काफ · 11/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
رِّزْقًا لِّلْعِبَادِ ۖ وَأَحْيَيْنَا بِهِ بَلْدَةً مَّيْتًا ۚ كَذَٰلِكَ الْخُرُوجُ ۝١١
Rizqal lil`ibaad, wa ahyainaa bihee baldatam maitaa; kazaalikal khurooj
📖 हिंदी अर्थ
(ये सब कुछ) बन्दों की रोज़ी देने के लिए (पैदा किया) और पानी ही से हमने मुर्दा शहर (उफ़तादा ज़मीन) को ज़िन्दा किया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • رِزْقًا لِّلْعِبَادِ: बंदों के लिए आजीविका के रूप में।
  • بَلْدَةً مَّيْتًا: सूखी और बंजर भूमि (जहाँ कोई हरियाली न हो)।
  • الْخُرُوجُ: (क़ब्रों से) निकलना, यानी पुनरुत्थान।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपनी असीम रहमत से आसमान से बारिश बरसाई और उसके ज़रिए ज़मीन से तरह-तरह की फ़सलें, फल और अनाज उगाए। यह सब कुछ उसके बंदों के लिए रोज़ी (आजीविका) है, ताकि वे खाएँ, अपनी ज़रूरतें पूरी करें और अपने रब का शुक्र अदा करें। उसी पानी के द्वारा अल्लाह ने उस सूखी और बंजर ज़मीन को ज़िंदा कर दिया, जो मुर्दा पड़ी थी—उसमें हरियाली और जीवन का संचार कर दिया।

यही अल्लाह की क़ुदरत का नमूना है! जिस तरह वह बंजर ज़मीन को बारिश से ज़िंदा करता है, उसी तरह वह क़यामत के दिन मुर्दों को क़ब्रों से ज़िंदा करके निकालेगा। यह उसके लिए बिल्कुल आसान है, क्योंकि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह की क़ुदरत पर ग़ौर करने की तालीम देती है। जब हम बारिश के बाद धरती को हरा-भरा होते देखते हैं, तो यह हमारे लिए एक ज़िंदा सबक़ है कि अल्लाह तआला मौत के बाद ज़िंदगी देने पर पूरी तरह क़ादिर है। यह ईमान की ताज़गी का ज़रिया है—जो शख्स इस नज़ारे से सबक़ लेता है, उसका दिल अल्लाह की रहमत और उसके वादे पर यक़ीन से भर जाता है। यह हमें आख़िरत की तैयारी की तरफ़ बुलाता है, ताकि हम अपनी ज़िंदगी को नेकियों से सजाएँ और उस दिन के लिए अच्छे आमाल लेकर जाएँ, जब हम अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। अल्लाह की रहमत से कभी निराश न हों—वही है जो ज़िंदगी देता है और वही दोबारा ज़िंदा करेगा।



📜 आयत 9-13 — काफ

9وَنَزَّلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً مُّبَارَكًا فَأَنبَتْنَا بِهِ جَنَّاتٍ وَحَبَّ الْحَصِيدِ
और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे बाग़ (के दरख्त) उगाए और खेती का अनाज और लम्बी लम्बी खजूरें
10وَالنَّخْلَ بَاسِقَاتٍ لَّهَا طَلْعٌ نَّضِيدٌ
जिसका बौर बाहम गुथा हुआ है
11رِّزْقًا لِّلْعِبَادِ ۖ وَأَحْيَيْنَا بِهِ بَلْدَةً مَّيْتًا ۚ كَذَٰلِكَ الْخُرُوجُ
(ये सब कुछ) बन्दों की रोज़ी देने के लिए (पैदा किया) और पानी ही से हमने मुर्दा शहर (उफ़तादा ज़मीन) को ज़िन्दा किया
12كَذَّبَتْ قَبْلَهُمْ قَوْمُ نُوحٍ وَأَصْحَابُ الرَّسِّ وَثَمُودُ
इसी तरह (क़यामत में मुर्दों को) निकलना होगा उनसे पहले नूह की क़ौम और ख़न्दक़ वालों और (क़ौम) समूद ने अपने अपने पैग़म्बरों को झुठलाया
13وَعَادٌ وَفِرْعَوْنُ وَإِخْوَانُ لُوطٍ
और (क़ौम) आद और फिरऔन और लूत की क़ौम
काफकुरान सूची
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अनुवाद — काफ 11

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Tuesday, August 18, 2026

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