सूरा अश-शुआरा pdf — डाउनलोड (हिन्दी)
सूरा अश-शुआरा pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अश-शुआरा अनुवाद. सूरा अश-शुआरा (मक्की) 227 आयत.
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सूरा अश-शुआरा

ﭑﭒ
26:1
ता सीन मीम
ﭓﭔﭕﭖﭗ
26:2
ये वाज़ेए व रौशन किताब की आयतें है
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝﭞ
26:3
(ऐ रसूल) शायद तुम (इस फिक्र में) अपनी जान हलाक कर डालोगे कि ये (कुफ्फार) मोमिन क्यो नहीं हो जाते
ﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪ
26:4
अगर हम चाहें तो उन लोगों पर आसमान से कोई ऐसा मौजिज़ा नाज़िल करें कि उन लोगों की गर्दनें उसके सामने झुक जाएँ
ﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶ
26:5
और (लोगों का क़ायदा है कि) जब उनके पास कोई कोई नसीहत की बात ख़ुदा की तरफ से आयी तो ये लोग उससे मुँह फेरे बगैर नहीं रहे
ﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾﭿ
26:6
उन लोगों ने झुठलाया ज़रुर तो अनक़रीब ही (उन्हें) इस (अज़ाब) की हक़ीकत मालूम हो जाएगी जिसकी ये लोग हँसी उड़ाया करते थे
ﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋ
26:7
क्या इन लोगों ने ज़मीन की तरफ भी (ग़ौर से) नहीं देखा कि हमने हर रंग की उम्दा उम्दा चीजें उसमें किस कसरत से उगायी हैं
ﮌﮍﮎﮏﮐﮑﮒﮓﮔﮕ
26:8
यक़ीनन इसमें (भी क़ुदरत) ख़ुदा की एक बड़ी निशानी है मगर उनमें से अक्सर ईमान लाने वाले ही नहीं
ﮖﮗﮘﮙﮚﮛ
26:9
और इसमें शक नहीं कि तेरा परवरदिगार यक़ीनन (हर चीज़ पर) ग़ालिब (और) मेहरबान है
ﮜﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤ
26:10
(ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम्हारे परवरदिगार ने मूसा को आवाज़ दी कि (इन) ज़ालिमों फिरऔन की क़ौम के पास जाओ (हिदायत करो)
ﮥﮦﮧﮨﮩﮪ
26:11
क्या ये लोग (मेरे ग़ज़ब से) डरते नहीं है
ﮫﮬﮭﮮﮯﮰﮱ
26:12
मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा) वह लोग मुझे झुठला दे
ﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙﯚﯛ
26:13
और (उनके झुठलाने से) मेरा दम रुक जाए और मेरी ज़बान (अच्छी तरह) न चले तो हारुन के पास पैग़ाम भेज दे (कि मेरा साथ दे)
ﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢ
26:14
(और इसके अलावा) उनका मेरे सर एक जुर्म भी है (कि मैने एक शख्स को मार डाला था)
ﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫﯬ
26:15
तो मैं डरता हूँ कि (शायद) मुझे ये लाग मार डालें ख़ुदा ने कहा हरगिज़ नहीं अच्छा तुम दोनों हमारी निशानियाँ लेकर जाओ हम तुम्हारे साथ हैं
ﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴ
26:16
और (सारी गुफ्तगू) अच्छी तरह सुनते हैं ग़रज़ तुम दोनों फिरऔन के पास जाओ और कह दो कि हम सारे जहाँन के परवरदिगार के रसूल हैं (और पैग़ाम लाएँ हैं)
ﯵﯶﯷﯸﯹﯺ
26:17
कि आप बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दीजिए
ﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂﰃﰄﰅ
26:18
(चुनान्चे मूसा गए और कहा) फिरऔन बोला (मूसा) क्या हमने तुम्हें यहाँ रख कर बचपने में तुम्हारी परवरिश नहीं की और तुम अपनी उम्र से बरसों हम मे रह सह चुके हो
ﰆﰇﰈﰉﰊﰋﰌﰍ
26:19
और तुम अपना वह काम (ख़ून क़िब्ती) जो कर गए और तुम (बड़े) नाशुक्रे हो
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
26:20
मूसा ने कहा (हाँ) मैने उस वक्त उस काम को किया जब मै हालते ग़फलत में था
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣ
26:21
फिर जब मै आप लोगों से डरा तो भाग खड़ा हुआ फिर (कुछ अरसे के बाद) मेरे परवरदिगार ने मुझे नुबूवत अता फरमायी और मुझे भी एक पैग़म्बर बनाया
ﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬ
26:22
और ये भी कोई एहसान हे जिसे आप मुझ पर जता रहे है कि आप ने बनी इसराईल को ग़ुलाम बना रखा है
ﭭﭮﭯﭰﭱﭲ
26:23
फिरऔन ने पूछा (अच्छा ये तो बताओ) रब्बुल आलमीन क्या चीज़ है
ﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽ
26:24
मूसा ने कहाँ सारे आसमान व ज़मीन का और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है (सबका) मालिक अगर आप लोग यक़ीन कीजिए (तो काफी है)
ﭾﭿﮀﮁﮂﮃ
26:25
फिरऔन ने उन लोगो से जो उसके इर्द गिर्द (बैठे) थे कहा क्या तुम लोग नहीं सुनते हो
ﮄﮅﮆﮇﮈﮉ
26:26
मूसा ने कहा (वही ख़ुदा जो कि) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे बाप दादाओं का परवरदिगार है
ﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑ
26:27
फिरऔन ने कहा (लोगों) ये रसूल जो तुम्हारे पास भेजा गया है हो न हो दीवाना है
ﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜ
26:28
मूसा ने कहा (वह ख़ुदा जो) पूरब पश्चिम और जो कुछ इन दोनों के दरमियान (सबका) मालिक है अगर तुम समझते हो (तो यही काफी है)
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤﮥ
26:29
फिरऔन ने कहा अगर तुम मेरे सिवा किसी और को (अपना) ख़ुदा बनाया है तो मै ज़रुर तुम्हे कैदी बनाऊँगा
ﮦﮧﮨﮩﮪﮫ
26:30
मूसा ने कहा अगरचे मैं आपको एक वाजेए व रौशन मौजिज़ा भी दिखाऊ (तो भी)
ﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔ
26:31
फिरऔन ने कहा (अच्छा) तो तुम अगर (अपने दावे में) सच्चे हो तो ला दिखाओ
ﯕﯖﯗﯘﯙﯚﯛ
26:32
बस (ये सुनते ही) मूसा ने अपनी छड़ी (ज़मीन पर) डाल दी फिर तो यकायक वह एक सरीही अज़दहा बन गया
ﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢ
26:33
और (जेब से) अपना हाथ बाहर निकाला तो यकायक देखने वालों के वास्ते बहुत सफेद चमकदार था
ﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪ
26:34
(इस पर) फिरऔन अपने दरबारियों से जो उसके गिर्द (बैठे) थे कहने लगा
ﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳ
26:35
कि ये तो यक़ीनी बड़ा खिलाड़ी जादूगर है ये तो चाहता है कि अपने जादू के ज़ोर से तुम्हें तुम्हारे मुल्क से बाहर निकाल दे तो तुम लोग क्या हुक्म लगाते हो
ﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺﯻ
26:36
दरबारियों ने कहा अभी इसको और इसके भाई को (चन्द) मोहलत दीजिए
ﯼﯽﯾﯿﰀ
26:37
और तमाम शहरों में जादूगरों के जमा करने को हरकारे रवाना कीजिए कि वह लोग तमाम बड़े बड़े खिलाड़ी जादूगरों की आपके सामने ला हाज़िर करें
ﰁﰂﰃﰄﰅﰆ
26:38
ग़रज़ वक्ते मुकर्रर हुआ सब जादूगर उस मुक़र्रर के वायदे पर जमा किए गए
ﰇﰈﰉﰊﰋﰌ
26:39
और लोगों में मुनादी करा दी गयी कि तुम लोग अब भी जमा होगे
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘ
26:40
या नहीं ताकि अगर जादूगर ग़ालिब और वर है तो हम लोग उनकी पैरवी करें
ﭙﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥ
26:41
अलग़रज जब सब जादूगर आ गये तो जादूगरों ने फिरऔन से कहा कि अगर हम ग़ालिब आ गए तो हमको यक़ीनन कुछ इनाम (सरकार से) मिलेगा
ﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬ
26:42
फिरऔन ने कहा हा (ज़रुर मिलेगा) और (इनाम क्या चीज़ है) तुम उस वक्त (मेरे) मुकररेबीन (बारगाह) से हो गए
ﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴ
26:43
मूसा ने जादूगरों से कहा (मंत्र व तंत्र) जो कुछ तुम्हें फेंकना हो फेंको
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾ
26:44
इस पर जादूगरों ने अपनी रस्सियाँ और अपनी छड़ियाँ (मैदान में) डाल दी और कहने लगे फिरऔन के जलाल की क़सम हम ही ज़रुर ग़ालिब रहेंगे
ﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆﮇ
26:45
तब मूसा ने अपनी छड़ी डाली तो जादूगरों ने जो कुछ (शोबदे) बनाए थे उसको वह निगलने लगी
ﮈﮉﮊﮋ
26:46
ये देखते ही जादूगर लोग सजदे में (मूसा के सामने) गिर पडे
ﮌﮍﮎﮏﮐ
26:47
और कहने लगे हम सारे जहाँ के परवरदिगार पर ईमान लाए
ﮑﮒﮓﮔ
26:48
जो मूसा और हारुन का परवरदिगार है
ﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣﮤﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
26:49
फिरऔन ने कहा (हाए) क़ब्ल इसके कि मै तुम्हें इजाज़त दूँ तुम इस पर ईमान ले आए बेशक ये तुम्हारा बड़ा (गुरु है जिसने तुम सबको जादू सिखाया है तो ख़ैर) अभी तुम लोगों को (इसका नतीजा) मालूम हो जाएगा कि हम यक़ीनन तुम्हारे एक तरफ के हाथ और दूसरी तरफ के पाँव काट डालेगें और तुम सब के सब को सूली देगें
ﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
26:50
वह बोले कुछ परवाह नही हमको तो बहरहाल अपने परवरदिगार की तरफ लौट कर जाना है
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢ
26:51
हम चँकि सबसे पहले ईमान लाए है इसलिए ये उम्मीद रखते हैं कि हमारा परवरदिगार हमारी ख़ताएँ माफ कर देगा
ﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩﯪﯫﯬ
26:52
और हमने मूसा के पास वही भेजी कि तुम मेरे बन्दों को लेकर रातों रात निकल जाओ क्योंकि तुम्हारा पीछा किया जाएगा
ﯭﯮﯯﯰﯱﯲ
26:53
तब फिरऔन ने (लश्कर जमा करने के ख्याल से) तमाम शहरों में (धड़ा धड़) हरकारे रवाना किए
ﯳﯴﯵﯶﯷ
26:54
(और कहा) कि ये लोग मूसा के साथ बनी इसराइल थोड़ी सी (मुट्ठी भर की) जमाअत हैं
ﯸﯹﯺﯻ
26:55
और उन लोगों ने हमें सख्त गुस्सा दिलाया है
ﯼﯽﯾﯿ
26:56
और हम सबके सब बा साज़ों सामान हैं
ﰀﰁﰂﰃﰄ
26:57
(तुम भी आ जाओ कि सब मिलकर ताअककुब (पीछा) करें)
ﰅﰆﰇﰈ
26:58
ग़रज़ हमने इन लोगों को (मिस्र के) बाग़ों और चश्मों और खज़ानों और इज्ज़त की जगह से (यूँ) निकाल बाहर किया
ﰉﰊﰋﰌﰍﰎ
26:59
(और जो नाफरमानी करे) इसी तरह सज़ा होगी और आख़िर हमने उन्हीं चीज़ों का मालिक बनी इसराइल को बनाया
ﰏﰐﰑ
26:60
ग़रज़ (मूसा) तो रात ही को चले गए
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗﭘﭙ
26:61
और उन लोगों ने सूरज निकलते उनका पीछा किया तो जब दोनों जमाअतें (इतनी करीब हुयीं कि) एक दूसरे को देखने लगी तो मूसा के साथी (हैरान होकर) कहने लगे
ﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡ
26:62
कि अब तो पकड़े गए मूसा ने कहा हरगिज़ नहीं क्योंकि मेरे साथ मेरा परवरदिगार है
ﭢﭣﭤﭥﭦﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰ
26:63
वह फौरन मुझे कोई (मुखलिसी का) रास्ता बता देगा तो हमने मूसा के पास वही भेजी कि अपनी छड़ी दरिया पर मारो (मारना था कि) फौरन दरिया फुट के टुकड़े टुकड़े हो गया तो गोया हर टुकड़ा एक बड़ा ऊँचा पहाड़ था
ﭱﭲﭳﭴ
26:64
और हमने उसी जगह दूसरे फरीक (फिरऔन के साथी) को क़रीब कर दिया
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
26:65
और मूसा और उसके साथियों को हमने (डूबने से) बचा लिया
ﭻﭼﭽﭾ
26:66
फिर दूसरे फरीक़ (फिरऔन और उसके साथियों) को डुबोकर हलाक़ कर दिया
ﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆﮇﮈ
26:67
बेशक इसमें यक़ीनन एक बड़ी इबरत है और उनमें अक्सर ईमान लाने वाले ही न थे
ﮉﮊﮋﮌﮍﮎ
26:68
और इसमें तो शक ही न था कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब और बड़ा मेहरबान है
ﮏﮐﮑﮒﮓ
26:69
और (ऐ रसूल) उन लोगों के सामने इबराहीम का किस्सा बयान करों
ﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚ
26:70
जब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा
