अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَغْرَقْنَا: हमने डुबो दिया (पानी में ग़र्क कर दिया)
- الْآخَرِينَ: दूसरों को, यानी वे लोग जो नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम में से ईमान नहीं लाए थे
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला ने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम की क़ौम के उन लोगों का हाल बयान किया है जिन्होंने ईमान लाने से इनकार किया और अपनी सरकशी और ज़ुल्म पर अड़े रहे। जब अल्लाह का अज़ाब आया, तो उसने उन सबको पानी के तूफ़ान (तूफ़ान-ए-नूह) में डुबो दिया। यानी जो लोग ईमान लाए थे, उन्हें अल्लाह ने कश्ती में सवार करके बचा लिया, और बाक़ी सब काफ़िरों को पानी में ग़र्क कर दिया। उनमें से कोई भी बच नहीं पाया—न कोई बूढ़ा, न जवान, न अमीर, न ग़रीब। यहाँ तक कि हज़रत नूह अलैहिस्सलाम का बेटा भी, जो ईमान नहीं लाया था, उन्हीं डूबने वालों में शामिल था।
यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि जब वह किसी क़ौम पर अज़ाब नाज़िल करता है, तो उसमें कोई ढील नहीं होती। नूह अलैहिस्सलाम ने सैकड़ों साल तक अपनी क़ौम को ईमान की दावत दी, लेकिन उन्होंने सुधार नहीं किया। आख़िरकार अल्लाह का फ़ैसला आया और उन सबको हलाक कर दिया गया।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि अल्लाह की नाफ़रमानी और उसके रसूलों की मुख़ालफ़त का अंजाम हमेशा बर्बादी है। अल्लाह की रहमत उनके लिए है जो ईमान लाएँ और नेक अमल करें, और उसका अज़ाब उनके लिए है जो हक़ को ठुकरा दें। यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह अपने नेक बंदों की हिफ़ाज़त करता है और ज़ालिमों को कभी बख़्शिश नहीं देता। इसलिए हमें चाहिए कि हम हमेशा अल्लाह की इताअत करें, उसके रसूल की पैरवी करें और अपनी ज़िंदगी को उसके हुक्मों के मुताबिक़ ढालें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिन्हें अल्लाह ने बचा लिया और उनकी मदद की।
📜 आयत 80-84 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 82
सूरा अस-साफ्फात आयत 82 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने बाक़ी लोगों को डुबो दियासूरा आयत 82/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 80–84. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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