अस-साफ्फात · 88/182
अनुवाद उच्चारण — अस-साफ्फात
فَنَظَرَ نَظْرَةً فِي النُّجُومِ ۝٨٨
Fanazara nazratan finnujoom
📖 हिंदी अर्थ
फिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा) तो इबराहीम ने सितारों की तरफ़ एक नज़र देखा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَنَظَرَ: फिर उसने देखा
  • نَظْرَةً: एक नज़र
  • فِي النُّجُومِ: सितारों की ओर

विस्तृत तफ़सीर:

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की क़ौम के लोग सितारों के ज्ञान (नजूम) में माहिर थे, और वे अपने त्योहारों और समारोहों के लिए निकलते थे। उन्होंने हज़रत इब्राहीम से कहा कि हमारे साथ चलो। आप अलैहिस्सलाम ने उनके साथ जाना उचित नहीं समझा, क्योंकि वे जानते थे कि उनके साथ जाने का मतलब उनके शिर्क और बुत-परस्ती के जलूस में शामिल होना होगा।

तो आपने सितारों की ओर एक गहरी नज़र डाली, जैसे कोई व्यक्ति सितारों से कुछ जानने या समझने की कोशिश कर रहा हो। यह नज़र दरअसल एक चतुराई भरी चाल थी, ताकि वे उन्हें अपने साथ न ले जा सकें। इसके बाद आपने फ़रमाया: "मैं बीमार हूँ" — यानी आपने बीमारी का बहाना बनाया। यह कोई झूठ नहीं था, बल्कि एक तौरिया (अप्रत्यक्ष इशारा) था, क्योंकि आप उस वक़्त दिल की बीमारी (यानी उनके शिर्क और बुत-परस्ती से घृणा) में मुब्तला थे, या यह कह सकते हैं कि आप उनके दीन और उनके त्योहारों से बीमार थे।

यह नज़र आपके गहरे ईमान और दावे की समझदारी को दिखाती है — आपने सीधे टकराव के बजाय हिकमत और चतुराई से अपने आप को उनके शिर्क भरे माहौल से अलग कर लिया, ताकि आप उनके जाने के बाद उनके बुतों को तोड़ सकें और उन्हें सच्चा संदेश दे सकें।

दावती पहलू:

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि दीन की राह में हिकमत और समझदारी से काम लेना चाहिए। हर मुसलमान को चाहिए कि वह अपने अक़ीदे पर क़ायम रहे, लेकिन जहाँ ज़रूरत हो, वहाँ नरमी और चतुराई से बात करे, ताकि दूसरों को ठेस न पहुँचे और सच्चाई का पैग़ाम साफ़ तरीके से पहुँच सके। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम का यह क़दम हमें सिखाता है कि बुराई से बचने के लिए हर जायज़ हथियार इस्तेमाल किया जा सकता है, और यही अल्लाह के नबियों का तरीका रहा है।



📜 आयत 86-90 — अस-साफ्फात

86أَئِفْكًا آلِهَةً دُونَ اللَّهِ تُرِيدُونَ
क्या खुदा को छोड़कर दिल से गढ़े हुए माबूदों की तमन्ना रखते हो
87فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ الْعَالَمِينَ
फिर सारी खुदाई के पालने वाले के साथ तुम्हारा क्या ख्याल है
88فَنَظَرَ نَظْرَةً فِي النُّجُومِ
फिर (एक ईद में उन लोगों ने चलने को कहा) तो इबराहीम ने सितारों की तरफ़ एक नज़र देखा
89فَقَالَ إِنِّي سَقِيمٌ
और कहा कि मैं (अनक़रीब) बीमार पड़ने वाला हूँ
90فَتَوَلَّوْا عَنْهُ مُدْبِرِينَ
तो वह लोग इबराहीम के पास से पीठ फेर फेर कर हट गए
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अनुवाद — अस-साफ्फात 88

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Tuesday, August 18, 2026

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