ﮛﮜﮝﮞﮟﮠﮡ
26:71
कि तुम लोग किसकी इबादत करते हो तो वह बोले हम बुतों की इबादत करते हैं और उन्हीं के मुजाविर बन जाते हैं
ﮢﮣﮤﮥﮦﮧ
26:72
इबराहीम ने कहा भला जब तुम लोग उन्हें पुकारते हो तो वह तुम्हारी कुछ सुनते हैं
ﮨﮩﮪﮫﮬ
26:73
या तम्हें कुछ नफा या नुक़सान पहुँचा सकते हैं
ﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔ
26:74
कहने लगे (कि ये सब तो कुछ नहीं) बल्कि हमने अपने बाप दादाओं को ऐसा ही करते पाया है
ﯕﯖﯗﯘﯙﯚ
26:75
इबराहीम ने कहा क्या तुमने देखा भी कि जिन चीज़ों कीे तुम परसतिश करते हो
ﯛﯜﯝﯞ
26:76
या तुम्हारे अगले बाप दादा (करते थे) ये सब मेरे यक़ीनी दुश्मन हैं
ﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥ
26:77
मगर सारे जहाँ का पालने वाला जिसने मुझे पैदा किया (वही मेरा दोस्त है)
ﯦﯧﯨﯩﯪ
26:78
फिर वही मेरी हिदायत करता है
ﯫﯬﯭﯮﯯ
26:79
और वह शख्स जो मुझे (खाना) खिलाता है और मुझे (पानी) पिलाता है
ﯰﯱﯲﯳﯴ
26:80
और जब बीमार पड़ता हूँ तो वही मुझे शिफा इनायत फरमाता है
ﯵﯶﯷﯸﯹ
26:81
और वह वही हेै जो मुझे मार डालेगा और उसके बाद (फिर) मुझे ज़िन्दा करेगा
ﯺﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂ
26:82
और वह वही है जिससे मै उम्मीद रखता हूँ कि क़यामत के दिन मेरी ख़ताओं को बख्श देगा
ﰃﰄﰅﰆﰇﰈﰉ
26:83
परवरदिगार मुझे इल्म व फहम अता फरमा और मुझे नेकों के साथ शामिल कर
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
26:84
और आइन्दा आने वाली नस्लों में मेरा ज़िक्रे ख़ैर क़ायम रख
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝ
26:85
और मुझे भी नेअमत के बाग़ (बेहश्त) के वारिसों में से बना
ﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤ
26:86
और मेरे (मुँह बोले) बाप (चचा आज़र) को बख्श दे क्योंकि वह गुमराहों में से है
ﭥﭦﭧﭨﭩ
26:87
और जिस दिन लोग क़ब्रों से उठाए जाएँगें मुझे रुसवा न करना
ﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰ
26:88
जिस दिन न तो माल ही कुछ काम आएगा और न लड़के बाले
ﭱﭲﭳﭴﭵﭶﭷ
26:89
मगर जो शख्स ख़ुदा के सामने (गुनाहों से) पाक दिल लिए हुए हाज़िर होगा (वह फायदे में रहेगा)
ﭸﭹﭺﭻ
26:90
और बेहश्त परहेज़ गारों के क़रीब कर दी जाएगी
ﭼﭽﭾﭿ
26:91
और दोज़ख़ गुमराहों के सामने ज़ाहिर कर दी जाएगी
ﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆ
26:92
और उन लोगों (अहले जहन्नुम) से पूछा जाएगा कि ख़ुदा को छोड़कर जिनकी तुम परसतिश करते थे (आज) वह कहाँ हैं
ﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎ
26:93
क्या वह तुम्हारी कुछ मदद कर सकते हैं या वह ख़ुद अपनी आप बाहम मदद कर सकते हैं
ﮏﮐﮑﮒﮓ
26:94
फिर वह (माबूद) और गुमराह लोग और शैतान का लशकर
ﮔﮕﮖﮗ
26:95
(ग़रज़ सबके सब) जहन्नुम में औधें मुँह ढकेल दिए जाएँगे
ﮘﮙﮚﮛﮜ
26:96
और ये लोग जहन्नुम में बाहम झगड़ा करेंगे और अपने माबूद से कहेंगे
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢﮣ
26:97
ख़ुदा की क़सम हम लोग तो यक़ीनन सरीही गुमराही में थे
ﮤﮥﮦﮧﮨ
26:98
कि हम तुम को सारे जहाँन के पालने वाले (ख़ुदा) के बराबर समझते रहे
ﮩﮪﮫﮬﮭ
26:99
और हमको बस (उन) गुनाहगारों ने (जो मुझसे पहले हुए) गुमराह किया
ﮮﮯﮰﮱﯓ
26:100
तो अब तो न कोई (साहब) मेरी सिफारिश करने वाले हैं
ﯔﯕﯖﯗ
26:101
और न कोई दिलबन्द दोस्त हैं
ﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟ
26:102
तो काश हमें अब दुनिया में दोबारा जाने का मौक़ा मिलता तो हम (ज़रुर) ईमान वालों से होते
ﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
26:103
इबराहीम के इस किस्से में भी यक़ीनन एक बड़ी इबरत है और इनमें से अक्सर ईमान लाने वाले थे भी नहीं
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯ
26:104
और इसमे तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब और बड़ा मेहरबान है
ﯰﯱﯲﯳﯴ
26:105
(यूँ ही) नूह की क़ौम ने पैग़म्बरो को झुठलाया
ﯵﯶﯷﯸﯹﯺﯻﯼ
26:106
कि जब उनसे उन के भाई नूह ने कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते मै तो तुम्हारा यक़ीनी अमानत दार पैग़म्बर हूँ
ﯽﯾﯿﰀﰁ
26:107
तुम खुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﰂﰃﰄﰅ
26:108
और मैं इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ उजरत तो माँगता नहीं
ﰆﰇﰈﰉﰊﰋﰌﰍﰎﰏﰐﰑﰒ
26:109
मेरी उजरत तो बस सारे जहाँ के पालने वाले ख़ुदा पर है
ﰓﰔﰕﰖ
26:110
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो वह लोग बोले जब कमीनो मज़दूरों वग़ैरह ने (लालच से) तुम्हारी पैरवी कर ली है
ﰗﰘﰙﰚﰛﰜﰝ
26:111
तो हम तुम पर क्या ईमान लाएं
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
26:112
नूह ने कहा ये लोग जो कुछ करते थे मुझे क्या ख़बर (और क्या ग़रज़)
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝﭞﭟﭠ
26:113
इन लोगों का हिसाब तो मेरे परवरदिगार के ज़िम्मे है
ﭡﭢﭣﭤﭥ
26:114
काश तुम (इतनी) समझ रखते और मै तो ईमानदारों को अपने पास से निकालने वाला नहीं
ﭦﭧﭨﭩﭪﭫ
26:115
मै तो सिर्फ (अज़ाबे ख़ुदा से) साफ साफ डराने वाला हूँ
ﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴ
26:116
वह लोग कहने लगे ऐ नूह अगर तुम अपनी हरकत से बाज़ न आओगे तो ज़रुर संगसार कर दिए जाओगे
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺ
26:117
नूह ने अर्ज की परवरदिगार मेरी क़ौम ने यक़ीनन मुझे झुठलाया
ﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄ
26:118
तो अब तू मेरे और इन लोगों के दरमियान एक क़तई फैसला कर दे और मुझे और जो मोमिनीन मेरे साथ हें उनको नजात दे
ﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋ
26:119
ग़रज़ हमने नूह और उनके साथियों को जो भरी हुई कश्ती में थे नजात दी
ﮌﮍﮎﮏﮐ
26:120
फिर उसके बाद हमने बाक़ी लोगों को ग़रक कर दिया
ﮑﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚ
26:121
बेशक इसमे भी यक़ीनन बड़ी इबरत है और उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
ﮛﮜﮝﮞﮟﮠ
26:122
और इसमें तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब मेहरबान है
ﮡﮢﮣﮤ
26:123
(इसी तरह क़ौम) आद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
ﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫﮬ
26:124
जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा कि तुम ख़ुदा से क्यों नही डरते
ﮭﮮﮯﮰﮱ
26:125
मैं तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ
ﯓﯔﯕﯖ
26:126
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢﯣ
26:127
मै तो तुम से इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी नहीं माँगता मेरी उजरत तो बस सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) पर है
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
26:128
तो क्या तुम ऊँची जगह पर बेकार यादगारे बनाते फिरते हो
ﯪﯫﯬﯭﯮ
26:129
और बड़े बड़े महल तामीर करते हो गोया तुम हमेशा (यहीं) रहोगे
ﯯﯰﯱﯲﯳ
26:130
और जब तुम (किसी पर) हाथ डालते हो तो सरकशी से हाथ डालते हो
ﯴﯵﯶﯷ
26:131
तो तुम ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﯸﯹﯺﯻﯼﯽ
26:132
और उस शख्स से डरो जिसने तुम्हारी उन चीज़ों से मदद की जिन्हें तुम खूब जानते हो
ﯾﯿﰀﰁ
26:133
अच्छा सुनो उसने तुम्हारे चार पायों और लड़के बालों वग़ैरह और चश्मों से मदद की
ﰂﰃﰄ
26:134
मै तो यक़ीनन तुम पर
