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8 आयत मदनी PDF

सूरा अल-बय्यिना pdf — डाउनलोड (हिन्दी)

सूरा अल-बय्यिना pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अल-बय्यिना अनुवाद. सूरा अल-बय्यिना (मदनी) 8 आयत.

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8 आयत · मदनी · हिन्दी
bismillah
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98:1 अहले किताब और मुशरिकों से जो लोग काफिर थे जब तक कि उनके पास खुली हुई दलीलें न पहुँचे वह (अपने कुफ्र से) बाज़ आने वाले न थे
ﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪ
98:2 (यानि) ख़ुदा के रसूल जो पाक औराक़ पढ़ते हैं (आए और)
ﮫﮬﮭﮮ
98:3 उनमें (जो) पुरज़ोर और दरूस्त बातें लिखी हुई हैं (सुनाये)
ﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙﯚﯛ
98:4 अहले किताब मुताफ़र्रिक़ हुए भी तो जब उनके पास खुली हुई दलील आ चुकी
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98:5 (तब) और उन्हें तो बस ये हुक्म दिया गया था कि निरा ख़ुरा उसी का एतक़ाद रख के बातिल से कतरा के ख़ुदा की इबादत करे और पाबन्दी से नमाज़ पढ़े और ज़कात अदा करता रहे और यही सच्चा दीन है
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98:6 बेशक अहले किताब और मुशरेकीन से जो लोग (अब तक) काफ़िर हैं वह दोज़ख़ की आग में (होंगे) हमेशा उसी में रहेंगे यही लोग बदतरीन ख़लाएक़ हैं
ﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬ
98:7 बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम करते रहे यही लोग बेहतरीन ख़लाएक़ हैं
ﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄ
98:8 उनकी जज़ा उनके परवरदिगार के यहाँ हमेशा रहने (सहने) के बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह आबादुल आबाद हमेशा उसी में रहेंगे ख़ुदा उनसे राज़ी और वह ख़ुदा से ख़ुश ये (जज़ा) ख़ास उस शख़्श की है जो अपने परवरदिगार से डरे

पवित्र क़ुरआन


Monday, October 19, 2026

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