Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
بَلْ كَذَّبُوا بِالْحَقِّ لَمَّا جَاءَهُمْ فَهُمْ فِي أَمْرٍ مَّرِيجٍ
शब्दों के अर्थ:
- بِالْحَقِّ: सत्य से, अर्थात क़ुरआन से।
- مَرِيجٍ: अस्त-व्यस्त, उलझा हुआ, जिसमें कोई स्थिरता न हो।
तफ़सीर:
इन मुशरिकों ने जब सत्य (क़ुरआन) उनके पास आया, तो उसे झुठला दिया। उन्होंने उस पर विचार नहीं किया, न उसे समझने की कोशिश की, बल्कि तुरंत उसे अस्वीकार कर दिया। इसी कारण वे एक उलझन और अस्त-व्यस्तता में पड़ गए। कभी वे कहते कि यह जादू है, कभी कहते कि यह शायरी है, कभी कहते कि यह कहानी है — इस तरह वे किसी एक बात पर स्थिर नहीं रहे। उनकी बातें आपस में टकराती थीं, उनका दिल और दिमाग दोनों परेशान थे। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने सत्य को स्वीकार नहीं किया। अगर वे सत्य को अपना लेते, तो उन्हें सुकून और स्थिरता मिलती, लेकिन सत्य को ठुकराकर वे हमेशा के लिए बेचैनी और भटकाव में डूब गए।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें बताती है कि सत्य को स्वीकार करने में ही इंसान की भलाई है। जो व्यक्ति सत्य को ठुकराता है, वह कभी चैन नहीं पा सकता। उसकी ज़िंदगी उलझनों और परेशानियों से भरी रहती है। लेकिन जो सत्य को क़बूल कर लेता है, अल्लाह उसे सुकून, स्थिरता और सीधा रास्ता देता है। क़ुरआन वह सत्य है जो इंसान को अंधेरों से निकालकर रोशनी की ओर ले जाता है। आओ, हम सब इस सत्य को अपनाएँ, उस पर अमल करें, और अपनी ज़िंदगी को शांति और सफलता से भर लें। अल्लाह हमें सत्य को समझने और उस पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 3-7 — सूरा काफ
अनुवाद — काफ 5
सूरा काफ आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मगर जब उनके पास दीन (हक़) आ पहुँचा तो उन्होने…सूरा आयत 5/45 — सूरा काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा काफ सुनें, सूरा काफ अनुवाद, सूरा काफ mp3, सूरा काफ pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा काफ
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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