सूरा अन-नज्म
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62 आयत मक्की PDF
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सूरा अन-नज्म pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अन-नज्म pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अन-नज्म अनुवाद. अन-नज्म (मक्की) 62 आयत.



सूरा अन-नज्म
62 आयत · मक्की · हिन्दी
bismillah
ﭑﭒﭓﭔ
तारे की क़सम जब टूटा
ﭕﭖﭗﭘﭙﭚ
कि तुम्हारे रफ़ीक़ (मोहम्मद) न गुमराह हुए और न बहके
ﭛﭜﭝﭞﭟ
और वह तो अपनी नफ़सियानी ख्वाहिश से कुछ भी नहीं कहते
ﭠﭡﭢﭣﭤﭥ
ये तो बस वही है जो भेजी जाती है
ﭦﭧﭨﭩ
इनको निहायत ताक़तवर (फ़रिश्ते जिबरील) ने तालीम दी है
ﭪﭫﭬﭭ
जो बड़ा ज़बरदस्त है और जब ये (आसमान के) ऊँचे (मुशरक़ो) किनारे पर था तो वह अपनी (असली सूरत में) सीधा खड़ा हुआ
ﭮﭯﭰﭱ
फिर करीब हो (और आगे) बढ़ा
ﭲﭳﭴﭵ
(फिर जिबरील व मोहम्मद में) दो कमान का फ़ासला रह गया
ﭶﭷﭸﭹﭺﭻ
बल्कि इससे भी क़रीब था
ﭼﭽﭾﭿﮀﮁ
ख़ुदा ने अपने बन्दे की तरफ जो 'वही' भेजी सो भेजी
ﮂﮃﮄﮅﮆﮇ
तो जो कुछ उन्होने देखा उनके दिल ने झूठ न जाना
ﮈﮉﮊﮋﮌ
तो क्या वह (रसूल) जो कुछ देखता है तुम लोग उसमें झगड़ते हो
ﮍﮎﮏﮐﮑ
और उन्होने तो उस (जिबरील) को एक बार (शबे मेराज) और देखा है
ﮒﮓﮔﮕ
सिदरतुल मुनतहा के नज़दीक
ﮖﮗﮘﮙ
उसी के पास तो रहने की बेहिश्त है
ﮚﮛﮜﮝﮞﮟ
जब छा रहा था सिदरा पर जो छा रहा था
ﮠﮡﮢﮣﮤﮥ
(उस वक्त भी) उनकी ऑंख न तो और तरफ़ माएल हुई और न हद से आगे बढ़ी
ﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
और उन्होने यक़ीनन अपने परवरदिगार (की क़ुदरत) की बड़ी बड़ी निशानियाँ देखीं
ﮭﮮﮯﮰ
तो भला तुम लोगों ने लात व उज्ज़ा और तीसरे पिछले मनात को देखा
ﮱﯓﯔﯕ
(भला ये ख़ुदा हो सकते हैं)
ﯖﯗﯘﯙﯚ
क्या तुम्हारे तो बेटे हैं और उसके लिए बेटियाँ
ﯛﯜﯝﯞﯟ
ये तो बहुत बेइन्साफ़ी की तक़सीम है
ﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺﯻ
ये तो बस सिर्फ नाम ही नाम है जो तुमने और तुम्हारे बाप दादाओं ने गढ़ लिए हैं, ख़ुदा ने तो इसकी कोई सनद नाज़िल नहीं की ये लोग तो बस अटकल और अपनी नफ़सानी ख्वाहिश के पीछे चल रहे हैं हालॉकि उनके पास उनके परवरदिगार की तरफ से हिदायत भी आ चुकी है
ﯼﯽﯾﯿﰀ
क्या जिस चीज़ की इन्सान तमन्ना करे वह उसे ज़रूर मिलती है
ﰁﰂﰃﰄ
आख़ेरत और दुनिया तो ख़ास ख़ुदा ही के एख्तेयार में हैं
ﰅﰆﰇﰈﰉﰊﰋﰌﰍﰎﰏﰐﰑﰒﰓﰔﰕﰖﰗﰘ
और आसमानों में बहुत से फरिश्ते हैं जिनकी सिफ़ारिश कुछ भी काम न आती, मगर ख़ुदा जिसके लिए चाहे इजाज़त दे दे और पसन्द करे उसके बाद (सिफ़ारिश कर सकते हैं)
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙﭚ
जो लोग आख़ेरत पर ईमान नहीं रखते वह फ़रिश्तों के नाम रखते हैं औरतों के से नाम हालॉकि उन्हें इसकी कुछ ख़बर नहीं
ﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭ
वह लोग तो बस गुमान (ख्याल) के पीछे चल रहे हैं, हालॉकि गुमान यक़ीन के बदले में कुछ भी काम नहीं आया करता,
ﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹ
तो जो हमारी याद से रदगिरदानी करे ओर सिर्फ दुनिया की ज़िन्दगी ही का तालिब हो तुम भी उससे मुँह फेर लो
ﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋ
