अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
इस आयत में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे अलग से समझाने की आवश्यकता हो, क्योंकि "यासीन" (يس) एक हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षर) है, जिसका अर्थ केवल अल्लाह ही जानता है।
तफ़सीर:
"यासीन" (يس) उन हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है जो कुरआन की कुछ सूरहों के आरंभ में आते हैं। इन अक्षरों का वास्तविक अर्थ केवल अल्लाह तआला जानता है, और यह कुरआन की अजीमुश्शान (महान) चुनौती का एक हिस्सा हैं। जिस प्रकार सूरह अल-बक़रह के आरंभ में "अलिफ़-लाम-मीम" (الم) आया है, उसी प्रकार यहाँ "यासीन" आया है। ये अक्षर इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यह कुरआन उन्हीं अक्षरों से बना है जो अरबी भाषा में आम हैं, फिर भी अरब के फ़सीह (वाक्पटु) लोग इसके समान एक सूरह भी पेश नहीं कर सके। यह कुरआन के अल्लाह की ओर से होने का एक प्रमाण है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! जब अल्लाह तआला ने अपनी किताब की शुरुआत इन रहस्यमय अक्षरों से की, तो यह हमारे लिए एक इशारा है कि यह किताब कितनी अज़ीम (महान) है। जिस किताब की हर आयत में हिदायत और रहमत है, उसकी तरफ हमें पूरे ध्यान से रुजू करना चाहिए। यह कुरआन हमारी ज़िंदगी का नक्शा है, जो हमें अंधेरों से रोशनी की तरफ ले जाता है। जो व्यक्ति इस किताब को पढ़ता है, समझता है और उस पर अमल करता है, उसके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी है। आइए! हम कुरआन को सिर्फ़ पढ़ने तक ही सीमित न रखें, बल्कि उस पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करें और उसकी तालीमात को अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही हमारी सच्ची कामयाबी है।
📜 आयत 1-3 — यासीन
अनुवाद — यासीन 1
सूरा यासीन आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यासीनसूरा आयत 1/83 — यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यासीन सुनें, यासीन अनुवाद, यासीन mp3, यासीन pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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