Surah Waqiah Ayat 31 Tafseer in Hindi
Surah Waqiah Verse 31 translate in arabic
Ayats from Quran in Hindi
- परवरदिगार मुझे इल्म व फहम अता फरमा और मुझे नेकों के साथ शामिल कर
- ज़मीन में जो चलने फिरने वाला (हैवान) या अपने दोनों परों से उड़ने वाला परिन्दा
- ताकि तुम दुनिया और आख़िरत (के मामलात) में ग़ौर करो और तुम से लोग यतीमों
- क्या ही बुरा है वह काम जिसके मुक़ाबले में (इतनी बात पर) वह लोग अपनी
- और न कोई उसके जकड़ने की तरह जकड़ेगा
- (ऐ रसूल भला) देखो तो ये लोग अपने ही ऊपर आप किस तरह झूठ बोलने
- जिसने अच्छे अच्छे काम किये तो अपने नफे क़े लिए और जो बुरा काम करे
- और इसमें शक नहीं कि तेरा परवरदिगार यक़ीनन (हर चीज़ पर) ग़ालिब (और) मेहरबान है
- क्योंकि अगर तू उनको छोड़ देगा तो ये (फिर) तेरे बन्दों को गुमराह करेंगे और
- ये हरगिज़ न होगा ये तो मेरी आयतों का दुश्मन था
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