Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَلَقَكُمْ: उसने तुम्हें पैदा किया।
- رَزَقَكُمْ: उसने तुम्हें रोज़ी दी।
- يُمِيتُكُمْ: वह तुम्हें मौत देता है।
- يُحْيِيكُمْ: वह तुम्हें जीवित करेगा (दोबारा उठाएगा)।
- شُرَكَائِكُمْ: तुम्हारे साझीदार (जिन्हें तुम अल्लाह के साथ पूजते हो)।
- سُبْحَانَهُ: वह पाक और पवित्र है।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! याद रखो कि अल्लाह ही वह हस्ती है जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, जब तुम कुछ भी नहीं थे। फिर उसी ने तुम्हें रोज़ी दी — खाना, पानी, हवा, सेहत, और हर वह चीज़ जो तुम्हारी ज़िंदगी के लिए ज़रूरी है। यह सब उसी का एहसान है। फिर जब तुम्हारी मौत का वक़्त आता है, तो वही तुम्हें मौत देता है। और फिर क़यामत के दिन वही तुम्हें दोबारा ज़िंदा करेगा, ताकि तुम्हें उसके सामने हाज़िर होकर अपने अमलों का हिसाब देना पड़े।
अब ज़रा सोचो — तुम जिन्हें अल्लाह का साझीदार बनाते हो, जिन मूर्तियों या हस्तियों की तुम पूजा करते हो, क्या उनमें से कोई भी इन कामों में से कुछ भी कर सकता है? क्या उन्होंने तुम्हें पैदा किया? क्या वे तुम्हें रोज़ी देते हैं? क्या वे मौत या ज़िंदगी पर कोई अख्तियार रखते हैं? हरगिज़ नहीं! जब वे कुछ भी नहीं कर सकते, तो उन्हें अल्लाह का साझीदार क्यों बनाया जाता है?
यह सुनकर मुशरिकीन के पास कोई जवाब नहीं था, क्योंकि वे जानते थे कि यह सब सिर्फ अल्लाह ही करता है। फिर अल्लाह ने फ़रमाया: "अल्लाह पाक है और उन सब चीज़ों से बहुत ऊँचा है जिन्हें लोग उसका साझीदार बनाते हैं।" यानी वह हर उस चीज़ से पवित्र है जो लोग उसके साथ शरीक करते हैं।
दावत और नसीहत:
ऐ इंसान! जिसने तुम्हें पैदा किया, तुम्हें पाला-पोसा, तुम्हें खाना दिया और तुम्हारी हर ज़रूरत पूरी की — क्या वह तुम्हारी इबादत का हक़दार नहीं? जो मूर्तियाँ और झूठे माबूद तुम्हारे किसी काम नहीं आ सकते, उन्हें छोड़कर उस अल्लाह की तरफ़ रुजू करो जो सब कुछ कर सकता है। उसी की इबादत करो, उसी से मदद माँगो, और उसी की राह पर चलो। यही तुम्हारी कामयाबी है। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है — वह चाहता है कि तुम उसकी इबादत करो, ताकि वह तुम्हें जन्नत की नेमतें दे और तुम्हें हमेशा की खुशियों में रखे। उसकी तरफ़ लौट आओ, क्योंकि वही सबसे बड़ा, सबसे ताकतवर और सबसे प्यार करने वाला है।
📜 आयत 38-42 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 40
सूरा अर-रूम आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा वह (क़ादिर तवाना है) जिसने तुमको पैदा किया फिर…सूरा आयत 40/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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