अल-क़ारिया · 10/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-क़ारिया
وَمَا أَدْرَاكَ مَا هِيَهْ ۝١٠
Wa maa adraaka maa hiyah
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको क्या मालूम हाविया क्या है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مَا أَدْرَاكَ: तुम्हें क्या बताए, तुम कैसे जान सकते हो
  • هِيَهْ: वह (हाविया) क्या है

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ से ख़िताब करके फ़रमाता है कि ऐ रसूल! तुम्हें क्या मालूम कि वह "हाविया" क्या है? यानी तुम्हारे इल्म और समझ की कोई हद्द है, तुम उस अज़ीमुल-शान चीज़ की हक़ीक़त तक कैसे पहुँच सकते हो?

यह एक बलाग़त (अलंकारिक शैली) का उस्लूब है जो क़ुरआन में कई मुक़ामों पर आया है। इसका मतलब यह है कि उस चीज़ की हैसियत और अज़मत इतनी ज़बरदस्त है कि उसे बयान करना और उसकी हक़ीक़त को समझाना इंसानी इल्म से बाहर है। अल्लाह तआला ने पिछली आयत में फ़रमाया था कि "उसकी माँ हाविया है" यानी उसका ठिकाना और पनाहगाह जहन्नुम की वह गहरी खाई है जिसमें गिरने वाला कभी निकल नहीं सकता।

इस आयत का मक़सद लोगों को सख़्त तनबीह करना है कि क़यामत का दिन और उसके अज़ाब की सख़्ती उससे कहीं बढ़कर है जितना तुम सोच सकते हो। अल्लाह तआला ने यह बात इसलिए बयान की ताकि लोग उस दिन के ख़ौफ़ से अपने आचरण को सुधारें और अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म की पैरवी को अपनी ज़िंदगी का निज़ाम बनाएं।

यह आयत हमें सिखाती है कि आख़िरत का अज़ाब कोई मामूली चीज़ नहीं है, बल्कि वह इतना भयानक है कि उसकी हक़ीक़त का अंदाज़ा लगाना भी इंसान के बस में नहीं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, नेकियाँ करें और गुनाहों से बचें, ताकि उस दिन के ख़ौफ़नाक अज़ाब से महफ़ूज़ रहें और अल्लाह की रहमत और जन्नत के हक़दार बनें। यही कामयाबी है और यही सच्ची भलाई है।



📜 आयत 8-11 — सूरा अल-क़ारिया

8وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَازِينُهُ
और जिनके आमाल के पल्ले हल्के होंगे
9فَأُمُّهُ هَاوِيَةٌ
तो उनका ठिकाना न रहा
10وَمَا أَدْرَاكَ مَا هِيَهْ
और तुमको क्या मालूम हाविया क्या है
11نَارٌ حَامِيَةٌ
वह दहकती हुई आग है
अल-क़ारियाकुरान सूची
11आयत
मक्कीअवतरण स्थान
10आयत

अनुवाद — अल-क़ारिया 10

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Tuesday, September 29, 2026

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