काफ · 1/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
ق ۚ وَالْقُرْآنِ الْمَجِيدِ ۝١
Qaaaf; wal Qur aanil Majeed
📖 हिंदी अर्थ
क़ाफ़ क़ुरान मजीद की क़सम (मोहम्मद पैग़म्बर हैं)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ق: यह हुरूफ़े-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षरों) में से एक है, जिनका असली ज्ञान अल्लाह तआला को ही है। ये अक्षर क़ुरआन की अजीमुश्शान अहमियत और उसके मो'जिज़ा होने की तरफ़ इशारा करते हैं।
  • मजीद: बुलंद शान वाला, बड़ी ख़ैर और बरकत वाला, अपनी औसाफ़ में कमाल रखने वाला।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने इस आयत में हुरूफ़े-मुक़त्तआत "ق" का ज़िक्र फ़रमाया है। यह उन रहस्यमय अक्षरों में से है जो क़ुरआन के कई सूरों की शुरुआत में आते हैं। इनका असली मतलब सिर्फ़ अल्लाह ही जानता है, लेकिन इनका ज़िक्र क़ुरआन की अज़मत और उसके मो'जिज़ा होने की दलील है।

इसके बाद अल्लाह तआला ने क़ुरआन-ए-करीम की क़सम खाई है, जो अपनी बुलंद शान, कसरत-ए-ख़ैर और बरकत की वजह से "मजीद" कहलाता है। यह क़ुरआन वह किताब है जिसमें इंसानियत की हिदायत, रहमत और भलाई का खज़ाना मौजूद है। इसकी आयतें अपने अंदर बेपनाह हिकमत और रोशनी रखती हैं।

इस क़सम का मक़सद यह बयान करना है कि जिस तरह क़ुरआन हक़ और सच्चाई पर है, उसी तरह क़यामत का दिन आना भी हक़ है। जो लोग मरने के बाद दोबारा उठाए जाने से इनकार करते हैं, उन्हें बताया जा रहा है कि जिस अल्लाह ने यह अज़ीम किताब नाज़िल की है, वही तुम्हें दोबारा ज़िंदा करके हिसाब के लिए खड़ा करेगा।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि क़ुरआन सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि अल्लाह का वह कलाम है जो हर दौर में इंसानों की रहनुमाई करता है। जो शख्स इस किताब को पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। यह हमारे लिए रहमत, हिदायत और नजात का ज़रिया है। आओ, हम इस किताब को पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल कर सकें।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-3 — काफ

1ق ۚ وَالْقُرْآنِ الْمَجِيدِ
क़ाफ़ क़ुरान मजीद की क़सम (मोहम्मद पैग़म्बर हैं)
2بَلْ عَجِبُوا أَن جَاءَهُم مُّنذِرٌ مِّنْهُمْ فَقَالَ الْكَافِرُونَ هَٰذَا شَيْءٌ عَجِيبٌ
लेकिन इन (काफिरों) को ताज्जुब है कि उन ही में एक (अज़ाब से) डराने वाला (पैग़म्बर) उनके पास आ गया तो कुफ्फ़ार कहने लगे ये तो एक अजीब बात है
3أَإِذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا ۖ ذَٰلِكَ رَجْعٌ بَعِيدٌ
भला जब हम मर जाएँगे और (सड़ गल कर) मिटटी हो जाएँगे तो फिर ये दोबार ज़िन्दा होना (अक्ल से) बईद (बात है)
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अनुवाद — काफ 1

सूरा काफ आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क़ाफ़ क़ुरान मजीद की क़सम (मोहम्मद पैग़म्बर हैं)

सूरा आयत 1/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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