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وَجَعَلۡنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلۡبَاقِينَ  ۝٧٧ وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ  ۝٧٨ سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحٍ فِي ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝٧٩ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ  ۝٨٠ إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝٨١ ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ  ۝٨٢ ۞ وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبۡرَٰهِيمَ  ۝٨٣ إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبٍ سَلِيمٍ  ۝٨٤ إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَاذَا تَعۡبُدُونَ  ۝٨٥ أَئِفۡكًا ءَالِهَةً دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ  ۝٨٦ فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝٨٧ فَنَظَرَ نَظۡرَةً فِي ٱلنُّجُومِ  ۝٨٨ فَقَالَ إِنِّي سَقِيمٌ  ۝٨٩ فَتَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ مُدۡبِرِينَ  ۝٩٠ فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ  ۝٩١ مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ  ۝٩٢ فَرَاغَ عَلَيۡهِمۡ ضَرۡبَۢا بِٱلۡيَمِينِ  ۝٩٣ فَأَقۡبَلُوٓاْ إِلَيۡهِ يَزِفُّونَ  ۝٩٤ قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ  ۝٩٥ وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ  ۝٩٦ قَالُواْ ٱبۡنُواْ لَهُۥ بُنۡيَٰنًا فَأَلۡقُوهُ فِي ٱلۡجَحِيمِ  ۝٩٧ فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدًا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ  ۝٩٨ وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ  ۝٩٩ رَبِّ هَبۡ لِي مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ  ۝١٠٠ فَبَشَّرۡنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمٍ  ۝١٠١ فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعۡيَ قَالَ يَٰبُنَيَّ إِنِّيٓ أَرَىٰ فِي ٱلۡمَنَامِ أَنِّيٓ أَذۡبَحُكَ فَٱنظُرۡ مَاذَا تَرَىٰۚ قَالَ يَٰٓأَبَتِ ٱفۡعَلۡ مَا تُؤۡمَرُۖ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّٰبِرِينَ  ۝١٠٢
37:77
وَجَعَلۡنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلۡبَاقِينَ  ۝٧٧
और हमने (उनमें वह बरकत दी कि) उनकी औलाद को (दुनिया में) बरक़रार रखा
37:78
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ  ۝٧٨
और बाद को आने वाले लोगों में उनका अच्छा चर्चा बाक़ी रखा
37:79
سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحٍ فِي ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝٧٩
कि सारी खुदायी में (हर तरफ से) नूह पर सलाम है
37:80
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ  ۝٨٠
हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं
37:81
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ  ۝٨١
इसमें शक नहीं कि नूह हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों से थे
37:82
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ  ۝٨٢
फिर हमने बाक़ी लोगों को डुबो दिया
37:83
۞ وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبۡرَٰهِيمَ  ۝٨٣
और यक़ीनन उन्हीं के तरीक़ो पर चलने वालों में इबराहीम (भी) ज़रूर थे
37:84
إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبٍ سَلِيمٍ  ۝٨٤
जब वह अपने परवरदिगार (कि इबादत) की तरफ (पहलू में) ऐसा दिल लिए हुए बढ़े जो (हर ऐब से पाक था
37:85
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَاذَا تَعۡبُدُونَ  ۝٨٥
जब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग किस चीज़ की परसतिश करते हो
37:86
أَئِفۡكًا ءَالِهَةً دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ  ۝٨٦
क्या खुदा को छोड़कर दिल से गढ़े हुए माबूदों की तमन्ना रखते हो
