Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- वली: सहायक, मित्र, संरक्षक।
- ज़ुल्मात: अंधकार, अज्ञानता, कुफ्र (अविश्वास) की अंधेरियाँ।
- नूर: प्रकाश, ईमान (विश्वास) का उजाला।
- ताग़ूत: शैतान, मूर्तियाँ, और हर वह चीज़ जिसकी पूजा अल्लाह के सिवा की जाए या जो अल्लाह की अवज्ञा की ओर बुलाए।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला उन लोगों का संरक्षक और सहायक है जो उस पर ईमान लाते हैं। वह उन्हें कुफ्र, अज्ञानता और गुमराही के अंधकारों से निकालकर ईमान, ज्ञान और हिदायत के प्रकाश की ओर ले जाता है। यह अल्लाह की महान कृपा है कि वह अपने बंदों को अंधेरे रास्तों से बचाकर सीधे और रोशन मार्ग पर चलाता है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि हर कदम पर उनकी मदद करता है और उन्हें सफलता प्रदान करता है।
इसके विपरीत, जिन लोगों ने कुफ्र (अविश्वास) का रास्ता अपनाया, उनके संरक्षक और सहायक ताग़ूत (शैतान, मूर्तियाँ और बुरी ताकतें) होते हैं। ये ताग़ूत उन्हें ईमान के प्रकाश से निकालकर कुफ्र और गुमराही के अंधकारों में धकेल देते हैं। यही हाल उन लोगों का था जिन्होंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को पहचानने के बाद भी उनका इनकार किया और उनकी पैरवी से रुके रहे। उन्होंने सत्य को जानते हुए भी उसे ठुकरा दिया, और इस प्रकार वे प्रकाश से अंधकार की ओर चले गए।
ऐसे लोग आग (जहन्नम) के अधिकारी हैं, और वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह उनका अंतिम और स्थायी ठिकाना है। यह आयत हमें चेतावनी देती है कि जो व्यक्ति अल्लाह से कटकर ताग़ूत की ओर मुड़ता है, वह अपना सब कुछ खो देता है। इसलिए हमें चाहिए कि हम अल्लाह की पकड़ को थामे रहें, उसकी राह पर चलें, और उसके दिए हुए प्रकाश (ईमान) को कभी न छोड़ें। याद रखें, अल्लाह ही सच्चा मित्र और सहायक है, और उसकी संगत ही सच्ची सफलता है। जो अल्लाह के साथ रहता है, उसे किसी का डर नहीं, और जो अल्लाह से दूर हो जाता है, उसे कोई बचा नहीं सकता।
📜 आयत 255-259 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 257
सूरा अल-बकरा आयत 257 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा उन लोगों का सरपरस्त है जो ईमान ला चुके…सूरा आयत 257/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 255–259. हिंदी अर्थ: اردو.
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Friday, October 2, 2026
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