अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شِيعَتِهِ – उसके अनुयायी, उसके पथ के अनुसरणकर्ता, उसकी मिल्लत और पैरवी करने वाले।
- لَإِبْرَاهِيمَ – निश्चय ही इब्राहीम (अलैहिस्सलाम)।
तफसीर:
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि नूह (अलैहिस्सलाम) के अनुयायियों और उनके मार्ग पर चलने वालों में से ही इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) भी थे। यानी जिस तरह नूह (अलैहिस्सलाम) ने तौहीद (एकेश्वरवाद) की दावत दी और अपनी क़ौम को अल्लाह की इबादत की ओर बुलाया, उसी तरह इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) भी उसी मूल दीन और उसी सिद्धांत पर थे। भले ही उनके बीच लंबा समय गुज़रा हो और शरीयत के कुछ अहकाम अलग हों, लेकिन दीन का मूल — अल्लाह की वहदानिय्यत और उसकी इबादत — एक ही था।
यह बात बड़ी अहमियत रखती है कि अल्लाह तआला ने इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को नूह (अलैहिस्सलाम) के अनुयायियों में शुमार किया। इससे हमें यह सबक मिलता है कि असली निस्बत ख़ून और रिश्तों की नहीं, बल्कि ईमान और अमल की है। जो भी अल्लाह के दीन पर चले, वही सच्चा अनुयायी है, चाहे वह किसी भी ज़माने में क्यों न हो।
इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) वह महान पैग़म्बर हैं जो अपने रब के पास साफ़ और पाक दिल लेकर आए — हर बातिल अक़ीदे और हर बुरे अख़लाक़ से पाक। उन्होंने अपने बाप और अपनी क़ौम से कहा: "तुम किस चीज़ की इबादत करते हो? क्या तुम अल्लाह को छोड़कर ऐसे माबूदों की पूजा करते हो जिन्हें तुमने ख़ुद बना रखा है? क्या तुम्हें उस रब्बुल-आलमीन के बारे में कुछ ख़याल नहीं?" यानी उन्होंने शिर्क को जड़ से ख़ारिज किया और तौहीद को अपनी ज़िंदगी का निशान बनाया।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह के दीन की रस्सी सभी पैग़म्बरों के ज़रिए एक ही रही है — और वह है अल्लाह की इबादत और उसके साथ किसी को शरीक न करना। आज हमें भी उसी राह पर चलना है जिस पर नूह और इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) चले। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत, मग़फिरत और जन्नत तक पहुँचाता है। हमें चाहिए कि अपने दिल को शिर्क और बुरे अख़लाक़ से पाक करें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के लिए समर्पित कर दें — ताकि हम भी उन पाक हस्तियों के अनुयायियों में शामिल हो सकें।
📜 आयत 81-85 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 83
सूरा अस-साफ्फात आयत 83 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और यक़ीनन उन्हीं के तरीक़ो पर चलने वालों में इबराहीम…सूरा आयत 83/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 81–85. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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