📖 0/604 पृष्ठ पढ़े गए
📄 518
सूरा काफ

सूरा काफ

50:2
بَلۡ عَجِبُوٓاْ أَن جَآءَهُم مُّنذِرٌ مِّنۡهُمۡ فَقَالَ ٱلۡكَٰفِرُونَ هَٰذَا شَيۡءٌ عَجِيبٌ ٢
लेकिन इन (काफिरों) को ताज्जुब है कि उन ही में एक (अज़ाब से) डराने वाला (पैग़म्बर) उनके पास आ गया तो कुफ्फ़ार कहने लगे ये तो एक अजीब बात है
50:3
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابًاۖ ذَٰلِكَ رَجۡعُۢ بَعِيدٌ ٣
भला जब हम मर जाएँगे और (सड़ गल कर) मिटटी हो जाएँगे तो फिर ये दोबार ज़िन्दा होना (अक्ल से) बईद (बात है)
50:4
قَدۡ عَلِمۡنَا مَا تَنقُصُ ٱلۡأَرۡضُ مِنۡهُمۡۖ وَعِندَنَا كِتَٰبٌ حَفِيظُۢ ٤
उनके जिस्मों से ज़मीन जिस चीज़ को (खा खा कर) कम करती है वह हमको मालूम है और हमारे पास तो तहरीरी याददाश्त किताब लौहे महफूज़ मौजूद है
50:5
بَلۡ كَذَّبُواْ بِٱلۡحَقِّ لَمَّا جَآءَهُمۡ فَهُمۡ فِيٓ أَمۡرٍ مَّرِيجٍ ٥
मगर जब उनके पास दीन (हक़) आ पहुँचा तो उन्होने उसे झुठलाया तो वह लोग एक ऐसी बात में उलझे हुए हैं जिसे क़रार नहीं
50:6
أَفَلَمۡ يَنظُرُوٓاْ إِلَى ٱلسَّمَآءِ فَوۡقَهُمۡ كَيۡفَ بَنَيۡنَٰهَا وَزَيَّنَّٰهَا وَمَا لَهَا مِن فُرُوجٍ ٦
तो क्या इन लोगों ने अपने ऊपर आसमान की नज़र नहीं की कि हमने उसको क्यों कर बनाया और उसको कैसी ज़ीनत दी और उनसे कहीं शिगाफ्त तक नहीं
50:7
وَٱلۡأَرۡضَ مَدَدۡنَٰهَا وَأَلۡقَيۡنَا فِيهَا رَوَٰسِيَ وَأَنۢبَتۡنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوۡجِۭ بَهِيجٍ ٧
और ज़मीन को हमने फैलाया और उस पर बोझल पहाड़ रख दिये और इसमें हर तरह की ख़ुशनुमा चीज़ें उगाई ताकि तमाम रूजू लाने वाले
50:9
وَنَزَّلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءً مُّبَٰرَكًا فَأَنۢبَتۡنَا بِهِۦ جَنَّٰتٍ وَحَبَّ ٱلۡحَصِيدِ ٩
और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे बाग़ (के दरख्त) उगाए और खेती का अनाज और लम्बी लम्बी खजूरें
50:11
رِّزۡقًا لِّلۡعِبَادِۖ وَأَحۡيَيۡنَا بِهِۦ بَلۡدَةً مَّيۡتًاۚ كَذَٰلِكَ ٱلۡخُرُوجُ ١١
(ये सब कुछ) बन्दों की रोज़ी देने के लिए (पैदा किया) और पानी ही से हमने मुर्दा शहर (उफ़तादा ज़मीन) को ज़िन्दा किया
50:12
كَذَّبَتۡ قَبۡلَهُمۡ قَوۡمُ نُوحٍ وَأَصۡحَٰبُ ٱلرَّسِّ وَثَمُودُ ١٢
इसी तरह (क़यामत में मुर्दों को) निकलना होगा उनसे पहले नूह की क़ौम और ख़न्दक़ वालों और (क़ौम) समूद ने अपने अपने पैग़म्बरों को झुठलाया
50:14
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡأَيۡكَةِ وَقَوۡمُ تُبَّعٍۚ كُلٌّ كَذَّبَ ٱلرُّسُلَ فَحَقَّ وَعِيدِ ١٤
और बन के रहने वालों (क़ौम शुऐब) और तुब्बा की क़ौम और (उन) सबने अपने (अपने) पैग़म्बरों को झुठलाया तो हमारा (अज़ाब का) वायदा पूरा हो कर रहा
50:15
أَفَعَيِينَا بِٱلۡخَلۡقِ ٱلۡأَوَّلِۚ بَلۡ هُمۡ فِي لَبۡسٍ مِّنۡ خَلۡقٍ جَدِيدٍ ١٥
तो क्या हम पहली बार पैदा करके थक गये हैं (हरगिज़ नहीं) मगर ये लोग अज़ सरे नौ (दोबारा) पैदा करने की निस्बत शक़ में पड़े हैं
العربيةEnglishBahasa IndonesiaTürkçeРусскийفارسیFrançaisاردوবাংলাDeutschEspañol中文हिन्दीPortuguêsItalianoภาษาไทยPolskiNederlandsShqipKiswahiliO'zbekதமிழ்MelayuBosanskiSoomaaliAzərbaycanکوردی한국어日本語SvenskaDanskNorskپښتوമലയാളംසිංහලTamazightHausaአማርኛБългарскиТоҷикӣҚазақшаFilipinoسنڌيYorùbáFulfuldeТатарчаئۇيغۇرچەКыргызчаਪੰਜਾਬੀJawaతెలుగుမြန်မာગુજરાતીOromoमराठीTiếng ViệtMalagasyНохчийнWolofދިވެހިಕನ್ನಡУкраїнськаΕλληνικάქართულიខ្មែរدریQafar afMaranaoनेपाली
पवित्र क़ुरआन
Sunday, August 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







