अनुवाद — Tafsir
بسم الله الرحمن الرحيم
शब्दों के अर्थ:
इस आयत में "अलिफ-लाम-मीम" (الم) जैसे हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षर) हैं। ये अरबी वर्णमाला के अक्षर हैं, जिनका सही अर्थ केवल अल्लाह ही जानता है। इन अक्षरों का उल्लेख कुरआन की कई सूरतों की शुरुआत में हुआ है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत कुरआन के उन हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है, जो कई सूरतों की शुरुआत में आते हैं। इन अक्षरों के बारे में विद्वानों ने कहा है कि ये अल्लाह की ओर से एक रहस्य हैं, और इनका ज्ञान केवल अल्लाह को है। इन अक्षरों का ज़िक्र कुरआन की अज़मत और उसके मु'जिज़ा (चमत्कार) को दर्शाता है — कि यह किताब उन्हीं अक्षरों से बनी है जो अरब लोग बोलते और समझते हैं, फिर भी वे इसके समान एक सूरत भी नहीं ला सके। यह इस बात का सबूत है कि कुरआन अल्लाह का कलाम है, किसी इंसान का बनाया हुआ नहीं।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! ये अक्षर हमें सिखाते हैं कि कुरआन एक ऐसी किताब है जो अल्लाह की तरफ से उतारी गई है। जिस तरह एक राजा अपने ख़त की शुरुआत अपनी मुहर से करता है, उसी तरह अल्लाह ने इन अक्षरों के साथ कुछ सूरतों की शुरुआत की है। यह हमारे लिए एक इशारा है कि हम कुरआन को ग़ौर और तदब्बुर (ध्यान) के साथ पढ़ें, उस पर अमल करें, और उसके ज़रिए अपनी ज़िंदगी को रोशन करें। कुरआन ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह हम सबको कुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 1-3 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 1
सूरा अल-अंकबूत आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अलिफ़ लाम मीमसूरा आयत 1/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








