अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَنَظَرَ: फिर उसने देखा
- نَظْرَةً: एक नज़र
- فِي النُّجُومِ: सितारों की ओर
विस्तृत तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की क़ौम के लोग सितारों के ज्ञान (नजूम) में माहिर थे, और वे अपने त्योहारों और समारोहों के लिए निकलते थे। उन्होंने हज़रत इब्राहीम से कहा कि हमारे साथ चलो। आप अलैहिस्सलाम ने उनके साथ जाना उचित नहीं समझा, क्योंकि वे जानते थे कि उनके साथ जाने का मतलब उनके शिर्क और बुत-परस्ती के जलूस में शामिल होना होगा।
तो आपने सितारों की ओर एक गहरी नज़र डाली, जैसे कोई व्यक्ति सितारों से कुछ जानने या समझने की कोशिश कर रहा हो। यह नज़र दरअसल एक चतुराई भरी चाल थी, ताकि वे उन्हें अपने साथ न ले जा सकें। इसके बाद आपने फ़रमाया: "मैं बीमार हूँ" — यानी आपने बीमारी का बहाना बनाया। यह कोई झूठ नहीं था, बल्कि एक तौरिया (अप्रत्यक्ष इशारा) था, क्योंकि आप उस वक़्त दिल की बीमारी (यानी उनके शिर्क और बुत-परस्ती से घृणा) में मुब्तला थे, या यह कह सकते हैं कि आप उनके दीन और उनके त्योहारों से बीमार थे।
यह नज़र आपके गहरे ईमान और दावे की समझदारी को दिखाती है — आपने सीधे टकराव के बजाय हिकमत और चतुराई से अपने आप को उनके शिर्क भरे माहौल से अलग कर लिया, ताकि आप उनके जाने के बाद उनके बुतों को तोड़ सकें और उन्हें सच्चा संदेश दे सकें।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें सीख मिलती है कि दीन की राह में हिकमत और समझदारी से काम लेना चाहिए। हर मुसलमान को चाहिए कि वह अपने अक़ीदे पर क़ायम रहे, लेकिन जहाँ ज़रूरत हो, वहाँ नरमी और चतुराई से बात करे, ताकि दूसरों को ठेस न पहुँचे और सच्चाई का पैग़ाम साफ़ तरीके से पहुँच सके। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम का यह क़दम हमें सिखाता है कि बुराई से बचने के लिए हर जायज़ हथियार इस्तेमाल किया जा सकता है, और यही अल्लाह के नबियों का तरीका रहा है।
📜 आयत 86-90 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 88
सूरा अस-साफ्फात आयत 88 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा)…सूरा आयत 88/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 86–90. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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