काफ · 9/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
وَنَزَّلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً مُّبَارَكًا فَأَنبَتْنَا بِهِ جَنَّاتٍ وَحَبَّ الْحَصِيدِ ۝٩
Wa nazzalnaa minas samaaa`i maaa`am mubaarakan fa ambatnaa bihee jannaatinw wa habbal haseed
📖 हिंदी अर्थ
और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे बाग़ (के दरख्त) उगाए और खेती का अनाज और लम्बी लम्बी खजूरें

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مُبَارَكًا (मुबारक): बरकत वाला, अत्यंत लाभकारी और कल्याणकारी।
  • جَنَّاتٍ (जन्नात): बाग़, बगीचे, जिनमें तरह-तरह के पेड़-पौधे और फल हों।
  • حَبَّ الْحَصِيدِ (हब्बुल हसीद): वह अनाज जो कटाई के योग्य हो, जैसे गेहूँ, जौ आदि।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपनी असीम रहमत और कुदरत का ज़िक्र करते हुए फ़रमाता है कि हमने आसमान से बरकत वाला पानी उतारा — यानी बारिश जो अपने साथ अनगिनत भलाइयाँ और फ़ायदे लेकर आती है। यह पानी सिर्फ़ प्यास बुझाने का ज़रिया नहीं, बल्कि पूरी कायनात के लिए रहमत और जीवन का स्रोत है।

उसी पानी के ज़रिए हमने ज़मीन से हरे-भरे बाग़ उगाए, जिनमें तरह-तरह के फल, फूल और घने पेड़ होते हैं। और साथ ही वह अनाज भी पैदा किया जो कटाई के बाद इंसानों और जानवरों के लिए रोज़ी बनता है — जैसे गेहूँ, जौ और दूसरे अनाज।

यह आयत हमें अल्लाह की उस ताक़त और हिकमत पर ग़ौर करने की दावत देती है जिसने एक बूँद पानी से ज़मीन को सब्ज़ और शादाब कर दिया। जब हम अपने सामने खेतों को लहलहाते और बाग़ों को फलों से लदे देखते हैं, तो यह अल्लाह की कुदरत का ज़िंदा सबूत है कि वही इस कायनात का पालनहार और रिज़्क़ देने वाला है।

यही अल्लाह तआला जिसने पानी से मुर्दा ज़मीन को ज़िंदा किया, वही क़यामत के दिन मुर्दों को भी ज़िंदा करके उठाएगा। यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह की रहमत का दामन कभी ख़ाली नहीं होता — जो आज बारिश के ज़रिए ज़मीन को हरा-भरा करता है, वही हमारी ज़िंदगी को भी बरकतों से भर सकता है।

इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह के इन इनामों पर शुक्र करें, उसकी नेमतों को पहचानें और अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ ढालें। यह पानी, ये बाग़, ये फसलें — सब अल्लाह की मुहब्बत और मेहरबानी की निशानियाँ हैं, ताकि हम उसे याद करें और उसकी इबादत में अपना जीवन गुज़ारें।



📜 आयत 7-11 — काफ

7وَالْأَرْضَ مَدَدْنَاهَا وَأَلْقَيْنَا فِيهَا رَوَاسِيَ وَأَنبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ بَهِيجٍ
और ज़मीन को हमने फैलाया और उस पर बोझल पहाड़ रख दिये और इसमें हर तरह की ख़ुशनुमा चीज़ें उगाई ताकि तमाम रूजू लाने वाले
8تَبْصِرَةً وَذِكْرَىٰ لِكُلِّ عَبْدٍ مُّنِيبٍ
(बन्दे) हिदायत और इबरत हासिल करें
9وَنَزَّلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً مُّبَارَكًا فَأَنبَتْنَا بِهِ جَنَّاتٍ وَحَبَّ الْحَصِيدِ
और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे बाग़ (के दरख्त) उगाए और खेती का अनाज और लम्बी लम्बी खजूरें
10وَالنَّخْلَ بَاسِقَاتٍ لَّهَا طَلْعٌ نَّضِيدٌ
जिसका बौर बाहम गुथा हुआ है
11رِّزْقًا لِّلْعِبَادِ ۖ وَأَحْيَيْنَا بِهِ بَلْدَةً مَّيْتًا ۚ كَذَٰلِكَ الْخُرُوجُ
(ये सब कुछ) बन्दों की रोज़ी देने के लिए (पैदा किया) और पानी ही से हमने मुर्दा शहर (उफ़तादा ज़मीन) को ज़िन्दा किया
काफकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
9आयत

अनुवाद — काफ 9

सूरा काफ आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे…

सूरा आयत 9/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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