अल-फज्र · 30/30
अनुवाद उच्चारण — अल-फज्र
وَادْخُلِي جَنَّتِي ۝٣٠
Wadkhulee jannatee
📖 हिंदी अर्थ
और मेरे बेहिश्त में दाख़िल हो जा

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَادْخُلِي: और प्रवेश करो
  • جَنَّتِي: मेरी जन्नत (स्वर्ग)

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस महान सम्मान और इज़्ज़त का वर्णन करती है जो अल्लाह तआला अपने नेक और परहेज़गार बंदों को उनके अच्छे अंजाम के रूप में प्रदान करता है। जब एक मोमिन (ईमानवाला) बंदा अपने रब की इबादत में पूरी तरह से मग्न हो जाता है, उसका दिल अल्लाह के ज़िक्र से इत्मिनान पा लेता है, और वह अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की रज़ा को ही सबसे बड़ा मक़सद बना लेता है, तो अल्लाह तआला उसे इसका बेहतरीन इनाम देता है।

अल्लाह तआला उस नेक बंदे से कहता है: "और मेरी जन्नत में दाख़िल हो जाओ।" यह वह जन्नत है जिसे अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है, जहाँ हर तरह की नेमतें, सुकून, और खुशियाँ हैं। यह सिर्फ़ एक जगह में दाख़िल होने का हुक्म नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की तरफ़ से उस बंदे के लिए प्यार, क़ुबूलियत, और सबसे बड़े सम्मान का इज़हार है।

इस आयत में मोमिन बंदे को तीन बड़ी ख़ुशख़बरियाँ दी गई हैं:

  1. उसे अल्लाह की रज़ा और खुशी हासिल हुई।
  2. उसे अल्लाह के नेक बंदों की जमात में शामिल होने का शरफ़ मिला।
  3. उसे अल्लाह की जन्नत में दाख़िल होने की इजाज़त मिली।

यह आयत हमें सिखाती है कि असली कामयाबी दुनिया की दौलत या ओहदा नहीं है, बल्कि असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा और उसकी जन्नत है। जो बंदा दुनिया में अल्लाह की इबादत करता है, उसके हुक्मों की पैरवी करता है, और गुनाहों से बचता है, उसके लिए अल्लाह ने ऐसी जगह तैयार की है जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता।

प्यारे मुसलमान भाइयों और बहनों! यह आयत हमें उम्मीद और हौसला देती है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है। वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ रुजू करें, उसकी इबादत करें, और उसकी राह पर चलें। अगर हम ऐसा करेंगे, तो अल्लाह हमें भी उसी जन्नत में दाख़िल करेगा, जहाँ हमेशा की खुशियाँ हैं। आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएं, ताकि हम भी उस प्यारे बंदे की तरह हों जिसे अल्लाह ने अपनी जन्नत में बुलाया।



📜 आयत 28-30 — अल-फज्र

28ارْجِعِي إِلَىٰ رَبِّكِ رَاضِيَةً مَّرْضِيَّةً
अपने परवरदिगार की तरफ़ चल तू उससे ख़ुश वह तुझ से राज़ी
29فَادْخُلِي فِي عِبَادِي
तो मेरे (ख़ास) बन्दों में शामिल हो जा
30وَادْخُلِي جَنَّتِي
और मेरे बेहिश्त में दाख़िल हो जा
अल-फज्रकुरान सूची
30आयत
मक्कीRevelation
30आयत

अनुवाद — अल-फज्र 30

सूरा अल-फज्र आयत 30 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मेरे बेहिश्त में दाख़िल हो जा

सूरा आयत 30/30 — अल-फज्र الفجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फज्र सुनें, अल-फज्र अनुवाद, अल-फज्र mp3, अल-फज्र pdf. आयत 28–30. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए