Surah Al-Haqqah Ayat 26 Tafseer in Hindi
﴿وَلَمْ أَدْرِ مَا حِسَابِيَهْ﴾
[ الحاقة: 26]
और मुझे न मालूल होता कि मेरा हिसाब क्या है
Surah Al-Haqqah Hindi
Surah Al-Haqqah Verse 26 translate in arabic
Surah Al-Haqqah Ayat 26 meaning in Hindi
और मैं न जानता कि मेरा हिसाब क्या है!
Quran Urdu translation
اور مجھے معلوم نہ ہو کہ میرا حساب کیا ہے
Tafseer Tafheem-ul-Quran by Syed Abu-al-A'la Maududi
(69:26) and had not known my account. *17
And had not known what is my account. meaning
*17) That is, "I should not have been told what I had done in the world." Another meaning of this verse also can be: "I never knew what an account was: 1 never had imagined that one day I would also have to render my account and that all my deeds would be presented before me."
Ayats from Quran in Hindi
- ये इसलिए कि ख़ुदा ने बरहक़ किताब नाज़िल की और बेशक जिन लोगों ने किताबे
- सूरज की क़सम और उसकी रौशनी की
- जो औरें से नाप कर लें तो पूरा पूरा लें
- और जो (मुशरेकीन) कुछ नहीं जानते कहते हैं कि खुदा हमसे (खुद) कलाम क्यों नहीं
- (ये भी) परहेज़गारों पर एक हक़ है उसी तरह ख़ुदा तुम लोगों की हिदायत के
- ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी
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