ﰅﰆﰇﰈﰉﰊﰋ
26:135
एक बड़े (सख्त) रोज़ के अज़ाब से डरता हूँ
ﰌﰍﰎﰏﰐﰑﰒﰓﰔﰕ
26:136
वह लोग कहने लगे ख्वाह तुम नसीहत करो या न नसीहत करो हमारे वास्ते (सब) बराबर है
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖ
26:137
ये (डरावा) तो बस अगले लोगों की आदत है
ﭗﭘﭙﭚ
26:138
हालाँकि हम पर अज़ाब (वग़ैरह अब) किया नहीं जाएगा
ﭛﭜﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥﭦﭧ
26:139
ग़रज़ उन लोगों ने हूद को झुठला दिया तो हमने भी उनको हलाक कर डाला बेशक इस वाक़िये में यक़ीनी एक बड़ी इबरत है आर उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे
ﭨﭩﭪﭫﭬﭭ
26:140
और इसमें शक नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है
ﭮﭯﭰﭱ
26:141
(इसी तरह क़ौम) समूद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
ﭲﭳﭴﭵﭶﭷﭸﭹ
26:142
जब उनके भाई सालेह ने उनसे कहा कि तुम (ख़ुदा से) क्यो नहीं डरते
ﭺﭻﭼﭽﭾ
26:143
मैं तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ
ﭿﮀﮁﮂ
26:144
तो खुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎﮏ
26:145
और मै तो तुमसे इस (तबलीगे रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी नहीं माँगता- मेरी मज़दूरी तो बस सारी ख़ुदाई के पालने वाले (ख़ुदा पर है)
ﮐﮑﮒﮓﮔﮕ
26:146
क्या जो चीजें यहाँ (दुनिया में) मौजूद है
ﮖﮗﮘﮙ
26:147
बाग़ और चश्में और खेतिया और छुहारे जिनकी कलियाँ लतीफ़ व नाज़ुक होती है
ﮚﮛﮜﮝﮞ
26:148
उन्हीं मे तुम लोग इतमिनान से (हमेशा के लिए) छोड़ दिए जाओगे
ﮟﮠﮡﮢﮣﮤ
26:149
और (इस वजह से) पूरी महारत और तकलीफ के साथ पहाड़ों को काट काट कर घर बनाते हो
ﮥﮦﮧﮨ
26:150
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﮩﮪﮫﮬﮭ
26:151
और ज्यादती करने वालों का कहा न मानों
ﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕ
26:152
जो रुए ज़मीन पर फ़साद फैलाया करते हैं और (ख़राबियों की) इसलाह नहीं करते
ﯖﯗﯘﯙﯚﯛ
26:153
वह लोग बोले कि तुम पर तो बस जादू कर दिया गया है (कि ऐसी बातें करते हो)
ﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢﯣﯤﯥﯦﯧ
26:154
तुम भी तो आख़िर हमारे ही ऐसे आदमी हो पस अगर तुम सच्चे हो तो कोई मौजिज़ा हमारे पास ला (दिखाओ)
ﯨﯩﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱ
26:155
सालेह ने कहा- यही ऊँटनी (मौजिज़ा) है एक बारी इसके पानी पीने की है और एक मुक़र्रर दिन तुम्हारे पीने का
ﯲﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹ
26:156
और इसको कोई तकलीफ़ न पहुँचाना वरना एक बड़े (सख्त) ज़ोर का अज़ाब तुम्हे ले डालेगा
ﯺﯻﯼﯽ
26:157
इस पर भी उन लोगों ने उसके पाँव काट डाले और (उसको मार डाला) फिर ख़़ुद पशेमान हुए
ﯾﯿﰀﰁﰂﰃﰄﰅﰆﰇﰈﰉﰊ
26:158
फिर उन्हें अज़ाब ने ले डाला-बेशक इसमें यक़ीनन एक बड़ी इबरत है और इनमें के बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे
ﰋﰌﰍﰎﰏﰐ
26:159
और इसमें शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार (सब पर) ग़ालिब और मेहरबान है
ﭑﭒﭓﭔﭕ
26:160
इसी तरह लूत की क़ौम ने पैग़म्बरों को झुठलाया
ﭖﭗﭘﭙﭚﭛﭜﭝ
26:161
जब उनके भाई लूत ने उनसे कहा कि तुम (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
ﭞﭟﭠﭡﭢ
26:162
मै तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ तो ख़ुदा से डरो
ﭣﭤﭥﭦ
26:163
और मेरी इताअत करो
ﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳ
26:164
और मै तो तुमसे इस (तबलीगे रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी नहीं माँगता मेरी मज़दूरी तो बस सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) पर है
ﭴﭵﭶﭷﭸ
26:165
