अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- कैदन (كيدًا): चालाकी, धोखा, बुरी योजना।
- अस्फ़लीन (الأسفلين): सबसे नीचे वाले, अपमानित, पराजित।
तफ़सीर:
हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की क़ौम ने जब देखा कि वे उन्हें मानने से इनकार कर रहे हैं और उनके देवताओं को बुरा भला कह रहे हैं, तो उन्होंने एक भयानक साज़िश रची। उन्होंने इब्राहीम अलैहिस्सलाम को आग में डालने का फ़ैसला किया, ताकि उन्हें जला कर ख़त्म कर दें और इस तरह अपने धर्म और अपने देवताओं की इज़्ज़त बचा लें। उन्होंने एक विशाल आग तैयार की और हज़रत इब्राहीम को उसमें फेंक दिया।
लेकिन अल्लाह तआला ने अपने नबी की मदद की और उनकी साज़िश को नाकाम कर दिया। अल्लाह ने आग को हुक्म दिया कि वह इब्राहीम के लिए ठंडी और सलामती वाली हो जाए। इस तरह जो लोग इब्राहीम अलैहिस्सलाम को नीचा दिखाना चाहते थे, अल्लाह ने उन्हें ख़ुद नीचा कर दिया। वे अपनी चालाकी में नाकाम रहे और उनका मकसद पूरा न हुआ। बल्कि अल्लाह ने उन्हें रुसवा किया और उनकी साज़िश को उन्हीं पर उलट दिया।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि अल्लाह पर भरोसा रखने वालों को कोई ताक़त नुक़सान नहीं पहुँचा सकती। चाहे दुनिया की तमाम ताक़तें इकट्ठा हो जाएँ, लेकिन अल्लाह की मर्ज़ी के बग़ैर कुछ नहीं हो सकता। जो लोग अल्लाह के नबियों और उनके दीन के ख़िलाफ़ साज़िशें करते हैं, वे हमेशा नाकाम होते हैं और आख़िरत में उनका अंजाम और भी बुरा होगा।
यह भी सबक है कि मुसीबत के वक़्त में अल्लाह से दुआ करें और उसी पर भरोसा रखें। जिस तरह अल्लाह ने हज़रत इब्राहीम को आग से बचाया, उसी तरह वह अपने मोमिन बंदों को हर मुसीबत से निकालने की ताक़त रखता है। अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है और उसकी मदद मोमिनों के साथ है।
📜 आयत 96-100 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 98
सूरा अस-साफ्फात आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उसमें आग सुलगा कर उसी दहकती हुई आग में…सूरा आयत 98/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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