37:87
فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ  ۝٨٧
फिर सारी खुदाई के पालने वाले के साथ तुम्हारा क्या ख्याल है
37:88
فَنَظَرَ نَظۡرَةً فِي ٱلنُّجُومِ  ۝٨٨
फिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा) तो इबराहीम ने सितारों की तरफ़ एक नज़र देखा
37:89
فَقَالَ إِنِّي سَقِيمٌ  ۝٨٩
और कहा कि मैं (अनक़रीब) बीमार पड़ने वाला हूँ
37:90
فَتَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ مُدۡبِرِينَ  ۝٩٠
तो वह लोग इबराहीम के पास से पीठ फेर फेर कर हट गए
37:91
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ  ۝٩١
(बस) फिर तो इबराहीम चुपके से उनके बुतों की तरफ मुतावज्जे हुए और (तान से) कहा तुम्हारे सामने इतने चढ़ाव रखते हैं
37:92
مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ  ۝٩٢
आख़िर तुम खाते क्यों नहीं (अरे तुम्हें क्या हो गया है)
37:93
فَرَاغَ عَلَيۡهِمۡ ضَرۡبَۢا بِٱلۡيَمِينِ  ۝٩٣
कि तुम बोलते तक नहीं
37:94
فَأَقۡبَلُوٓاْ إِلَيۡهِ يَزِفُّونَ  ۝٩٤
फिर तो इबराहीम दाहिने हाथ से मारते हुए उन पर पिल पड़े (और तोड़-फोड़ कर एक बड़े बुत के गले में कुल्हाड़ी डाल दी)
37:95
قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ  ۝٩٥
जब उन लोगों को ख़बर हुई तो इबराहीम के पास दौड़ते हुए पहुँचे
37:96
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ  ۝٩٦
इबराहीम ने कहा (अफ़सोस) तुम लोग उसकी परसतिश करते हो जिसे तुम लोग खुद तराश कर बनाते हो
37:97
قَالُواْ ٱبۡنُواْ لَهُۥ بُنۡيَٰنًا فَأَلۡقُوهُ فِي ٱلۡجَحِيمِ  ۝٩٧
हालाँकि तुमको और जिसको तुम लोग बनाते हो (सबको) खुदा ही ने पैदा किया है (ये सुनकर) वह लोग (आपस में कहने लगे) इसके लिए (भट्टी की सी) एक इमारत बनाओ
37:98
فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدًا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ  ۝٩٨
और (उसमें आग सुलगा कर उसी दहकती हुई आग में इसको डाल दो) फिर उन लोगों ने इबराहीम के साथ मक्कारी करनी चाही
37:99
وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ  ۝٩٩
तो हमने (आग सर्द गुलज़ार करके) उन्हें नीचा दिखाया और जब (आज़र ने) इबराहीम को निकाल दिया तो बोले मैं अपने परवरदिगार की तरफ जाता हूँ
37:100
رَبِّ هَبۡ لِي مِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ  ۝١٠٠
वह अनक़रीब ही मुझे रूबरा कर देगा (फिर ग़रज की) परवरदिगार मुझे एक नेको कार (फरज़न्द) इनायत फरमा
37:101
فَبَشَّرۡنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمٍ  ۝١٠١
तो हमने उनको एक बड़े नरम दिले लड़के (के पैदा होने की) खुशख़बरी दी
37:102
فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعۡيَ قَالَ يَٰبُنَيَّ إِنِّيٓ أَرَىٰ فِي ٱلۡمَنَامِ أَنِّيٓ أَذۡبَحُكَ فَٱنظُرۡ مَاذَا تَرَىٰۚ قَالَ يَٰٓأَبَتِ ٱفۡعَلۡ مَا تُؤۡمَرُۖ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّٰبِرِينَ  ۝١٠٢
फिर जब इस्माईल अपने बाप के साथ दौड़ धूप करने लगा तो (एक दफा) इबराहीम ने कहा बेटा खूब मैं (वही के ज़रिये क्या) देखता हूँ कि मैं तो खुद तुम्हें ज़िबाह कर रहा हूँ तो तुम भी ग़ौर करो तुम्हारी इसमें क्या राय है इसमाईल ने कहा अब्बा जान जो आपको हुक्म हुआ है उसको (बे तअम्मुल) कीजिए अगर खुदा ने चाहा तो मुझे आप सब्र करने वालों में से पाएगे


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M Mishary Rashid Alafasy
M Mahmoud Khalil Al-Husary
A Abdurrahman As-Sudais
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi
A Abdul Basit Abdul Samad
A Ali Al-Hudhaify
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy
A Abu Bakr Ash-Shaatree
M Muhammad Ayyoub
A Abdullah Basfar
A Abdullah Al-Juhani
M Maher Al Muaiqly
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पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 17, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए