अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَلَامٌ (सलाम): अमन, सुरक्षा और किसी भी बुराई से पवित्रता।
- نُوحٍ (नूह): अल्लाह के महान नबी, हज़रत नूह अलैहिस्सलाम।
- فِي الْعَالَمِينَ (फ़िल आलमीन): सारे जहानों में, सभी युगों और सृष्टियों में।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत नूह अलैहिस्सलाम के लिए अल्लाह की ओर से एक शाश्वत सम्मान और सुरक्षा की घोषणा है। अल्लाह तआला ने अपने इस महान नबी को ऐसा मर्तबा अता किया कि उनका ज़िक्र हमेशा के लिए ख़ैर और सलामती के साथ जुड़ गया। यह सलाम सिर्फ़ उनके जीवनकाल तक सीमित नहीं था, बल्कि क़यामत तक के लिए उन्हें अमन और पवित्रता का प्रतीक बना दिया गया।
इस आयत का मतलब यह है कि अल्लाह ने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम को यह गारंटी दी कि आने वाली सभी पीढ़ियाँ उन्हें बुराई और बदनामी से याद नहीं करेंगी, बल्कि उनके नाम के साथ हमेशा सलाम और दुआएँ जुड़ी रहेंगी। उनकी कुर्बानियों, सब्र और अल्लाह के प्रति समर्पण को हमेशा प्रशंसा की दृष्टि से देखा जाएगा। यह उनके लिए एक ऐसा सम्मान है जो किसी भी दुनियावी इज़्ज़त से बढ़कर है।
यहाँ अल्लाह तआला हमें सिखाते हैं कि सच्ची इज़्ज़त और बुलंदी उसी को मिलती है जो अल्लाह की राह में सब्र करता है और उसकी रज़ा पर क़ायम रहता है। हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने 950 साल तक अपनी क़ौम को दावत दी, तकलीफ़ें सहीं, लेकिन अल्लाह पर भरोसा नहीं छोड़ा। नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उनका नाम ऐसा रोशन किया कि आज तक हर मुसलमान उन्हें सलाम के साथ याद करता है।
यह आयत हमारे लिए भी एक प्यारा पैग़ाम रखती है — अगर हम अल्लाह की राह में सब्र और ईमानदारी से काम करें, तो अल्लाह हमारे लिए भी दुनिया और आख़िरत में अच्छाई और सलामती के दरवाज़े खोल सकता है। हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की यह फ़ज़ीलत हमें बताती है कि अल्लाह अपने नेक बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, बल्कि उन्हें ऐसा मुक़ाम देता है जो हमेशा के लिए यादगार बन जाता है।
📜 आयत 77-81 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 79
सूरा अस-साफ्फात आयत 79 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि सारी खुदायी में (हर तरफ से) नूह पर सलाम…सूरा आयत 79/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 77–81. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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