अल-क़ारिया · 11/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ारिया
نَارٌ حَامِيَةٌ ۝١١
Naarun hamiyah
📖 हिंदी अर्थ
वह दहकती हुई आग है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • नारुन – आग
  • हामियाह – बहुत गर्म, भड़कती हुई, अत्यधिक तपती हुई

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस भयानक दिन का वर्णन कर रही है जब लोगों के अमल तौले जाएँगे। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस व्यक्ति के नेक अमल हल्के होंगे और उसके पलड़े में बुराइयाँ भारी होंगी, उसका ठिकाना "हावियाह" होगा। फिर उसी की तफ़सील बताते हुए फ़रमाया कि वह "हावियाह" क्या है? वह आग है जो बहुत तेज़ गर्म हो चुकी है – यानी ऐसी आग जिसकी गर्मी अपने चरम पर होगी, जिसमें ईंधन डाल-डालकर उसे और अधिक भड़काया गया होगा।

यह वही आग है जो अल्लाह के हुक्म से भड़काई जाएगी और उसकी लपटें दिलों तक पहुँचेंगी। यह दुनिया की किसी भी आग से कहीं अधिक भयानक और तपती हुई होगी। इस्लामी अक़ीदे के मुताबिक़, यह आग उन लोगों के लिए है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की और अपने आख़िरत को भुला दिया।

नसीहत और दावत का पहलू:

यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारा असली घर कहाँ है? क्या हम उस आग से बचने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी गर्मी का अंदाज़ा हम नहीं लगा सकते? अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से हमें इस आग से बचने का रास्ता दिखाया है – वह है ईमान, नेक अमल और तौबा। जिस तरह यह आग बहुत गर्म है, उसी तरह अल्लाह की रहमत भी बहुत वसीअ है। वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें, अपने गुनाहों से तौबा करें और नेक कामों में जल्दी करें। याद रखिए, दुनिया की मुहब्बत और गुनाह की लज़्ज़त चंद रोज़ की है, लेकिन उस आग का अज़ाब हमेशा के लिए है। आइए हम अपने अमल को संवारें, ताकि उस दिन हमारा पलड़ा भारी हो और हम उस आग से बच जाएँ जो "हामियाह" है।



📜 आयत 9-11 — सूरा अल-क़ारिया

9فَأُمُّهُ هَاوِيَةٌ
तो उनका ठिकाना न रहा
10وَمَا أَدْرَاكَ مَا هِيَهْ
और तुमको क्या मालूम हाविया क्या है
11نَارٌ حَامِيَةٌ
वह दहकती हुई आग है
अल-क़ारियाकुरान सूची
11आयत
मक्कीअवतरण स्थान
11आयत

अनुवाद — अल-क़ारिया 11

सूरा अल-क़ारिया आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह दहकती हुई आग है

सूरा आयत 11/11 — सूरा अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़ारिया सुनें, सूरा अल-क़ारिया अनुवाद, सूरा अल-क़ारिया mp3, सूरा अल-क़ारिया pdf. आयत 9–11. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए