अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِنَّهُ — निस्संदेह वह (नूह अलैहिस्सलाम)
- مِنْ عِبَادِنَا — हमारे (अल्लाह के) बंदों में से
- الْمُؤْمِنِينَ — सच्चे ईमानवाले, अल्लाह पर पूर्ण विश्वास रखने वाले और उसकी आज्ञाओं का पालन करने वाले
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी नूह अलैहिस्सलाम की प्रशंसा करते हुए फ़रमा रहे हैं कि नूह हमारे उन ख़ास बंदों में से थे जो सच्चे ईमानवाले थे। यह ईमान केवल ज़ुबानी दावा नहीं था, बल्कि उनका पूरा जीवन इसी ईमान की गवाही देता था। वे अल्लाह के आदेशों पर पूर्ण रूप से अमल करने वाले, उसकी इबादत में मशगूल रहने वाले और उसकी राह में हर क़ुर्बानी देने वाले थे।
नूह अलैहिस्सलाम ने नौ सौ पचास साल तक अपनी क़ौम को अल्लाह की ओर बुलाया, लेकिन उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाया। इसके बावजूद उन्होंने अल्लाह पर भरोसा नहीं छोड़ा और अल्लाह ने उन्हें तूफ़ान से बचाकर उनकी नेकी का बदला दिया। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के यहाँ असली मान्यता ईमान और अच्छे आचरण की है। जो लोग अल्लाह पर सच्चा ईमान रखते हैं और उसके आदेशों पर चलते हैं, अल्लाह उन्हें प्यार करता है, उनकी मदद करता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी देता है।
यह आयत हमारे लिए एक प्रेरणा है कि हम भी अपने जीवन को नूह अलैहिस्सलाम की तरह ईमान और अच्छे कर्मों से सजाएँ। अल्लाह उन बंदों से प्रेम करता है जो उस पर भरोसा करते हैं और उसकी इबादत में अपना जीवन बिताते हैं। आज हमें भी इसी ईमान की ज़रूरत है — एक ऐसा ईमान जो हमें अल्लाह से जोड़े, हमारे दिलों को साफ़ करे और हमें अच्छे कामों की ओर ले जाए। जब हम सच्चे दिल से अल्लाह की ओर मुड़ेंगे, तो अल्लाह भी हमें अपनी रहमत और मदद से नवाज़ेगा, जैसे उसने अपने नेक नबी नूह को नवाज़ा।
📜 आयत 79-83 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 81
सूरा अस-साफ्फात आयत 81 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि नूह हमारे (ख़ास) ईमानदार बन्दों से…सूरा आयत 81/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 79–83. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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