अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَتَرَكْنَا: हमने छोड़ा / बनाए रखा
- عَلَيْهِ: उस (नूह अलैहिस्सलाम) पर
- فِي الْآخِرِينَ: पिछली और आने वाली उम्मतों में / बाद की पीढ़ियों में
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी हज़रत नूह अलैहिस्सलाम का ज़िक्र कर रहे हैं। जब नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को सैकड़ों साल तक तौहीद (एकेश्वरवाद) की दावत दी, और उन्होंने अल्लाह के दीन के लिए अत्यधिक कष्ट सहे, तो अल्लाह तआला ने उन्हें वह सम्मान दिया जो हर ज़माने में याद रखा जाएगा।
अल्लाह फ़रमाता है कि हमने नूह अलैहिस्सलाम के लिए बाद की उम्मतों में एक अच्छी यादगार और पाकीज़ा नाम छोड़ा। यानी जितने भी लोग उनके बाद आए, वे उन्हें अच्छाई और सम्मान के साथ याद करते हैं। यह सिर्फ़ एक तारीख़ी ज़िक्र नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की ओर से उनके नबी के लिए एक ख़ास इनाम है — कि उनका नाम हमेशा के लिए अच्छाई और बरकत के साथ ज़िंदा रहे।
यहाँ अल्लाह तआला हमें एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी दे रहे हैं कि जो लोग अल्लाह के दीन के लिए काम करते हैं, उनका नाम अल्लाह ख़ुद अपनी किताब में और लोगों की ज़ुबान पर अच्छाई के साथ ज़िंदा रखता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी कामयाबी है कि इंसान अपनी ज़िंदगी में अल्लाह को राज़ी कर ले और उसका नाम अच्छाई के साथ याद किया जाए।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि अच्छे काम और नेकी की यादगार कभी ख़त्म नहीं होती। चाहे इंसान दुनिया से चला जाए, लेकिन उसकी नेकियाँ और उसका अच्छा किरदार लोगों के दिलों में हमेशा ज़िंदा रहता है। यही वह चीज़ है जो इंसान को आख़िरत में भी नजात दिलाएगी और दुनिया में भी उसे अज़ीज़ बनाए रखेगी।
आइए हम भी अपनी ज़िंदगी में ऐसे काम करें जो अल्लाह को पसंद हों, ताकि हमारा नाम भी अच्छाई के साथ याद किया जाए और हम उन लोगों में शामिल हों जिन पर अल्लाह की रहमत और मेहरबानी होती है।
📜 आयत 76-80 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 78
सूरा अस-साफ्फात आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बाद को आने वाले लोगों में उनका अच्छा चर्चा…सूरा आयत 78/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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