उनके इल्म की यही इन्तिहा है तुम्हारा परवरदिगार, जो उसके रास्ते से भटक गया उसको भी ख़ूब जानता है, और जो राहे रास्त पर है उनसे भी ख़ूब वाक़िफ है
ﮌﮍﮎﮏﮐﮑﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜ
और जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है (ग़रज़ सब कुछ) ख़ुदा ही का है, ताकि जिन लोगों ने बुराई की हो उनको उनकी कारस्तानियों की सज़ा दे और जिन लोगों ने नेकी की है (उनकी नेकी की जज़ा दे)
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡ
जो सग़ीरा गुनाहों के सिवा कबीरा गुनाहों से और बेहयाई की बातों से बचे रहते हैं बेशक तुम्हारा परवरदिगार बड़ी बख्यिश वाला है वही तुमको ख़ूब जानता है जब उसने तुमको मिटटी से पैदा किया और जब तुम अपनी माँ के पेट में बच्चे थे तो (तकब्बुर) से अपने नफ्स की पाकीज़गी न जताया करो जो परहेज़गार है उसको वह ख़ूब जानता है
ﯢﯣﯤﯥ
भला (ऐ रसूल) तुमने उस शख़्श को भी देखा जिसने रदगिरदानी की
ﯦﯧﯨﯩ
और थोड़ा सा (ख़ुदा की राह में) दिया और फिर बन्द कर दिया
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯ
क्या उसके पास इल्मे ग़ैब है कि वह देख रहा है
ﯰﯱﯲﯳﯴﯵﯶﯷ
क्या उसको उन बातों की ख़बर नहीं पहुँची जो मूसा के सहीफ़ों में है
ﯸﯹﯺﯻ
और इबराहीम के (सहीफ़ों में)
ﯼﯽﯾﯿﰀﰁ
जिन्होने (अपना हक़) (पूरा अदा) किया इन सहीफ़ों में ये है, कि कोई शख़्श दूसरे (के गुनाह) का बोझ नहीं उठाएगा
ﰂﰃﰄﰅﰆﰇﰈ
और ये कि इन्सान को वही मिलता है जिसकी वह कोशिश करता है
ﰉﰊﰋﰌﰍ
और ये कि उनकी कोशिश अनक़रीेब ही (क़यामत में) देखी जाएगी
ﰎﰏﰐﰑﰒ
फिर उसका पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
ﰓﰔﰕﰖﰗ
और ये कि (सबको आख़िर) तुम्हारे परवरदिगार ही के पास पहुँचना है
ﰘﰙﰚﰛﰜ
और ये कि वही हँसाता और रूलाता है
ﰝﰞﰟﰠﰡ
और ये कि वही मारता और जिलाता है
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖ
और ये कि वही नर और मादा दो किस्म (के हैवान) नुत्फे से जब (रहम में) डाला जाता है
ﭗﭘﭙﭚﭛ
पैदा करता है
ﭜﭝﭞﭟﭠ
और ये कि उसी पर (कयामत में) दोबारा उठाना लाज़िम है
ﭡﭢﭣﭤﭥ
और ये कि वही मालदार बनाता है और सरमाया अता करता है,
ﭦﭧﭨﭩﭪ
और ये कि वही योअराए का मालिक है
ﭫﭬﭭﭮﭯ
और ये कि उसी ने पहले (क़ौमे) आद को हलाक किया
ﭰﭱﭲﭳ
और समूद को भी ग़रज़ किसी को बाक़ी न छोड़ा
ﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾ
और (उसके) पहले नूह की क़ौम को बेशक ये लोग बड़े ही ज़ालिम और बड़े ही सरकश थे
ﭿﮀﮁ
और उसी ने (क़ौमे लूत की) उलटी हुई बस्तियों को दे पटका
ﮂﮃﮄﮅ
(फिर उन पर) जो छाया सो छाया
ﮆﮇﮈﮉﮊ
तो तू (ऐ इन्सान आख़िर) अपने परवरदिगार की कौन सी नेअमत पर शक़ किया करेगा
ﮋﮌﮍﮎﮏﮐ
ये (मोहम्मद भी अगले डराने वाले पैग़म्बरों में से एक डरने वाला) पैग़म्बर है
ﮑﮒﮓ
कयामत क़रीब आ गयी
ﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚ
ख़ुदा के सिवा उसे कोई टाल नहीं सकता
ﮛﮜﮝﮞﮟ
तो क्या तुम लोग इस बात से ताज्जुब करते हो और हँसते हो
ﮠﮡﮢﮣ
और रोते नहीं हो
ﮤﮥﮦ
और तुम इस क़दर ग़ाफ़िल हो तो ख़ुदा के आगे सजदे किया करो
ﮧﮨﮩﮪﮫ
और (उसी की) इबादत किया करो (62) सजदा

पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए