अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَرَاغَ (फ़राग़ा): चुपके से गया, छिपकर गया, या तेज़ी से गया।
- آلِهَتِهِمْ (आलिहतिहिम): उनके पूज्य देवता (जिन्हें वे पूजते थे)।
- أَلَا تَأْكُلُونَ (अला ताकुलून): क्या तुम खाते नहीं हो?
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने जब अपनी क़ौम को बुतों की पूजा से रोका और उन्हें समझाया कि ये मूर्तियाँ न तो सुन सकती हैं, न देख सकती हैं और न ही कोई लाभ या हानि पहुँचा सकती हैं, तो उनकी क़ौम ने उनकी बात नहीं मानी। वे अपने त्योहार के दिन एकत्र हुए और अपने देवताओं के सामने खाना रखकर चले गए, ताकि बुत उस खाने से बरकत हासिल करें।
उस मौके पर हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) चुपके से उनके मंदिर में गए, जहाँ सारी मूर्तियाँ रखी हुई थीं और उनके सामने खाना सजा हुआ था। उन्होंने उन मूर्तियों से मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा: "क्या तुम खाते नहीं हो?" — यानी यह खाना जो तुम्हारे भक्त तुम्हारे सामने रख गए हैं, क्या तुम इसे नहीं खाते? यह कहकर उन्होंने उनकी बेबसी और लाचारी को उजागर करना चाहा। जब मूर्तियों ने कोई जवाब नहीं दिया, तो उन्होंने आगे कहा: "तुम्हें क्या हो गया है कि बोलते भी नहीं हो?" (जैसा कि अगली आयत में आता है)।
यह दृश्य बड़ा ही रोचक और सीख देने वाला है। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम के सामने यह साबित कर दिया कि ये मूर्तियाँ न तो खा सकती हैं, न बोल सकती हैं, न सुन सकती हैं — फिर ये पूजा के लायक कैसे हैं? अल्लाह तआला ही वह है जो सब कुछ सुनता है, देखता है, खिलाता-पिलाता है और सब कुछ कर सकता है।
हमारे लिए सीख: यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि सच्चा दीन (धर्म) वही है जो अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने दिया है। हमें अपने जीवन में केवल अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और किसी को उसका साझी नहीं बनाना चाहिए। जो चीज़ें हमें न तो फायदा पहुँचा सकती हैं और न नुक़सान, उनसे मदद माँगना या उनकी पूजा करना बिल्कुल बेकार है। अल्लाह ही है जो हमारी सुनता है, हमारी मदद करता है और हमें रिज़्क़ देता है। हमें चाहिए कि हम अपनी हर ज़रूरत के लिए सिर्फ़ अल्लाह ही से दुआ करें और उसी पर भरोसा रखें।
📜 आयत 89-93 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 91
सूरा अस-साफ्फात आयत 91 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (बस) फिर तो इबराहीम चुपके से उनके बुतों की तरफ…सूरा आयत 91/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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