अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- व-लयालिन: और रातें
- अश्र: दस
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में दस रातों की क़सम खाई है। मुफ़स्सिरीन के अनुसार ये दस रातें ज़ुल-हिज्जा महीने की पहली दस रातें हैं, जिन्हें अल्लाह ने अपनी क़सम में शामिल करके उनकी ख़ूबी और अज़मत को बयान किया है। ये रातें इबादत, ज़िक्र और नेकियों के लिए बेहद ख़ास हैं। इन्हीं दिनों में हज का महान रिवाज़ अदा किया जाता है, और ये दिन अल्लाह के नज़दीक सबसे प्यारे दिनों में से हैं।
इन दस रातों की क़सम खाकर अल्लाह तआला हमें ये सिखाना चाहते हैं कि इन रातों में इबादत और तक़्वा का ख़ास ख़याल रखा जाए। ये रातें गुनाहों से बचने, तौबा करने और अल्लाह की रहमत हासिल करने का सुनहरा मौक़ा हैं। जो शख्स इन रातों की क़द्र करेगा और इनमें नेकियाँ बढ़ाएगा, उसके लिए अल्लाह के यहाँ बड़ा अज्र और सवाब है।
ये क़समें हमें बताती हैं कि अल्लाह तआला अपने बंदों से कितना प्यार करता है कि उन्हें ख़ास वक़्तों में ख़ास रहमतें देता है। हमें चाहिए कि इन दस रातों का भरपूर फ़ायदा उठाएँ, नमाज़, ज़िक्र, तिलावत और सदक़ा जैसी नेकियों में वक़्त गुज़ारें, और अल्लाह से अपनी मग़फिरत की दुआ करें। ये रातें हमारे लिए रहमत का ख़ज़ाना हैं, जो कोई इनसे महरूम रहा, वो बड़े नुक़सान में रहा।
📜 आयत 1-4 — सूरा अल-फज्र
अनुवाद — अल-फज्र 2
सूरा अल-फज्र आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और दस रातों कीसूरा आयत 2/30 — सूरा अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फज्र सुनें, सूरा अल-फज्र अनुवाद, सूरा अल-फज्र mp3, सूरा अल-फज्र pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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