काफ · 4/45
अनुवाद उच्चारण — सूरा काफ
قَدْ عَلِمْنَا مَا تَنقُصُ الْأَرْضُ مِنْهُمْ ۖ وَعِندَنَا كِتَابٌ حَفِيظٌ ۝٤
Qad `alimnaa maa tanqu-sul-ardu minhum wa `indanaa Kitaabun Hafeez
📖 हिंदी अर्थ
उनके जिस्मों से ज़मीन जिस चीज़ को (खा खा कर) कम करती है वह हमको मालूम है और हमारे पास तो तहरीरी याददाश्त किताब लौहे महफूज़ मौजूद है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَنقُصُ: कम करना, घटाना, खा जाना।
  • كِتَابٌ حَفِيظٌ: वह लेख जो हर चीज़ को सुरक्षित रखने वाला हो, जिसमें कोई परिवर्तन या कमी न हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में उन लोगों के संदेह का उत्तर दिया है जो मृत्यु के बाद दोबारा उठाए जाने (हश्र) को असंभव समझते थे। वे कहते थे कि जब इंसान मरकर मिट्टी में मिल जाता है और उसकी हड्डियाँ तक राख हो जाती हैं, तो उसे दोबारा कैसे जीवित किया जा सकता है? इस पर अल्लाह फ़रमाता है: "हमें पूरी तरह से मालूम है कि ज़मीन उनके शरीरों में से क्या-क्या कम करती है, यानी मौत के बाद ज़मीन उनके जिस्मों को खा जाती है, उनके गोश्त, हड्डियाँ और सब कुछ मिट्टी में मिल जाता है। हमारे लिए यह कोई छुपी हुई चीज़ नहीं है।"

फिर अल्लाह फ़रमाता है: "और हमारे पास एक ऐसी किताब (लौह-ए-महफूज़) है जो हर चीज़ को हिफ़ाज़त से रखती है।" यानी हमारे पास एक सुरक्षित रिकॉर्ड है जिसमें हर इंसान का पूरा विवरण दर्ज है — उसके बाल, उसकी उंगलियों के निशान, उसकी हर हड्डी का हर ज़र्रा, उसके सारे अमल, उसकी ज़िंदगी के हर पल की हर छोटी-बड़ी बात। यह किताब ऐसी है जिसे न कोई बदल सकता है, न उसमें कोई कमी हो सकती है, और न ही कोई चीज़ उससे छूट सकती है। यही लौह-ए-महफूज़ है, जो शैतानों की छेड़छाड़ से भी महफूज़ है।

इस आयत में अल्लाह तआला हमें यह यक़ीन दिला रहा है कि जिस अल्लाह ने इंसान को पहली बार पैदा किया, उसके लिए उसे दोबारा ज़िंदा करना बिल्कुल आसान है। जो अल्लाह हर ज़र्रे का हिसाब रखता है, वह किसी को भुला नहीं सकता। यह हमारे लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है कि हमारा रब हमें कभी नहीं भूलता — हमारे अच्छे कर्म, हमारी नेकियाँ, हमारी मेहनत — सब कुछ उसके पास सुरक्षित है। और क़यामत के दिन हर इंसान को उसका पूरा बदला मिलेगा।

तो ऐ इंसान! तू इस बात पर यक़ीन रख कि तेरा रब तुझसे बेखबर नहीं है। तेरी हर साँस, तेरा हर क़दम, तेरी हर नीयत — सब कुछ उसके इल्म में है और उसकी किताब में दर्ज है। यही वह चीज़ है जो मोमिन को सुकून देती है और उसे अमल की तरफ़ राग़िब करती है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि हमारा रब हमें देख रहा है और हमारा हर अमल लिखा जा रहा है, तो हम गुनाहों से बचेंगे और नेकियों की तरफ़ बढ़ेंगे। और जो लोग मौत के बाद की ज़िंदगी पर शक करते हैं, उनके लिए यह आयत एक चेतावनी है कि अल्लाह के इल्म से कोई चीज़ छुपी नहीं है, और उसके सामने हर इंसान को हिसाब देना होगा।



📜 आयत 2-6 — सूरा काफ

2بَلْ عَجِبُوا أَن جَاءَهُم مُّنذِرٌ مِّنْهُمْ فَقَالَ الْكَافِرُونَ هَٰذَا شَيْءٌ عَجِيبٌ
लेकिन इन (काफिरों) को ताज्जुब है कि उन ही में एक (अज़ाब से) डराने वाला (पैग़म्बर) उनके पास आ गया तो कुफ्फ़ार कहने लगे ये तो एक अजीब बात है
3أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا ۖ ذَٰلِكَ رَجْعٌ بَعِيدٌ
भला जब हम मर जाएँगे और (सड़ गल कर) मिटटी हो जाएँगे तो फिर ये दोबार ज़िन्दा होना (अक्ल से) बईद (बात है)
4قَدْ عَلِمْنَا مَا تَنقُصُ الْأَرْضُ مِنْهُمْ ۖ وَعِندَنَا كِتَابٌ حَفِيظٌ
उनके जिस्मों से ज़मीन जिस चीज़ को (खा खा कर) कम करती है वह हमको मालूम है और हमारे पास तो तहरीरी याददाश्त किताब लौहे महफूज़ मौजूद है
5بَلْ كَذَّبُوا بِالْحَقِّ لَمَّا جَاءَهُمْ فَهُمْ فِي أَمْرٍ مَّرِيجٍ
मगर जब उनके पास दीन (हक़) आ पहुँचा तो उन्होने उसे झुठलाया तो वह लोग एक ऐसी बात में उलझे हुए हैं जिसे क़रार नहीं
6أَفَلَمْ يَنظُرُوا إِلَى السَّمَاءِ فَوْقَهُمْ كَيْفَ بَنَيْنَاهَا وَزَيَّنَّاهَا وَمَا لَهَا مِن فُرُوجٍ
तो क्या इन लोगों ने अपने ऊपर आसमान की नज़र नहीं की कि हमने उसको क्यों कर बनाया और उसको कैसी ज़ीनत दी और उनसे कहीं शिगाफ्त तक नहीं
काफकुरान सूची
45आयत
मक्कीअवतरण स्थान
4आयत

अनुवाद — काफ 4

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सूरा आयत 4/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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