Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرُّؤْيَا: वह सपना जो अल्लाह ने अपने नबी को दिखाया।
- مُحَلِّقِينَ: अपने सिर पूरी तरह मुंडवाने वाले।
- مُقَصِّرِينَ: अपने बाल कटवाने वाले (कुछ बाल छोटे करने वाले)।
- فَتْحًا قَرِيبًا: एक निकट का विजय/समाधान।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपने रसूल ﷺ को जो सपना दिखाया था—कि आप और आपके साथी मस्जिद-ए-हराम (काबा) में सुरक्षित और निडर होकर दाखिल होंगे, कुछ सिर मुंडवाएंगे और कुछ बाल कटवाएंगे—वह सपना बिल्कुल सच्चा था और अल्लाह ने उसे पूरा करने का वादा किया। यह कोई झूठा या भ्रामक सपना नहीं था, बल्कि अल्लाह की ओर से एक सच्ची ख़बर और वादा था।
लेकिन अल्लाह तआला ने अपनी बेहतरीन हिकमत (बुद्धिमत्ता) से उस साल उम्मत को मक्का में दाखिल होने की जगह एक और भलाई दी—वह था सुलह-ए-हुदैबिया और उसके बाद ख़ैबर की फ़तह। अल्लाह ने वह बात जानी जो उस वक़्त सहाबा नहीं जानते थे—कि उस साल मक्का में दाखिल होने में बड़ी मुश्किलें और खतरे थे, और सुलह-ए-हुदैबिया में ही इस्लाम की बड़ी भलाई और तरक्की छिपी थी। यह सुलह बाद में मक्का की फ़तह का ज़रिया बनी, और इसी के ज़रिए दीन को ताकत मिली।
अल्लाह ने फ़रमाया: "तुम ज़रूर मस्जिद-ए-हराम में दाखिल होगे, अगर अल्लाह ने चाहा, सुरक्षित और निडर होकर, सिर मुंडवाते हुए और बाल कटवाते हुए।" यहाँ "इंशा-अल्लाह" कहना अल्लाह की तरफ से उम्मत को सिखाने के लिए है—कि जब कोई वादा करो तो अल्लाह की मर्ज़ी पर टालो, क्योंकि अल्लाह ही सब कुछ करने की ताकत रखता है। यह अदब (शिष्टाचार) और सुन्नत है।
इस आयत में मोमिनों के लिए बड़ी खुशखबरी है—कि अल्लाह अपने वादे को पूरा करने वाला है, चाहे देर हो जाए। जो चीज़ अच्छी लगती है उसमें भलाई नहीं भी हो सकती, और जो चीज़ बुरी लगती है उसमें बड़ी भलाई हो सकती है। अल्लाह पर भरोसा रखो, क्योंकि वही सबसे अच्छा जानने वाला है। यही सब्र और भरोसा ही कामयाबी की कुंजी है।
📜 आयत 25-29 — सूरा अल-फतह
अनुवाद — अल-फतह 27
सूरा अल-फतह आयत 27 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ख़ुदा ने अपने रसूल को सच्चा मुताबिके वाक़ेया ख्वाब…सूरा आयत 27/29 — सूरा अल-फतह الفتح (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फतह सुनें, सूरा अल-फतह अनुवाद, सूरा अल-फतह mp3, सूरा अल-फतह pdf. आयत 25–29. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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