तुम भी ज़ालिमों में (शुमार) होगें
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:107 🔁 0/5
وَإِن يَمۡسَسۡكَ ٱللَّهُ بِضُرٍّ فَلَا كَاشِفَ لَهُۥٓ إِلَّا هُوَۖ وَإِن يُرِدۡكَ بِخَيۡرٍ فَلَا رَآدَّ لِفَضۡلِهِۦۚ يُصِيبُ بِهِۦ مَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦۚ وَهُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ  ۝١٠٧
Wa iny yamsaskal laahu bidurrin falaa kaashifa lahoo illaa Huwa wa iny yuridka bikhairin falaa raaadda lifadlih; yuseebu bihee man yashaaa`u min `ibaadih; wa huwal Ghafoorur Raheem
और (याद रखो कि) अगर ख़ुदा की तरफ से तुम्हें कोई बुराई छू भी गई तो फिर उसके सिवा कोई उसका दफा करने वाला नहीं होगा और अगर तुम्हारे साथ भलाई का इरादा करे तो फिर उसके फज़ल व करम का लपेटने वाला भी कोई नहीं वह अपने बन्दों में से जिसको चाहे फायदा पहुँचाएँ और वह बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:108 🔁 0/5
قُلۡ يَٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ قَدۡ جَآءَكُمُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكُمۡۖ فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهۡتَدِي لِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَإِنَّمَا يَضِلُّ عَلَيۡهَاۖ وَمَآ أَنَا۠ عَلَيۡكُم بِوَكِيلٍ  ۝١٠٨
Qul yaaa aiyuhan naasu qad jaaa`akumul haqqu mir Rabbikum famanih tadaa fa innamaa yahtadee linafsihee wa man dalla fa innamaa yadillu `alaihaa wa maaa ana `alaikum biwakeel
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ लोगों तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे पास हक़ (क़ुरान) आ चुका फिर जो शख़्स सीधी राह पर चलेगा तो वह सिर्फ अपने ही दम के लिए हिदायत एख्तेयार करेगा और जो गुमराही एख्तेयार करेगा वह तो भटक कर कुछ अपना ही खोएगा और मैं कुछ तुम्हारा ज़िम्मेदार तो हूँ नहीं
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
10:109 🔁 0/5
وَٱتَّبِعۡ مَا يُوحَىٰٓ إِلَيۡكَ وَٱصۡبِرۡ حَتَّىٰ يَحۡكُمَ ٱللَّهُۚ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلۡحَٰكِمِينَ  ۝١٠٩
Qattabi` maa yoohaaa ilaika wasbir hattaa yahkumal laah; wa Huwa khairul haakimeen
और (ऐ रसूल) तुम्हारे पास जो 'वही' भेजी जाती है तुम बस उसी की पैरवी करो और सब्र करो यहाँ तक कि ख़ुदा तुम्हारे और काफिरों के दरमियान फैसला फरमाए और वह तो तमाम फैसला करने वालों से बेहतर है
🎤 आपकी रिकॉर्डिंग:
💡 किसी छुपे शब्द को टैप करें ताकि वह अस्थायी रूप से दिखे — आपकी प्रगति अपने आप सहेजी जाती है।

🎉
🎊 शाबाश! याद पूरी हुई
Mishary Rashid Alafasy
Mahmoud Khalil Al-Husary
Abdurrahman As-Sudais
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
Abdul Basit Abdul Samad
Ali Al-Hudhaify
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
Abu Bakr Ash-Shaatree
Muhammad Ayyoub
Abdullah Basfar
Abdullah Al-Juhani
Maher Al Muaiqly
0:00
0:00
-

पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए