अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- किताब: पुस्तक, लिखी हुई चीज़।
- मसतूर: लिखा हुआ, पंक्तिबद्ध, स्पष्ट अक्षरों में अंकित।
तफ़सीर:
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला ने "किताबे मसतूर" यानी लिखी हुई पुस्तक की क़सम खाई है। यह क़सम बताती है कि यह पुस्तक कितनी महान और पवित्र है। इससे मुराद लेने में मुफ़स्सिरीन के बीच कुछ अलग-अलग राय हैं, लेकिन सबसे प्रमुख और स्पष्ट मत यह है कि यहाँ "किताबे मसतूर" से मुराद क़ुरआन-ए-करीम है, जो अल्लाह का कलाम है और लौहे महफ़ूज़ में लिखा हुआ है। यह वह किताब है जो अपने अक्षरों, शब्दों और अर्थों में पूर्ण रूप से व्यवस्थित और स्पष्ट है, जिसमें कोई कमी, विरोधाभास या भ्रम नहीं है।
कुछ मुफ़स्सिरीन ने यह भी कहा है कि इससे मुराद वह किताब है जो अल्लाह ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को दी थी, यानी तौरात, जो उनके लिए मार्गदर्शन और रोशनी थी। और कुछ ने इसे लौहे महफ़ूज़ से ताबीर दी है, जहाँ हर चीज़ का लेखा-जोखा अल्लाह के इल्म के अनुसार अंकित है। लेकिन ये सभी मत एक ही सच्चाई की ओर इशारा करते हैं—अल्लाह की लिखी हुई किताबें उसकी रहमत और हिदायत का ज़रिया हैं।
इस आयत में अल्लाह ने क़सम खाकर इस किताब की अज़मत को बयान किया है, ताकि हमें यक़ीन हो कि यह किताब कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि वह हिदायत का सरचश्मा है जो इंसान को अंधकार से निकालकर रोशनी की ओर ले जाती है। जब अल्लाह खुद इस किताब की क़सम खाता है, तो इसका मतलब है कि इसकी अहमियत और सच्चाई पर कोई शक नहीं होना चाहिए।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन-ए-करीम वह किताब है जिसे अल्लाह ने अपनी क़सम के साथ पेश किया है। यह हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है कि हमारे पास ऐसी किताब मौजूद है जो हर युग में, हर ज़माने में इंसान की रहनुमाई करती है। इस किताब में हर वो चीज़ मौजूद है जो इंसान को दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाती है। आओ, हम इस किताब को पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत तक पहुँचाएगा। क़ुरआन को अपना साथी बनाएँ, क्योंकि यह क़यामत के दिन हमारे लिए सिफ़ारिशी बनेगा और हमें जन्नत की तरफ ले जाएगा। अल्लाह हमें क़ुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-4 — अत-तूर
अनुवाद — अत-तूर 2
सूरा अत-तूर आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसकी किताब (लौहे महफूज़) कीसूरा आयत 2/49 — अत-तूर الطور (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तूर सुनें, अत-तूर अनुवाद, अत-तूर mp3, अत-तूर pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








