अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَا أَدْرَاكَ: तुम्हें क्या बताए, तुम कैसे जान सकते हो
- هِيَهْ: वह (हाविया) क्या है
तफ़सीर:
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ से ख़िताब करके फ़रमाता है कि ऐ रसूल! तुम्हें क्या मालूम कि वह "हाविया" क्या है? यानी तुम्हारे इल्म और समझ की कोई हद्द है, तुम उस अज़ीमुल-शान चीज़ की हक़ीक़त तक कैसे पहुँच सकते हो?
यह एक बलाग़त (अलंकारिक शैली) का उस्लूब है जो क़ुरआन में कई मुक़ामों पर आया है। इसका मतलब यह है कि उस चीज़ की हैसियत और अज़मत इतनी ज़बरदस्त है कि उसे बयान करना और उसकी हक़ीक़त को समझाना इंसानी इल्म से बाहर है। अल्लाह तआला ने पिछली आयत में फ़रमाया था कि "उसकी माँ हाविया है" यानी उसका ठिकाना और पनाहगाह जहन्नुम की वह गहरी खाई है जिसमें गिरने वाला कभी निकल नहीं सकता।
इस आयत का मक़सद लोगों को सख़्त तनबीह करना है कि क़यामत का दिन और उसके अज़ाब की सख़्ती उससे कहीं बढ़कर है जितना तुम सोच सकते हो। अल्लाह तआला ने यह बात इसलिए बयान की ताकि लोग उस दिन के ख़ौफ़ से अपने आचरण को सुधारें और अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म की पैरवी को अपनी ज़िंदगी का निज़ाम बनाएं।
यह आयत हमें सिखाती है कि आख़िरत का अज़ाब कोई मामूली चीज़ नहीं है, बल्कि वह इतना भयानक है कि उसकी हक़ीक़त का अंदाज़ा लगाना भी इंसान के बस में नहीं। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें, नेकियाँ करें और गुनाहों से बचें, ताकि उस दिन के ख़ौफ़नाक अज़ाब से महफ़ूज़ रहें और अल्लाह की रहमत और जन्नत के हक़दार बनें। यही कामयाबी है और यही सच्ची भलाई है।
📜 आयत 8-11 — अल-क़ारिया
अनुवाद — अल-क़ारिया 10
सूरा अल-क़ारिया आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुमको क्या मालूम हाविया क्या हैसूरा आयत 10/11 — अल-क़ारिया القارعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़ारिया सुनें, अल-क़ारिया अनुवाद, अल-क़ारिया mp3, अल-क़ारिया pdf. आयत 8–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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