अनुवाद — Tafsir
ये आयतें उस किताब (क़ुरआन) की हैं जो सब कुछ स्पष्ट कर देने वाली है। यह किताब ही वह कसौटी है जो हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) के बीच फ़र्क़ करती है, और हर उस चीज़ को रौशन करती है जिसकी इंसान को ज़िंदगी के सफ़र में ज़रूरत है।
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि ये आयतें उस वाज़ेह और रौशन किताब की हैं, जिसके अल्फ़ाज़ साफ़ हैं और जिसके मानी भी वाज़ेह हैं। यानी यह किताब अपने नुत्फ़े (शब्दों) और मफ़हूम (अर्थ) दोनों में इतनी साफ़ और रौशन है कि किसी को भी समझने में कोई दिक़्क़त नहीं होती, बशर्ते वह सच्चे दिल से हिदायत का तालिब हो।
अल्लाह तआला इस आयत में हमें बताना चाहते हैं कि यह क़ुरआन कोई मुबहम (अस्पष्ट) या पेचीदा किताब नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी रौशन किताब है जो हर उस इंसान के लिए रहनुमा है जो हक़ की तलाश में है। यह किताब इंसान को अंधेरों से निकाल कर रौशनी की तरफ़ ले जाती है, गुमराही से निकाल कर हिदायत की राह दिखाती है, और शक-ओ-शुबहात से निकाल कर यक़ीन की मंज़िल तक पहुँचाती है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन एक ऐसा खज़ाना है जिसकी कोई इंतिहा नहीं। जो शख्स इस किताब को पकड़ लेता है, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। यह किताब हर ज़माने और हर मकान के लिए हिदायत है। आइए! हम इस रौशन किताब को पढ़ें, समझें और अपनी ज़िंदगी में लागू करें, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल कर सकें।
📜 आयत 1-4 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 2
सूरा अश-शुआरा आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये वाज़ेए व रौशन किताब की आयतें हैसूरा आयत 2/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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