काफ · 8/45
अनुवाद उच्चारण — काफ
تَبْصِرَةً وَذِكْرَىٰ لِكُلِّ عَبْدٍ مُّنِيبٍ ۝٨
Tabsiratanw wa zikraa likulli `abdim muneeb
📖 हिंदी अर्थ
(बन्दे) हिदायत और इबरत हासिल करें

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • تَبْصِرَةً: आँखें खोलने वाली चीज़, अर्थात् ऐसी चीज़ जिससे इंसान सत्य को देख सके और अज्ञानता के अंधेपन से निकल सके।
  • وَذِكْرَىٰ: नसीहत और याद दिलाने वाली चीज़।
  • مُّنِيبٍ: जो अल्लाह की ओर रुजू करने वाला हो, उसकी आज्ञा का पालन करने वाला और उसकी ओर लौटने वाला।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने आसमानों और ज़मीन को, और उनमें मौजूद हर चीज़ को—चाहे वह सूरज, चाँद, तारे, पहाड़, समुद्र, पेड़-पौधे, या जानवर हों—बेकार नहीं बनाया। यह सारी रचना एक बड़े मक़सद के लिए है। यह मक़सद है “तब्सिरा” यानी आँखें खोलने वाला सबक़ और “ज़िक्रा” यानी नसीहत और याद दिलाने वाली बात।

यानी अल्लाह ने यह सारा निज़ाम इसलिए बनाया ताकि इंसान इसे देखकर अपनी आँखों से अज्ञानता का पर्दा हटाए और समझे कि इस कारख़ाने का एक बनाने वाला है, जो सबसे बुद्धिमान, सबसे ताक़तवर और सबसे दयालु है। यह सृष्टि कोई खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे हिकमत और अदालत है।

लेकिन यह तब्सिरा और ज़िक्रा हर किसी के लिए फ़ायदेमंद नहीं होती। इसका फ़ायदा सिर्फ़ उस बंदे को मिलता है जो “मुनीब” हो—यानी जो अल्लाह की तरफ़ रुजू करने वाला हो, अपने गुनाहों से तौबा करने वाला हो, और अपने रब की इबादत और आज्ञा की तरफ़ लौटने वाला हो। ऐसा बंदा जब आसमान और ज़मीन की रचना को देखता है, तो उसका दिल हिल जाता है, उसका ईमान मज़बूत होता है, और वह अल्लाह की अज़मत के सामने झुक जाता है।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि यह कायनात एक खुली किताब है। जो इंसान इस किताब को पढ़ना चाहे, उसके लिए हर पत्ते पर अल्लाह की निशानियाँ मौजूद हैं। लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि हमारा दिल साफ़ हो, हमारी नीयत ठीक हो, और हम अल्लाह की तरफ़ लौटने वाले हों। जो लोग अल्लाह से दूर हो जाते हैं, उनकी आँखें होते हुए भी अंधी होती हैं—वे इन निशानियों को देखते हैं लेकिन उनसे सबक़ नहीं लेते।

अल्लाह तआला ने यह सब कुछ हमारे लिए बनाया है ताकि हम उसे पहचानें, उससे मुहब्बत करें, और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें। यही इंसान की कामयाबी है। आइए, हम अपने दिल को अल्लाह की तरफ़ करें, उसकी निशानियों पर ग़ौर करें, और उस बंदे में शामिल हों जिसके बारे में अल्लाह ने फ़रमाया: “हर उस बंदे के लिए जो अल्लाह की तरफ़ रुजू करने वाला है।”



📜 आयत 6-10 — काफ

6أَفَلَمْ يَنظُرُوا إِلَى السَّمَاءِ فَوْقَهُمْ كَيْفَ بَنَيْنَاهَا وَزَيَّنَّاهَا وَمَا لَهَا مِن فُرُوجٍ
तो क्या इन लोगों ने अपने ऊपर आसमान की नज़र नहीं की कि हमने उसको क्यों कर बनाया और उसको कैसी ज़ीनत दी और उनसे कहीं शिगाफ्त तक नहीं
7وَالْأَرْضَ مَدَدْنَاهَا وَأَلْقَيْنَا فِيهَا رَوَاسِيَ وَأَنبَتْنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوْجٍ بَهِيجٍ
और ज़मीन को हमने फैलाया और उस पर बोझल पहाड़ रख दिये और इसमें हर तरह की ख़ुशनुमा चीज़ें उगाई ताकि तमाम रूजू लाने वाले
8تَبْصِرَةً وَذِكْرَىٰ لِكُلِّ عَبْدٍ مُّنِيبٍ
(बन्दे) हिदायत और इबरत हासिल करें
9وَنَزَّلْنَا مِنَ السَّمَاءِ مَاءً مُّبَارَكًا فَأَنبَتْنَا بِهِ جَنَّاتٍ وَحَبَّ الْحَصِيدِ
और हमने आसमान से बरकत वाला पानी बरसाया तो उससे बाग़ (के दरख्त) उगाए और खेती का अनाज और लम्बी लम्बी खजूरें
10وَالنَّخْلَ بَاسِقَاتٍ لَّهَا طَلْعٌ نَّضِيدٌ
जिसका बौर बाहम गुथा हुआ है
काफकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — काफ 8

सूरा काफ आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बन्दे) हिदायत और इबरत हासिल करें

सूरा आयत 8/45 — काफ ق (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: काफ सुनें, काफ अनुवाद, काफ mp3, काफ pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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