सूरा अल-हिज्र
PDF —
Built right in your browser — download starts automatically
सूरा अल-हिज्र pdf — डाउनलोड (हिन्दी)
सूरा अल-हिज्र pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अल-हिज्र अनुवाद. अल-हिज्र (मक्की) 99 आयत.
Related
- अल-हिज्र अनुवादहिन्दी
- अल-हिज्र mp3सुनें
- Quran Index हिन्दी114
More सूरा PDF
सूरा अल-हिज्र

ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘ
अलिफ़ लाम रा ये किताब (ख़ुदा) और वाजेए व रौशन क़ुरान की (चन्द) आयते हैं
ﭙﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠ
(एक दिन वह भी आने वाला है कि) जो लोग काफ़िर हो बैठे हैं अक्सर दिल से चाहेंगें
ﭡﭢﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩ
काश (हम भी) मुसलमान होते (ऐ रसूल) उन्हें उनकी हालत पर रहने दो कि खा पी लें और (दुनिया के चन्द रोज़) चैन कर लें और उनकी तमन्नाएँ उन्हें खेल तमाशे में लगाए रहीं
ﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
अनक़रीब ही (इसका नतीजा) उन्हें मालूम हो जाएगा और हमने कभी कोई बस्ती तबाह नहीं की मगर ये कि उसकी तबाही के लिए (पहले ही से) समझी बूझी मियाद मुक़र्रर लिखी हुई थी
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
कोई उम्मत अपने वक्त से न आगे बढ़ सकती है न पीछे हट सकती है
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃ
(ऐ रसूल कुफ्फ़ारे मक्का तुमसे) कहते हैं कि ऐ शख़्श (जिसको ये भरम है) कि उस पर 'वही' व किताब नाज़िल हुईहै तो (अच्छा ख़ासा) सिड़ी है
ﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌ
अगर तू अपने दावे में सच्चा है तो फरिश्तों को हमारे सामने क्यों नहीं ला खड़ा करता
ﮍﮎﮏﮐﮑﮒﮓﮔﮕﮖ
(हालॉकि) हम फरिश्तों को खुल्लम खुल्ला (जिस अज़ाब के साथ) फैसले ही के लिए भेजा करते हैं और (अगर फरिश्ते नाज़िल हो जाए तो) फिर उनको (जान बचाने की) मोहलत भी न मिले
ﮗﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞ
बेशक हम ही ने क़ुरान नाज़िल किया और हम ही तो उसके निगेहबान भी हैं
ﮟﮠﮡﮢﮣﮤﮥﮦ
(ऐ रसूल) हमने तो तुमसे पहले भी अगली उम्मतों में (और भी बहुत से) रसूल भेजे
ﮧﮨﮩﮪﮫﮬﮭﮮﮯ
और (उनकी भी यही हालत थी कि) उनके पास कोई रसूल न आया मगर उन लोगों ने उसकी हँसी ज़रुर उड़ाई
ﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
हम (गोया खुद) इसी तरह इस (गुमराही) को (उन) गुनाहगारों के दिल में डाल देते हैं
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞ
ये कुफ्फ़ार इस (क़ुरान) पर ईमान न लाएँगें और (ये कुछ अनोखी बात नहीं) अगलों के तरीक़े भी (ऐसे ही) रहें है
ﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨ
और अगर हम अपनी कुदरत से आसमान का एक दरवाज़ा भी खोल दें और ये लोग दिन दहाड़े उस दरवाज़े से (आसमान पर) चढ़ भी जाएँ
ﯩﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱ
तब भी यहीं कहेगें कि हो न हो हमारी ऑंखें (नज़र बन्दी से) मतवाली कर दी गई हैं या नहीं तो हम लोगों पर जादू किया गया है
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘ
और हम ही ने आसमान में बुर्ज बनाए और देखने वालों के वास्ते उनके (सितारों से) आरास्ता (सजाया) किया
ﭙﭚﭛﭜﭝﭞ
और हर शैतान मरदूद की आमद रफत (आने जाने) से उन्हें महफूज़ रखा
ﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥﭦ
मगर जो शैतान चोरी छिपे (वहाँ की किसी बात पर) कान लगाए तो यहाब का दहकता हुआ योला उसके (खदेड़ने को) पीछे पड़ जाता है
ﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
और ज़मीन को (भी अपने मख़लूक़ात के रहने सहने को) हम ही ने फैलाया और इसमें (कील की तरह) पहाड़ो के लंगर डाल दिए और हमने उसमें हर किस्म की मुनासिब चीज़े उगाई
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻ
और हम ही ने उन्हें तुम्हारे वास्ते ज़िन्दगी के साज़ों सामान बना दिए और उन जानवरों के लिए भी जिन्हें तुम रोज़ी नहीं देते
ﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆﮇ
और हमारे यहाँ तो हर चीज़ के बेशुमार खज़ाने (भरे) पड़े हैं और हम (उसमें से) एक जची तली मिक़दार भेजते रहते है
ﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑﮒﮓﮔ
और हम ही ने वह हवाएँ भेजी जो बादलों को पानी से (भरे हुए) है फिर हम ही ने आसमान से पानी बरसाया फिर हम ही ने तुम लोगों को वह पानी पिलाया और तुम लोगों ने तो कुछ उसको जमा करके नहीं रखा था
ﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛ
और इसमें शक़ नहीं कि हम ही (लोगों को) जिलाते और हम ही मार डालते हैं और (फिर) हम ही (सब के) वाली वारिस हैं
ﮜﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣ
और बेशक हम ही ने तुममें से उन लोगों को भी अच्छी तरह समझ लिया जो पहले हो गुज़रे और हमने उनको भी जान लिया जो बाद को आने वाले हैं
ﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
और इसमें शक़ नहीं कि तेरा परवरदिगार वही है जो उन सब को (क़यामत में कब्रों से) उठाएगा बेशक वह हिक़मत वाला वाक़िफकार है
ﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
और बेशक हम ही ने आदमी को ख़मीर (गुंधी) दी हुईसड़ी मिट्टी से जो (सूखकर) खन खन बोलने लगे पैदा किया
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞ
और हम ही ने जिन्नात को आदमी से (भी) पहले वे धुएँ की तेज़ आग से पैदा किया
ﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫ
और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं एक आदमी को खमीर दी हुई मिट्टी से (जो सूखकर) खन खन बोलने लगे पैदा करने वाला हूँ
ﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴﯵ
तो जिस वक्त मै उसको हर तरह से दुरुस्त कर चुके और उसमें अपनी (तरफ से) रुह फूँक दूँ तो सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना
ﯶﯷﯸﯹﯺ
ग़रज़ फरिश्ते तो सब के सब सर ब सजूद हो गए
ﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂ
मगर इबलीस (मलऊन) की उसने सजदा करने वालों के साथ शामिल होने से इन्कार किया
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙ
(इस पर ख़ुदा ने) फरमाया आओ शैतान आख़िर तुझे क्या हुआ कि तू सजदा करने वालों के साथ शामिल न हुआ
ﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥ
वह (ढिठाई से) कहने लगा मैं ऐसा गया गुज़रा तो हूँ नहीं कि ऐसे आदमी को सजदा कर बैठूँ जिसे तूने सड़ी हुई खन खन बोलने वाली मिट्टी से पैदा किया है
ﭦﭧﭨﭩﭪﭫ
ख़ुदा ने फरमाया (नहीं तू) तो बेहश्त से निकल जा (दूर हो) कि बेशक तू मरदूद है
ﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
और यक़ीनन तुझ पर रोज़े में जज़ा तक फिटकार बरसा करेगी
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹ
शैतान ने कहा ऐ मेरे परवरदिगार ख़ैर तू मुझे उस दिन तक की मोहलत दे जबकि (लोग दोबारा ज़िन्दा करके) उठाए जाएँगें
ﭺﭻﭼﭽﭾ
ख़ुदा ने फरमाया वक्त मुक़र्रर
ﭿﮀﮁﮂﮃ
के दिन तक तुझे मोहलत दी गई
ﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎ
उन शैतान ने कहा ऐ मेरे परवरदिगार चूंकि तूने मुझे रास्ते से अलग किया मैं भी उनके लिए दुनिया में (साज़ व सामान को) उम्दा कर दिखाऊँगा और सबको ज़रुर बहकाऊगा
ﮏﮐﮑﮒﮓ
मगर उनमें से तेरे निरे खुरे ख़ास बन्दे (कि वह मेरे बहकाने में न आएँगें)
ﮔﮕﮖﮗﮘﮙ
ख़ुदा ने फरमाया कि यही राह सीधी है कि मुझ तक (पहुँचती) है
ﮚﮛﮜﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤﮥ
जो मेरे मुख़लिस (ख़ास बन्दे) बन्दे हैं उन पर तुझसे किसी तरह की हुकूमत न होगी मगर हाँ गुमराहों में से जो तेरी पैरवी करे (उस पर तेरा वार चल जाएगा)
ﮦﮧﮨﮩﮪ
और हाँ ये भी याद रहे कि उन सब के वास्ते (आख़िरी) वायदा बस जहन्न ुम है जिसके सात दरवाजे होगे
ﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔ
हर (दरवाज़े में जाने) के लिए उन गुमराहों की अलग अलग टोलियाँ होगीं
ﯕﯖﯗﯘﯙﯚ
और परहेज़गार तो बेहश्त के बाग़ों और चश्मों मे यक़ीनन होंगे
ﯛﯜﯝﯞ
(दाख़िले के वक्त फ़रिश्ते कहेगें कि) उनमें सलामती इत्मिनान से चले चलो
ﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
और (दुनिया की तकलीफों से) जो कुछ उनके दिल में रंज था उसको भी हम निकाल देगें और ये बाहम एक दूसरे के आमने सामने तख्तों पर इस तरह बैठे होगें जैसे भाई भाई
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲ
उनको बेहश्त में तकलीफ छुएगी भी तो नहीं और न कभी उसमें से निकाले जाएँगें
ﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺ
(ऐ रसूल) मेरे बन्दों को आगाह करो कि बेशक मै बड़ा बख्शने वाला मेहरबान हूँ
ﯻﯼﯽﯾﯿﰀ
मगर साथ ही इसके (ये भी याद रहे कि) बेशक मेरा अज़ाब भी बड़ा दर्दनाक अज़ाब है
ﰁﰂﰃﰄﰅ
और उनको इबराहीम के मेहमान का हाल सुना दो
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙﭚ
कि जब ये इबराहीम के पास आए तो (पहले) उन्होंने सलाम किया इबराहीम ने (जवाब सलाम के बाद) कहा हमको तो तुम से डर मालूम होता है
ﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢ
उन्होंने कहा आप मुत्तालिक़ ख़ौफ न कीजिए (क्योंकि) हम तो आप को एक (दाना व बीना) फरज़न्द (के पैदाइश) की खुशख़बरी देते हैं
ﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫ
इब्राहिम ने कहा क्या मुझे ख़ुशख़बरी (बेटा होने की) देते हो जब मुझे बुढ़ापा छा गया
ﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳ
तो फिर अब काहे की खुशख़बरी देते हो वह फरिश्ते बोले हमने आप को बिल्कुल ठीक खुशख़बरी दी है तो आप (बारगाह ख़ुदा बन्दी से) ना उम्मीद न हो
ﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼ
इबराहीम ने कहा गुमराहों के सिवा और ऐसा कौन है जो अपने परवरदिगार की रहमत से ना उम्मीद हो
ﭽﭾﭿﮀﮁﮂ
(फिर) इबराहीम ने कहा ऐ (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्तों) तुम्हें आख़िर क्या मुहिम दर पेश है
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉ
उन्होंने कहा कि हम तो एक गुनाहगार क़ौम की तरफ (अज़ाब नाज़िल करने के लिए) भेजे गए हैं
ﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐ
मगर लूत के लड़के वाले कि हम उन सबको ज़रुर बचा लेगें मगर उनकी बीबी जिसे हमने ताक लिया है
ﮑﮒﮓﮔﮕﮖﮗ
कि वह ज़रुर (अपने लड़के बालों के) पीछे (अज़ाब में) रह जाएगी
ﮘﮙﮚﮛﮜﮝ
ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)
ﮞﮟﮠﮡﮢ
फरिश्तों ने कहा (नहीं) बल्कि हम तो आपके पास वह (अज़ाब) लेकर आए हैं
ﮣﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे
ﮫﮬﮭﮮﮯ
(कि आए न आए) और हम आप के पास (अज़ाब का) कलई (सही) हुक्म लेकर आए हैं और हम बिल्कुल सच कहते हैं
ﮰﮱﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟ
बस तो आप कुछ रात रहे अपने लड़के बालों को लेकर निकल जाइए और आप सब के सब पीछे रहिएगा और उन लोगों में से कोई मुड़कर पीछे न देखे और जिधर (जाने) का हुक्म दिया गया है (शाम) उधर (सीधे) चले जाओ और हमने लूत के पास इस अम्र का क़तई फैसला कहला भेजा
ﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
कि बस सुबह होते होते उन लोगों की जड़ काट डाली जाएगी
ﯪﯫﯬﯭﯮ
और (ये बात हो रही थीं कि) शहर के लोग (मेहमानों की ख़बर सुन कर बुरी नीयत से) खुशियाँ मनाते हुए आ पहुँचे
ﯯﯰﯱﯲﯳﯴﯵ
लूत ने (उनसे कहा) कि ये लोग मेरे मेहमान है तो तुम (इन्हें सताकर) मुझे रुसवा बदनाम न करो
ﯶﯷﯸﯹﯺ
और ख़ुदा से डरो और मुझे ज़लील न करो
ﯻﯼﯽﯾﯿﰀ
वह लोग कहने लगे क्यों जी हमने तुम को सारे जहाँन के लोगों (के आने) की मनाही नहीं कर दी थी
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
लूत ने कहा अगर तुमको (ऐसा ही) करना है तो ये मेरी क़ौम की बेटियाँ मौजूद हैं
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝ
(इनसे निकाह कर लो) ऐ रसूल तुम्हारी जान की कसम ये लोग (क़ौम लूत) अपनी मस्ती में मदहोश हो रहे थे
ﭞﭟﭠﭡ
(लूत की सुनते काहे को) ग़रज़ सूरज निकलते निकलते उनको (बड़े ज़ोरो की) चिघाड़ न ले डाला
ﭢﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪ
फिर हमने उसी बस्ती को उलट कर उसके ऊपर के तबके क़ो नीचे का तबक़ा बना दिया और उसके ऊपर उन पर खरन्जे के पत्थर बरसा दिए इसमें शक़ नहीं कि इसमें (असली बात के) ताड़ जाने वालों के लिए (कुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
ﭫﭬﭭﭮﭯﭰ
और वह उलटी हुई बस्ती हमेशा (की आमदरफ्त)
ﭱﭲﭳﭴ
के रास्ते पर है
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
इसमें तो शक हीं नहीं कि इसमें ईमानदारों के वास्ते (कुदरते ख़ुदा की) बहुत बड़ी निशानी है
