अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظَهَرَ الْفَسَادُ: फसाद (बिगाड़) प्रकट हो गया।
- الْبَرِّ وَالْبَحْرِ: ज़मीन (खुश्की) और समुद्र (तटीय इलाक़े, नदियाँ और शहर)।
- بِمَا كَسَبَتْ أَيْدِي النَّاسِ: उन गुनाहों की वजह से जो लोगों ने अपने हाथों से कमाए।
- لِيُذِيقَهُم: ताकि वह (अल्लाह) उन्हें चखाए।
- لَعَلَّهُمْ يَرْجِعُونَ: ताकि वे (गुनाहों से) लौट आएँ (तौबा करें)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की उस सुन्नत (क़ानून) की तरफ़ इशारा करती है जो पूरी कायनात में चल रही है। जब इंसान ज़मीन पर अल्लाह की नाफ़रमानी करता है, गुनाह फैलाता है, ज़ुल्म करता है और अल्लाह के हुक्मों से मुँह मोड़ता है, तो उसके इन्हीं आमाल की वजह से ज़मीन और समुद्र में फ़साद पैदा हो जाता है। यानी खुश्की (सूखा) आ जाता है, बारिश कम हो जाती है, बरकतें उठा ली जाती हैं, बीमारियाँ और वबाएँ (महामारियाँ) फैलती हैं, फ़ितने (हंगामे) पैदा होते हैं और दुश्मनों का दबदबा बढ़ जाता है। यह सब कुछ उन गुनाहों का नतीजा होता है जो लोगों ने अपने हाथों से कमाए हैं।
अल्लाह तआला ने यह सब इसलिए होने दिया ताकि इंसान अपनी ग़लतियों का कुछ नतीजा इसी दुनिया में चख ले, ताकि उसका दिल नरम हो, वह जाग जाए और अपने रब की तरफ़ पलट आए। यह अल्लाह की रहमत है कि वह हर गुनाह की सज़ा तुरंत नहीं देता, बल्कि थोड़ा-बहुत दुनिया में दिखा देता है ताकि इंसान तौबा कर ले और आख़िरत की सख़्त सज़ा से बच जाए। अगर अल्लाह चाहता तो सब कुछ एक ही बार में कर देता, लेकिन वह चाहता है कि बंदा उसकी तरफ़ लौटे, उससे माफ़ी माँगे और अपनी ज़िंदगी को सुधार ले।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। जब भी हम अपने आस-पास किसी मुसीबत, बीमारी, क़हत (सूखे) या फ़साद को देखें, तो हमें चाहिए कि हम अपने आमाल का जायज़ा लें, अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह की तरफ़ रुजू करें। यही रास्ता हमारी भलाई का है। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, वह तौबा करने वालों से बहुत प्यार करता है और उन्हें माफ़ कर देता है। आओ, हम सब अपनी ज़िंदगी को अल्लाह के हुक्मों के मुताबिक बनाएँ, ताकि ज़मीन और समुद्र में बरकतें लौट आएँ और हमारी ज़िंदगी सुकून और खुशहाली से भर जाए।
📜 आयत 39-43 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 41
सूरा अर-रूम आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह उससे पाक व पाकीज़ा और बरतर है ख़़ुद लोगों…सूरा आयत 41/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








