सूरा अल-क़मर
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सूरा अल-क़मर pdf — डाउनलोड (हिन्दी)
सूरा अल-क़मर pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अल-क़मर अनुवाद. अल-क़मर (मक्की) 55 आयत.
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सूरा अल-क़मर

ﮬﮭﮮﮯﮰ
क़यामत क़रीब आ गयी और चाँद दो टुकड़े हो गया
ﮱﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙ
और अगर ये कुफ्फ़ार कोई मौजिज़ा देखते हैं, तो मुँह फेर लेते हैं, और कहते हैं कि ये तो बड़ा ज़बरदस्त जादू है
ﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡ
और उन लोगों ने झुठलाया और अपनी नफ़सियानी ख्वाहिशों की पैरवी की, और हर काम का वक्त मुक़र्रर है
ﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
और उनके पास तो वह हालात पहुँच चुके हैं जिनमें काफी तम्बीह थीं
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰ
और इन्तेहा दर्जे की दानाई मगर (उनको तो) डराना कुछ फ़ायदा नहीं देता
ﯱﯲﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺ
तो (ऐ रसूल) तुम भी उनसे किनाराकश रहो, जिस दिन एक बुलाने वाला (इसराफ़ील) एक अजनबी और नागवार चीज़ की तरफ़ बुलाएगा
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙ
तो (निदामत से) ऑंखें नीचे किए हुए कब्रों से निकल पड़ेंगे गोया वह फैली हुई टिड्डियाँ हैं
ﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣ
(और) बुलाने वाले की तरफ गर्दनें बढ़ाए दौड़ते जाते होंगे, कुफ्फ़ार कहेंगे ये तो बड़ा सख्त दिन है
ﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮ
इनसे पहले नूह की क़ौम ने भी झुठलाया था, तो उन्होने हमारे (ख़ास) बन्दे (नूह) को झुठलाया, और कहने लगे ये तो दीवाना है
ﭯﭰﭱﭲﭳﭴ
और उनको झिड़कियाँ भी दी गयीं, तो उन्होंने अपने परवरदिगार से दुआ की कि (बारे इलाहा मैं) इनके मुक़ाबले में कमज़ोर हूँ
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
तो अब तू ही (इनसे) बदला ले तो हमने मूसलाधार पानी से आसमान के दरवाज़े खोल दिए
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄ
और ज़मीन से चश्में जारी कर दिए, तो एक काम के लिए जो मुक़र्रर हो चुका था (दोनों) पानी मिलकर एक हो गया
ﮅﮆﮇﮈﮉﮊ
और हमने एक कश्ती पर जो तख्तों और कीलों से तैयार की गयी थी सवार किया
ﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑ
और वह हमारी निगरानी में चल रही थी (ये) उस शख़्श (नूह) का बदला लेने के लिए जिसको लोग न मानते थे
ﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘ
और हमने उसको एक इबरत बना कर छोड़ा तो कोई है जो इबरत हासिल करे
ﮙﮚﮛﮜﮝ
तो (उनको) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था
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और हमने तो क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते आसान कर दिया है तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
ﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
आद (की क़ौम ने) (अपने पैग़म्बर) को झुठलाया तो (उनका) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था,
ﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖﯗ
हमने उन पर बहुत सख्त मनहूस दिन में बड़े ज़न्नाटे की ऑंधी चलायी
ﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞ
जो लोगों को (अपनी जगह से) इस तरह उखाड़ फेकती थी गोया वह उखड़े हुए खजूर के तने हैं
ﯟﯠﯡﯢﯣ
तो (उनको) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫ
और हमने तो क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते आसान कर दिया, तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
ﯬﯭﯮﯯ
(क़ौम) समूद ने डराने वाले (पैग़म्बरों) को झुठलाया
ﯰﯱﯲﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺ
तो कहने लगे कि भला एक आदमी की जो हम ही में से हो उसकी पैरवीं करें ऐसा करें तो गुमराही और दीवानगी में पड़ गए
ﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂﰃﰄ
क्या हम सबमें बस उसी पर वही नाज़िल हुई है (नहीं) बल्कि ये तो बड़ा झूठा तअल्ली करने वाला है
ﰅﰆﰇﰈﰉﰊ
उनको अनक़रीब कल ही मालूम हो जाएगा कि कौन बड़ा झूठा तकब्बुर करने वाला है
ﰋﰌﰍﰎﰏﰐﰑﰒ
(ऐ सालेह) हम उनकी आज़माइश के लिए ऊँटनी भेजने वाले हैं तो तुम उनको देखते रहो और (थोड़ा) सब्र करो
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙﭚ
और उनको ख़बर कर दो कि उनमें पानी की बारी मुक़र्रर कर दी गयी है हर (बारी वाले को अपनी) बारी पर हाज़िर होना चाहिए
ﭛﭜﭝﭞﭟ
तो उन लोगों ने अपने रफीक़ (क़ेदार) को बुलाया तो उसने पकड़ कर (ऊँटनी की) कूंचे काट डालीं
ﭠﭡﭢﭣﭤ
तो (देखो) मेरा अज़ाब और डराना कैसा था
ﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭ
हमने उन पर एक सख्त चिंघाड़ (का अज़ाब) भेज दिया तो वह बाड़े वालो के सूखे हुए चूर चूर भूसे की तरह हो गए
ﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵ
और हमने क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते आसान कर दिया है तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
ﭶﭷﭸﭹﭺ
लूत की क़ौम ने भी डराने वाले (पैग़म्बरों) को झुठलाया
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅ
तो हमने उन पर कंकर भरी हवा चलाई मगर लूत के लड़के बाले को हमने उनको अपने फज़ल व करम से पिछले ही को बचा लिया
ﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎ
हम शुक्र करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं
ﮏﮐﮑﮒﮓﮔ
और लूत ने उनको हमारी पकड़ से भी डराया था मगर उन लोगों ने डराते ही में शक़ किया
ﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞ
और उनसे उनके मेहमान (फ़रिश्ते) के बारे में नाजायज़ मतलब की ख्वाहिश की तो हमने उनकी ऑंखें अन्धी कर दीं तो मेरे अज़ाब और डराने का मज़ा चखो
ﮟﮠﮡﮢﮣﮤ
और सुबह सवेरे ही उन पर अज़ाब आ गया जो किसी तरह टल ही नहीं सकता था
ﮥﮦﮧﮨ
तो मेरे अज़ाब और डराने के (पड़े) मज़े चखो
ﮩﮪﮫﮬﮭﮮﮯﮰ
और हमने तो क़ुरान को नसीहत हासिल करने के वास्ते आसान कर दिया तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
ﮱﯓﯔﯕﯖﯗ
और फिरऔन के पास भी डराने वाले (पैग़म्बर) आए
ﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟ
तो उन लोगों ने हमारी कुल निशानियों को झुठलाया तो हमने उनको इस तरह सख्त पकड़ा जिस तरह एक ज़बरदस्त साहिबे क़ुदरत पकड़ा करता है
ﯠﯡﯢﯣﯤﯦﯧﯨﯩﯪ
(ऐ अहले मक्का) क्या उन लोगों से भी तुम्हारे कुफ्फार बढ़ कर हैं या तुम्हारे वास्ते (पहली) किताबों में माफी (लिखी हुई) है
ﯫﯬﯭﯮﯯﯰ
क्या ये लोग कहते हैं कि हम बहुत क़वी जमाअत हैं
ﯱﯲﯳﯴﯵ
अनक़रीब ही ये जमाअत शिकस्त खाएगी और ये लोग पीठ फेर कर भाग जाएँगे
ﯶﯷﯸﯹﯺﯻﯼ
बात ये है कि इनके वायदे का वक्त क़यामत है और क़यामत बड़ी सख्त और बड़ी तल्ख़ (चीज़) है
ﯽﯾﯿﰀﰁﰂ
बेशक गुनाहगार लोग गुमराही और दीवानगी में (मुब्तिला) हैं
ﰃﰄﰅﰆﰇﰈﰉﰊﰋﰌ
उस रोज़ ये लोग अपने अपने मुँह के बल (जहन्नुम की) आग में घसीटे जाएँगे (और उनसे कहा जाएगा) अब जहन्नुम की आग का मज़ा चखो
ﰍﰎﰏﰐﰑﰒ
बेशक हमने हर चीज़ एक मुक़र्रर अन्दाज़ से पैदा की है
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
और हमारा हुक्म तो बस ऑंख के झपकने की तरह एक बात होती है
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝﭞ
और हम तुम्हारे हम मशरबो को हलाक कर चुके हैं तो कोई है जो नसीहत हासिल करे
ﭟﭠﭡﭢﭣﭤ
और अगर चे ये लोग जो कुछ कर चुके हैं (इनके) आमाल नामों में (दर्ज) है
ﭥﭦﭧﭨﭩ
(यानि) हर छोटा और बड़ा काम लिख दिया गया है
ﭪﭫﭬﭭﭮﭯ
बेशक परहेज़गार लोग (बेहिश्त के) बाग़ों और नहरों में
ﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶ
(यानि) पसन्दीदा मक़ाम में हर तरह की कुदरत रखने वाले बादशाह की बारगाह में (मुक़र्रिब) होंगे
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







