अल-जासिया · 1/37
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-जासिया
حم ۝١
Haa-Meeem
📖 हिंदी अर्थ
हा मीम

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

इस आयत में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे अलग से समझाने की आवश्यकता हो, क्योंकि "حم" हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षर) में से है, जिनके अर्थ केवल अल्लाह ही बेहतर जानता है।

तफ़सीर:

"حم" उन हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है जो कुरआन की कुछ सूरहों के आरंभ में आते हैं। ये अक्षर अपने आप में एक चमत्कार हैं और इनके माध्यम से अल्लाह तआला इस ओर संकेत करते हैं कि यह कुरआन उन्हीं अक्षरों से बना है जिन्हें अरब के लोग बोलते और समझते हैं। इसके बावजूद वे इसके समान कोई किताब या सूरह पेश करने से असमर्थ हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि यह कुरआन अल्लाह की ओर से है, किसी इंसान की रचना नहीं। इन अक्षरों का सही अर्थ केवल अल्लाह ही जानता है, और हम उन पर ईमान लाते हैं। यह भी बताया गया है कि इन हुरूफ़ का उल्लेख कुरआन की अज़मत और उसकी फ़ज़ीलत को बयान करने के लिए किया गया है, ताकि लोग ध्यान दें और सोचें। यह कुरआन की ओर ध्यान आकर्षित करने का एक अल्लाही तरीक़ा है, जो सुनने वालों को ग़ौर-ओ-फ़िक्र की दावत देता है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! जब अल्लाह तआला कुरआन की शुरुआत इन अक्षरों से करता है, तो यह हमारे लिए एक इशारा है कि यह किताब कितनी अज़ीम है। यह हमें बताता है कि अल्लाह की किताब को पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना हमारी ज़िंदगी की सबसे बड़ी ज़रूरत है। कुरआन वह रहनुमा है जो हमें अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाता है। आइए, हम कुरआन से अपना रिश्ता मज़बूत करें, इसे पढ़ें, इस पर अमल करें और इसे अपनी ज़िंदगी का नक्शा बनाएं। यही हमारी कामयाबी और खुशहाली की कुंजी है। अल्लाह हम सबको कुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 1-3 — सूरा अल-जासिया

1حم
हा मीम
2تَنزِيلُ الْكِتَابِ مِنَ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ
ये किताब (क़ुरान) ख़ुदा की तरफ से नाज़िल हुईहै जो ग़ालिब और दाना है
3إِنَّ فِي السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ لَآيَاتٍ لِّلْمُؤْمِنِينَ
बेशक आसमान और ज़मीन में ईमान वालों के लिए (क़ुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
अल-जासियाकुरान सूची
37आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अल-जासिया 1

सूरा अल-जासिया आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हा मीम

सूरा आयत 1/37 — सूरा अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जासिया सुनें, सूरा अल-जासिया अनुवाद, सूरा अल-जासिया mp3, सूरा अल-जासिया pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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