क्या तुम लोग (शहवत परस्ती के लिए) सारे जहाँ के लोगों में मर्दों ही के पास जाते हो
ﭹﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅ
26:166
और तुम्हारे वास्ते जो बीवियाँ तुम्हारे परवरदिगार ने पैदा की है उन्हें छोड़ देते हो (ये कुछ नहीं) बल्कि तुम लोग हद से गुज़र जाने वाले आदमी हो
ﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎ
26:167
उन लोगों ने कहा ऐ लूत अगर तुम बाज़ न आओगे तो तुम ज़रुर निकल बाहर कर दिए जाओगे
ﮏﮐﮑﮒﮓﮔ
26:168
लूत ने कहा मै यक़ीनन तुम्हारी (नाशाइसता) हरकत से बेज़ार हूँ
ﮕﮖﮗﮘﮙﮚ
26:169
(और दुआ की) परवरदिगार जो कुछ ये लोग करते है उससे मुझे और मेरे लड़कों को नजात दे
ﮛﮜﮝﮞ
26:170
तो हमने उनको और उनके सब लड़कों को नजात दी
ﮟﮠﮡﮢﮣ
26:171
मगर (लूत की) बूढ़ी औरत कि वह पीछे रह गयी
ﮤﮥﮦﮧ
26:172
(और हलाक हो गयी) फिर हमने उन लोगों को हलाक कर डाला
ﮨﮩﮪﮫﮬﮭﮮﮯ
26:173
और उन पर हमने (पत्थरों का) मेंह बरसाया तो जिन लोगों को (अज़ाबे ख़ुदा से) डराया गया था
ﮰﮱﯓﯔﯕﯖﯗﯘﯙﯚ
26:174
उन पर क्या बड़ी बारिश हुई इस वाक़िये में भी एक बड़ी इबरत है और इनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
ﯛﯜﯝﯞﯟﯠ
26:175
और इसमे तो शक ही नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन सब पर ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है
ﯡﯢﯣﯤﯥ
26:176
इसी तरह जंगल के रहने वालों ने (मेरे) पैग़म्बरों को झुठलाया
ﯦﯧﯨﯩﯪﯫﯬ
26:177
जब शुएब ने उनसे कहा कि तुम (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते
ﯭﯮﯯﯰﯱ
26:178
मै तो बिला शुबाह तुम्हारा अमानदार हूँ
ﯲﯳﯴﯵ
26:179
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
ﯶﯷﯸﯹﯺﯻﯼﯽﯾﯿﰀﰁﰂ
26:180
मै तो तुमसे इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी नहीं माँगता मेरी मज़दूरी तो बस सारी ख़ुदाई के पालने वाले (ख़ुदा) के ज़िम्मे है
ﰃﰄﰅﰆﰇﰈﰉﰊ
26:181
तुम (जब कोई चीज़ नाप कर दो तो) पूरा पैमाना दिया करो और नुक़सान (कम देने वाले) न बनो
ﰋﰌﰍﰎ
26:182
और तुम (जब तौलो तो) ठीक तराज़ू से डन्डी सीधी रखकर तौलो
ﰏﰐﰑﰒﰓﰔﰕﰖﰗﰘ
26:183
और लोगों को उनकी चीज़े (जो ख़रीदें) कम न ज्यादा करो और ज़मीन से फसाद न फैलाते फिरो
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖ
26:184
और उस (ख़ुदा) से डरो जिसने तुम्हे और अगली ख़िलकत को पैदा किया
ﭗﭘﭙﭚﭛﭜ
26:185
वह लोग कहने लगे तुम पर तो बस जादू कर दिया गया है (कि ऐसी बातें करते हों)
ﭝﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤﭥﭦ
26:186
और तुम तो हमारे ही ऐसे एक आदमी हो और हम लोग तो तुमको झूठा ही समझते हैं
ﭧﭨﭩﭪﭫﭬﭭﭮﭯﭰ
26:187
तो अगर तुम सच्चे हो तो हम पर आसमान का एक टुकड़ा गिरा दो
ﭱﭲﭳﭴﭵﭶ
26:188
और शुएब ने कहा जो तुम लोग करते हो मेरा परवरदिगार ख़ूब जानता है
ﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂ
26:189
ग़रज़ उन लोगों ने शुएब को झुठलाया तो उन्हें साएबान (अब्र) के अज़ाब ने ले डाला- इसमे शक नहीं कि ये भी एक बड़े (सख्त) दिन का अज़ाब था
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉﮊﮋﮌ
26:190
इसमे भी शक नहीं कि इसमें (समझदारों के लिए) एक बड़ी इबरत है और उनमें के बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
ﮍﮎﮏﮐﮑﮒ
26:191
और बेशक तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है
ﮓﮔﮕﮖﮗ
26:192
और (ऐ रसूल) बेशक ये (क़ुरान) सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) का उतारा हुआ है
ﮘﮙﮚﮛﮜ
26:193
जिसे रुहुल अमीन (जिबरील) साफ़ अरबी ज़बान में लेकर तुम्हारे दिल पर नाज़िल हुए है
ﮝﮞﮟﮠﮡﮢ
26:194
ताकि तुम भी और पैग़म्बरों की तरह
ﮣﮤﮥﮦ
26:195
लोगों को अज़ाबे ख़ुदा से डराओ
ﮧﮨﮩﮪﮫ
