Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बासिक़ात (باسقات): ऊँचे-ऊँचे, लम्बे ताड़ के पेड़।
- तल' (طلع): खजूर का वह भाग जो फल निकलने से पहले अपने आवरण (छिलके) में निकलता है, यानी कच्चा गुच्छा।
- नज़ीद (نضيد): एक के ऊपर एक जमा हुआ, तह-ब-तह, परत दर परत लिपटा हुआ।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपनी कुदरत के नमूनों का ज़िक्र करते हुए फ़रमाया कि हमने आसमान से बारिश का पानी उतारा, और उस पानी के ज़रिए ज़मीन से तरह-तरह की चीज़ें उगाईं। इन्हीं में से एक नेमत खजूर का दरख़्त है, जिसे हमने बहुत ऊँचा और लम्बा बनाया। यह पेड़ इतना ऊँचा होता है कि उसकी डालियाँ आसमान की तरफ उठी हुई दिखाई देती हैं। उसके लिए हमने "तल'" पैदा किया, यानी खजूर का वह गुच्छा जो शुरू में एक खोल (छिलके) में बंद होता है, और फिर वह खोल फटता है और उसमें से खजूर के दाने निकलते हैं। यह गुच्छा इस तरह होता है कि एक दाना दूसरे के ऊपर जमा हुआ होता है, बिल्कुल सलीके से परत दर परत लिपटा हुआ — यह अल्लाह की कुदरत का अजीबो-ग़रीब नज़ारा है।
यहाँ अल्लाह तआला इंसानों को ग़ौर-ओ-फ़िक्र की दावत दे रहा है कि ज़रा उस खजूर के पेड़ को देखो, जो इतना ऊँचा है, और उस पर लदे हुए फलों के गुच्छे — यह सब किसी हाथी या इंसान के बनाए हुए नहीं हैं, बल्कि अल्लाह की कुदरत से पैदा होते हैं। यही अल्लाह उस दिन भी ज़मीन को फिर से हरा-भरा करके मुर्दों को ज़िंदा करेगा। जिस तरह सूखी ज़मीन पर पानी बरसते ही हरियाली छा जाती है, उसी तरह क़यामत के दिन अल्लाह सबको ज़िंदा करके निकालेगा।
दावती पहलू:
इस आयत में अल्लाह तआला हमें अपनी कुदरत पर ईमान लाने और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करने की तरग़ीब दे रहा है। खजूर का पेड़ अरब के रेगिस्तान में भी उगता है और लोगों के लिए रिज़्क़ का ज़रिया बनता है — यह अल्लाह की रहमत की निशानी है। जब हम खजूर खाते हैं, तो याद रखें कि यह अल्लाह का इनाम है, और उसका शुक्रिया अदा करें। साथ ही, यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि जिस अल्लाह ने सूखी ज़मीन से ये ऊँचे-ऊँचे पेड़ उगाए, वह मुर्दों को ज़िंदा करने पर ज़रूर क़ादिर है। तो आओ, हम अपने रब की नेमतों पर ग़ौर करें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिन्हें जन्नत में खजूर और हर तरह की नेमतें मिलेंगी।
📜 आयत 8-12 — सूरा काफ
अनुवाद — काफ 10
सूरा काफ आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसका बौर बाहम गुथा हुआ हैसूरा आयत 10/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा काफ
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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