अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يَحِلُّ لَكَ – आपके लिए जायज़ नहीं है।
- مِن بَعْدُ – इसके बाद।
- تَبَدَّلَ بِهِنَّ – उन्हें बदलना (यानी किसी को तलाक़ देकर उसके स्थान पर दूसरी पत्नी लाना)।
- أَزْوَاجٍ – पत्नियाँ।
- أَعْجَبَكَ حُسْنُهُنَّ – उनका सौंदर्य आपको भा जाए।
- مَا مَلَكَتْ يَمِينُكَ – जो लौंडियाँ (दासियाँ) आपकी मिल्कियत में हों।
- رَّقِيبًا – निगरानी रखने वाला, हर चीज़ पर नज़र रखने वाला।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को ख़िताब करते हुए फ़रमाता है कि ऐ नबी! उन पत्नियों के बाद जो इस वक़्त आपकी निकाह में हैं (और जिन्हें अल्लाह ने आपके लिए हलाल किया है), आपके लिए और कोई नई महिला निकाह में लाना जायज़ नहीं है। साथ ही यह भी जायज़ नहीं कि आप अपनी इन पत्नियों में से किसी को तलाक़ देकर उसके बदले दूसरी औरत ले आएँ, चाहे वह औरत कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो। यह आपकी पत्नियों के लिए एक बड़ा सम्मान और इज़्ज़त है कि उन्हें यह मर्तबा दिया गया कि उनके बाद नबी ﷺ के लिए किसी और से शादी हराम कर दी गई।
हाँ, अल्लाह ने आपके लिए उन दासियों को हलाल रखा है जो आपकी मिल्कियत में हों, उनमें कोई पाबंदी नहीं। इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है कि अल्लाह हर चीज़ पर निगरानी रखने वाला है, उसकी नज़र से कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह जानता है कि उसके बंदे क्या करते हैं।
यह हुक्म उम्महातुल मोमिनीन (नबी ﷺ की पत्नियों) की फ़ज़ीलत को बयान करता है कि अल्लाह ने उन्हें इस क़ाबिल समझा कि नबी ﷺ के लिए उनके अलावा किसी और से शादी करना जायज़ न रखा जाए। यह उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में बड़ी इज़्ज़त की बात है।
इस आयत के बाद अल्लाह के रसूल ﷺ के लिए महिलाओं से निकाह की गुंजाइश फिर से बहाल कर दी गई, जैसा कि सही हदीस में आया है कि आप ﷺ का इंतकाल उस वक़्त तक नहीं हुआ जब तक कि आपके लिए महिलाओं (से निकाह) को हलाल नहीं कर दिया गया।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें नबी ﷺ की पत्नियों की अज़ीम शान का पता चलता है, और यह भी पता चलता है कि अल्लाह अपने नबी ﷺ की इज़्ज़त और उनके घराने की पाकीज़गी का कितना ख़याल रखता है। यह हमारे लिए सबक़ है कि हम अपने घर की इज़्ज़त करें, अपनी पत्नियों के साथ हुस्ने सुलूक करें, और अल्लाह की निगरानी का एहसास रखें। अल्लाह हर चीज़ पर निगरानी रखने वाला है — यही हमारे लिए सबसे बड़ी तरबियत है कि हम हर हाल में याद रखें कि अल्लाह हमें देख रहा है। यही ईमान की असली रूह है।
📜 आयत 50-54 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 52
सूरा अल-अहज़ाब आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) अब उन (नौ) के बाद (और) औरतें तुम्हारे…सूरा आयत 52/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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