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀ
और एैका के रहने वाले (क़ौमे शुएब की तरह बड़े सरकश थे)
ﮁﮂﮃﮄﮅﮆ
तो उन से भी हमने (नाफरमानी का) बदला लिया और ये दो बस्तियाँ (क़ौमे लूत व शुएब की) एक खुली हुई यह राह पर (अभी तक मौजूद) हैं
ﮇﮈﮉﮊﮋﮌ
और इसी तरह हिज्र के रहने वालों (क़ौम सालेह ने भी) पैग़म्बरों को झुठलाया
ﮍﮎﮏﮐﮑﮒ
और (बावजूद कि) हमने उन्हें अपनी निशानियाँ दी उस पर भी वह लोग उनसे रद गिरदानी करते रहे
ﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙ
और बहुत दिल जोई से पहाड़ों को तराश कर घर बनाते रहे
ﮚﮛﮜﮝ
आख़िर उनके सुबह होते होते एक बड़ी (जोरों की) चिंघाड़ ने ले डाला
ﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤ
फिर जो कुछ वह अपनी हिफाज़त की तदबीर किया करते थे (अज़ाब ख़ुदा से बचाने में) कि कुछ भी काम न आयीं
ﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
और हमने आसमानों और ज़मीन को और जो कुछ उन दोनों के दरमियान में है हिकमत व मसलहत से पैदा किया है और क़यामत यक़ीनन ज़रुर आने वाली है तो तुम (ऐ रसूल) उन काफिरों से शाइस्ता उनवान (अच्छे बरताव) के साथ दर गुज़र करो
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜ
इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा पैदा करने वाला है
ﯝﯞﯟﯠﯡﯢﯣﯤ
(बड़ा दाना व बीना है) और हमने तुमको सबए मसानी (सूरे हम्द) और क़ुरान अज़ीम अता किया है
ﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
और हमने जो उन कुफ्फारों में से कुछ लोगों को (दुनिया की) माल व दौलत से निहाल कर दिया है तुम उसकी तरफ हरगिज़ नज़र भी न उठाना और न उनकी (बेदीनी) पर कुछ अफसोस करना और ईमानदारों से (अगरचे ग़रीब हो) झुककर मिला करो और कहा दो कि मै तो (अज़ाबे ख़ुदा से) सरीही तौर से डराने वाला हूँ
ﯵﯶﯷﯸﯹﯺ
(ऐ रसूल) उन कुफ्फारों पर इस तरह अज़ाब नाज़िल करेगें जिस तरह हमने उन लोगों पर नाज़िल किया
ﯻﯼﯽﯾﯿ
जिन्होंने क़ुरान को बॉट कर टुकडे टुकड़े कर डाला
ﭑﭒﭓﭔﭕ
(बाज़ को माना बाज को नहीं) तो ऐ रसूल तुम्हारे ही परवरदिगार की (अपनी) क़सम
ﭖﭗﭘﭙ
कि हम उनसे जो कुछ ये (दुनिया में) किया करते थे (बहुत सख्ती से) ज़रुर बाज़ पुर्स (पुछताछ) करेंगे
ﭚﭛﭜﭝ
पस जिसका तुम्हें हुक्म दिया गया है उसे वाजेए करके सुना दो
ﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤ
और मुशरेकीन की तरफ से मुँह फेर लो
ﭥﭦﭧﭨ
जो लोग तुम्हारी हँसी उड़ाते है
ﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
और ख़ुदा के साथ दूसरे परवरदिगार को (शरीक) ठहराते हैं हम तुम्हारी तरफ से उनके लिए काफी हैं तो अनक़रीब ही उन्हें मालूम हो जाएगा
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
कि तुम जो इन (कुफ्फारों मुनाफिक़ीन) की बातों से दिल तंग होते हो उसको हम ज़रुर जानते हैं
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁ
तो तुम अपने परवरदिगार की हम्दो सना से उसकी तस्बीह करो और (उसकी बारगाह में) सजदा करने वालों में हो जाओ
ﮂﮃﮄﮅﮆﮇ
और जब तक तुम्हारे पास मौत आए अपने परवरदिगार की इबादत में लगे रहो
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







