Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مُنذِرٌ: डराने वाला, सचेत करने वाला (जो अल्लाह के अज़ाब से आगाह करे)।
- مِنْهُمْ: उन्हीं में से (उन्हीं के बीच से, जिसकी नस्ल, सच्चाई और अमानत उन्हें मालूम हो)।
- عَجِيبٌ: अजीब, हैरत में डालने वाली बात।
तफ़सीर:
इनकार करने वालों का रवैया यह नहीं था कि वे सच्चाई को पहचान नहीं पाते थे, बल्कि उनका असली इल्ज़ाम यह था कि जब अल्लाह का डराने वाला (नबी) उनके बीच से आया — जिसकी सच्चाई, अमानतदारी और नेक चाल-चलन उन्हें अच्छी तरह मालूम था — तो वे हैरान रह गए। उन्होंने कहा: "क्या यह मुमकिन है कि हमारे जैसा एक इंसान अल्लाह का पैग़ाम लेकर आए? यह तो बड़ी अजीब बात है!"
उनका यह तअज्जुब वास्तव में उनकी जिद और हक़ से मुँह मोड़ने की वजह से था। वे यह नहीं कह रहे थे कि हमें तुम्हारी सच्चाई पर शक है, बल्कि वे यह कह रहे थे कि हमारे जैसा इंसान रसूल कैसे हो सकता है? उन्होंने यह भूल दिखाई कि अल्लाह ने हमेशा इंसानों की हिदायत के लिए इंसान ही रसूल बनाए हैं, क्योंकि इंसान ही इंसान की ज़ुबान समझ सकता है और उसके सामने अपना नमूना पेश कर सकता है।
यह तअज्जुब उनके दिलों की अंधी दशा का सबूत था। अगर वे ज़रा सोचते तो समझ जाते कि अल्लाह की क़ुदरत के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। जिस अल्लाह ने आसमान और ज़मीन पैदा किए, उसके लिए एक इंसान को रसूल बनाना और मरने के बाद दोबारा ज़िंदा करना कौन सी बड़ी बात है?
दावती पहलू:
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि हक़ की दावत जब आए, तो उसे अजीब समझकर ठुकराना नहीं चाहिए। अल्लाह के रसूलों का आना उसकी रहमत है, और उनकी बात मानना ही सच्ची कामयाबी है। आज भी जब कोई इंसान हमें अल्लाह की याद दिलाता है, तो हमें उसकी बात गौर से सुननी चाहिए, क्योंकि यही वह ज़रिया है जिससे अल्लाह अपने बंदों को सीधा रास्ता दिखाता है। याद रखिए, जो लोग हक़ को सुनकर उस पर अमल करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत में इज़्ज़त देता है, और जो उसे अजीब समझकर ठुकराते हैं, वे घाटे में रहते हैं।
📜 आयत 1-4 — सूरा काफ
अनुवाद — काफ 2
सूरा काफ आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : लेकिन इन (काफिरों) को ताज्जुब है कि उन ही में…सूरा आयत 2/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा काफ
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
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