26:196
और बेशक इसकी ख़बर अगले पैग़म्बरों की किताबों मे (भी मौजूद) है
ﮬﮭﮮﮯﮰﮱﯓﯔﯕﯖ
26:197
क्या उनके लिए ये कोई (काफ़ी) निशानी नहीं है कि इसको उलेमा बनी इसराइल जानते हैं
ﯗﯘﯙﯚﯛﯜ
26:198
और अगर हम इस क़ुरान को किसी दूसरी ज़बान वाले पर नाज़िल करते
ﯝﯞﯟﯠﯡﯢﯣ
26:199
और वह उन अरबो के सामने उसको पढ़ता तो भी ये लोग उस पर ईमान लाने वाले न थे
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
26:200
इसी तरह हमने (गोया ख़ुद) इस इन्कार को गुनाहगारों के दिलों में राह दी
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱ
26:201
ये लोग जब तक दर्दनाक अज़ाब को न देख लेगें उस पर ईमान न लाएँगे
ﯲﯳﯴﯵﯶﯷ
26:202
कि वह यकायक इस हालत में उन पर आ पडेग़ा कि उन्हें ख़बर भी न होगी
ﯸﯹﯺﯻﯼ
26:203
(मगर जब अज़ाब नाज़िल होगा) तो वह लोग कहेंगे कि क्या हमें (इस वक्त क़ुछ) मोहलत मिल सकती है
ﯽﯾﯿ
26:204
तो क्या ये लोग हमारे अज़ाब की जल्दी कर रहे हैं
ﰀﰁﰂﰃﰄ
26:205
तो क्या तुमने ग़ौर किया कि अगर हम उनको सालो साल चैन करने दे
ﰅﰆﰇﰈﰉﰊ
26:206
उसके बाद जिस (अज़ाब) का उनसे वायदा किया जाता है उनके पास आ पहुँचे
ﭑﭒﭓﭔﭕﭖﭗ
26:207
तो जिन चीज़ों से ये लोग चैन किया करते थे कुछ भी काम न आएँगी
ﭘﭙﭚﭛﭜﭝﭞﭟ
26:208
और हमने किसी बस्ती को बग़ैर उसके हलाक़ नहीं किया कि उसके समझाने को (पहले से) डराने वाले (पैग़म्बर भेज दिए) थे
ﭠﭡﭢﭣﭤ
26:209
और हम ज़ालिम नहीं है
ﭥﭦﭧﭨﭩ
26:210
और इस क़ुरान को शयातीन लेकर नाज़िल नही हुए
ﭪﭫﭬﭭﭮﭯ
26:211
और ये काम न तो उनके लिए मुनासिब था और न वह कर सकते थे
ﭰﭱﭲﭳﭴ
26:212
बल्कि वह तो (वही के) सुनने से महरुम हैं
ﭵﭶﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾ
26:213
(ऐ रसूल) तुम ख़ुदा के साथ किसी दूसरे माबूद की इबादत न करो वरना तुम भी मुबतिलाए अज़ाब किए जाओगे
ﭿﮀﮁﮂ
26:214
और (ऐ रसूल) तुम अपने क़रीबी रिश्तेदारों को (अज़ाबे ख़ुदा से) डराओ
ﮃﮄﮅﮆﮇﮈﮉ
26:215
और जो मोमिनीन तुम्हारे पैरो हो गए हैं उनके सामने अपना बाजू झुकाओ
ﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑ
26:216
(तो वाज़ेए करो) पस अगर लोग तुम्हारी नाफ़रमानी करें तो तुम (साफ साफ) कह दो कि मैं तुम्हारे करतूतों से बरी उज़ ज़िम्मा हूँ
ﮒﮓﮔﮕﮖ
26:217
और तुम उस (ख़ुदा) पर जो सबसे (ग़ालिब और) मेहरबान है
ﮗﮘﮙﮚﮛ
26:218
भरोसा रखो कि जब तुम (नमाजे तहज्जुद में) खड़े होते हो
ﮜﮝﮞﮟ
26:219
और सजदा
ﮠﮡﮢﮣﮤ
26:220
करने वालों (की जमाअत) में तुम्हारा फिरना (उठना बैठना सजदा रुकूउ वगैरह सब) देखता है
ﮥﮦﮧﮨﮩﮪﮫ
26:221
बेशक वह बड़ा सुनने वाला वाक़िफ़कार है क्या मै तुम्हें बता दूँ कि शयातीन किन लोगों पर नाज़िल हुआ करते हैं
ﮬﮭﮮﮯﮰﮱ
26:222
(लो सुनो) ये लोग झूठे बद किरदार पर नाज़िल हुआ करते हैं
ﯓﯔﯕﯖﯗ
26:223
जो (फ़रिश्तों की बातों पर कान लगाए रहते हैं) कि कुछ सुन पाएँ
ﯘﯙﯚﯛ
26:224
हालाँकि उनमें के अक्सर तो (बिल्कुल) झूठे हैं और शायरों की पैरवी तो गुमराह लोग किया करते हैं
ﯜﯝﯞﯟﯠﯡﯢﯣ
26:225
क्या तुम नहीं देखते कि ये लोग जंगल जंगल सरगिरदॉ मारे मारे फिरते हैं
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
26:226
और ये लोग ऐसी बाते कहते हैं जो कभी करते नहीं
ﯪﯫﯬﯭﯮﯯﯰﯱﯲﯳﯴﯵﯶﯷﯸﯹﯺﯻﯼﯽﯾ
26:227
मगर (हाँ) जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए और क़सरत से ख़ुदा का ज़िक्र किया करते हैं और जब उन पर ज़ुल्म किया जा चुका उसके बाद उन्होंनें बदला लिया और जिन लोगों ने ज़ुल्म किया है उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा कि वह किस जगह लौटाए जाएँगें
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 9, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







