अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْجَوَارِحِ (अल-जवारिह): शिकार करने वाले जानवर और पक्षी, जैसे शिकारी कुत्ते, चीते, बाज़ और बाज़ जैसे पक्षी।
- مُكَلِّبِينَ (मुकल्लिबीन): शिकारी कुत्तों को प्रशिक्षित करने वाले, या शिकार के लिए जानवरों को सिखाने वाले।
- أَمْسَكْنَ (अम्सक्न): पकड़ा, शिकार को पकड़कर रोका।
- سَرِيعُ الْحِسَابِ (सरीउल हिसाब): जल्दी हिसाब लेने वाला, यानी अल्लाह का हिसाब बहुत तेज़ है।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! आपके साथी आपसे पूछते हैं कि उनके लिए क्या चीज़ें हलाल (जायज़) की गई हैं? अल्लाह आपको आदेश देता है कि आप उन्हें उत्तर दें: "तुम्हारे लिए सभी पवित्र और अच्छी चीज़ें हलाल की गई हैं।" इसका अर्थ है कि वे सभी खाद्य पदार्थ जो पाक और स्वच्छ हैं, जिनमें कोई नुकसान नहीं, और जिन्हें अल्लाह के नाम पर ज़बह किया गया हो, वे तुम्हारे लिए जायज़ हैं।
इसके अलावा, अल्लाह ने उन शिकारी जानवरों और पक्षियों का शिकार भी हलाल किया है जिन्हें तुमने प्रशिक्षित किया है। ये जानवर जैसे शिकारी कुत्ते, चीते, बाज़ और बाज़ आदि हो सकते हैं। तुम उन्हें शिकार करना सिखाते हो, जैसा कि अल्लाह ने तुम्हें सिखाया है। जब तुम इन प्रशिक्षित जानवरों को शिकार के लिए भेजो, और वे तुम्हारे लिए शिकार को पकड़कर रोक लें, तो उस शिकार को खाना तुम्हारे लिए हलाल है, चाहे वह जानवर उसे मार ही क्यों न दे। लेकिन शर्त यह है कि जब तुम उन्हें शिकार के लिए भेजो, तो अल्लाह का नाम लो (बिस्मिल्लाह कहो)।
अल्लाह से डरो और उसके आदेशों का पालन करो तथा उसके निषेधों से बचो। याद रखो कि अल्लाह बहुत जल्दी हिसाब लेने वाला है, वह हर छोटे-बड़े काम का हिसाब लेगा।
फ़ायदे (सीख):
- इस्लाम में आसानी: यह आयत बताती है कि इस्लाम में खाने-पीने की कोई सख्ती नहीं है, बल्कि पवित्र और अच्छी चीज़ें हलाल हैं। यह धर्म आसानी और सहूलियत पर आधारित है।
- प्रशिक्षण और मेहनत की अहमियत: अल्लाह ने उन जानवरों का शिकार हलाल किया जिन्हें इंसान प्रशिक्षित करता है। इससे सीख मिलती है कि इंसान को अपने कामों में मेहनत और प्रशिक्षण की ज़रूरत है, और जो चीज़ें इंसानी मेहनत से तैयार होती हैं, वे बरकत वाली होती हैं।
- हर काम में अल्लाह का नाम: शिकार पर जानवर छोड़ते समय अल्लाह का नाम लेने का आदेश दिया गया है। यह सिखाता है कि हर काम की शुरुआत अल्लाह के नाम से करनी चाहिए, ताकि उसमें बरकत हो और वह अल्लाह की याद से जुड़ा रहे।
- अल्लाह का हिसाब: आयत के अंत में अल्लाह के जल्दी हिसाब लेने का ज़िक्र है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे हर काम का हिसाब होगा, इसलिए हमें हर काम में अल्लाह से डरते हुए और उसकी मर्ज़ी के मुताबिक चलना चाहिए।
📜 आयत 2-6 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 4
सूरा अल-माइदा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुमसे लोग पूंछते हैं कि कौन (कौन) चीज़…सूरा आयत 4/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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