अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अल-क़ारिआह (القارعة): यह क़यामत का एक नाम है। "क़र'" (قرع) का अर्थ है किसी चीज़ को किसी चीज़ पर ज़ोर से मारना, जिससे तेज़ आवाज़ पैदा हो। चूँकि उस दिन की दहशत और भयावहता दिलों को ज़ोर से झकझोर देगी, इसलिए उसे "अल-क़ारिआह" कहा गया।
तफ़सीर:
अल-क़ारिआह यानी वह महान घटना जो दिलों को दहला देगी—वह क़यामत का दिन। उस दिन का हौल और भय इतना सख्त होगा कि हर इंसान का दिल काँप उठेगा, हर नज़र शक्तिहीन हो जाएगी, और हर इंसान अपने अमल के सिवा कुछ नहीं सोचेगा। यह नाम बताता है कि क़यामत कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी सच्चाई है जो हर इंसान के सामने आकर उसे हिला देगी।
यह आयत हमें बताती है कि जिस दिन का वादा अल्लाह ने किया है, वह दिन ज़रूर आने वाला है। उस दिन की हक़ीक़त से हर कोई रूबरू होगा। जो लोग उस दिन को भूलकर दुनिया में मगन हैं, वे एक दिन जागेंगे, लेकिन तब तक देर हो चुकी होगी। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही उस दिन की तैयारी करें, अपने अमल को सुधारें, और अल्लाह की रहमत और मग़फिरत के तलबगार बनें। क़यामत का डर हमें गुनाहों से रोके और नेकी की तरफ ले जाए, क्योंकि उस दिन हर इंसान को उसके अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देना होगा।
यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की क़ुदरत और उसके वादे पर पूरा यक़ीन रखें। क़यामत का आना अल्लाह के लिए बिल्कुल आसान है, और वह दिन जब आएगा, तो हर इंसान देखेगा कि दुनिया की सारी चीज़ें कितनी बेहक़ीक़त थीं। असल कामयाबी उसी दिन सामने आएगी, जब अल्लाह की रहमत और उसकी रज़ा हासिल होगी। आओ, हम उस दिन की तैयारी में लग जाएँ, ताकि उस दिन हमारा पल्ला भारी हो और हम जन्नत की नेमतों से नवाज़े जाएँ।
📜 आयत 1-3 — अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 1
सूरा अल-क़ारिया आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : खड़खड़ाने वालीसूरा आयत 1/11 — अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ारिया सुनें, अल-क़ारिया अनुवाद, अल-क़ारिया mp3, अल-क़ारिया pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








