अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا تُلْهِيهِمْ – उन्हें व्यस्त नहीं करती, उन्हें भुला नहीं देती।
- تِجَارَةٌ – व्यापार, जो लोगों के लाभ-हानि के लेन-देन से जुड़ा हो।
- بَيْعٌ – खरीद-बिक्री का कार्य।
- ذِكْرِ اللهِ – अल्लाह की याद, जिसमें नमाज़ भी शामिल है।
- إِقَامِ الصَّلَاةِ – नमाज़ को उसके निर्धारित समय पर पूरी शर्तों और अदब के साथ पढ़ना।
- إِيتَاءِ الزَّكَاةِ – ज़कात को उसके हकदारों तक पहुँचाना।
- يَتَقَلَّبُ فِيهِ الْقُلُوبُ وَالْأَبْصَارُ – जिस दिन दिल और आँखें (डर और हैरानी से) करवटें खाएँगी, इधर-उधर भटकेंगी।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन पाक और नेक लोगों की तारीफ़ कर रही है जिन्हें अल्लाह ने अपने घरों (मस्जिदों) की रौनक बनाया है। ये वे लोग हैं जिनके दिल दुनिया की चकाचौंध से अंधे नहीं होते। उनका व्यापार, उनकी खरीद-बिक्री, उनकी दुनियावी मसरूफ़ियत — ये सब चीज़ें उन्हें अल्लाह की याद से, नमाज़ को उसके समय पर पढ़ने से, और ज़कात अदा करने से कभी ग़ाफ़िल नहीं करतीं। वे जानते हैं कि दुनिया का माल और मुनाफ़ा फ़ानी है, लेकिन अल्लाह की याद और उसकी इबादत ही असली कामयाबी है।
ये लोग उस दिन से डरते हैं जिस दिन हर इंसान का दिल धड़केगा, दिल ही नहीं बल्कि दिलों की धड़कनें बढ़ जाएँगी, दिल उम्मीद और ख़ौफ़ के बीच झूलते रहेंगे — कभी नजात की उम्मीद से कांपेंगे, कभी अज़ाब के डर से सहम जाएँगे। आँखें भी उस दिन हैरान होंगी, हर तरफ़ देखेंगी कि किधर जाना है, कौन सा रास्ता अपनाना है, दाएँ या बाएँ? यह दिन इतना भयानक होगा कि हर इंसान सिर्फ़ अपनी फ़िक्र में डूबा होगा।
इस आयत से हमें सबक़ मिलता है कि दुनिया की कमाई और कारोबार ज़रूरी है, लेकिन उसे दीन पर हावी नहीं होने देना चाहिए। एक सच्चा मुसलमान वही है जो दुकान में बैठे-बैठे भी अल्लाह को याद करता है, अज़ान सुनते ही दुनिया का काम छोड़कर अल्लाह की ओर दौड़ता है, और अपने माल में से अल्लाह का हक़ (ज़कात) निकालता है। ऐसे लोगों के लिए ही अल्लाह ने जन्नत की ख़ुशख़बरी दी है।
याद रखिए! यह आयत सिर्फ़ मर्दों के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए नसीहत है जो दुनिया और आख़िरत के बीच संतुलन बनाना चाहता है। अल्लाह हमें उन नेक बंदों में शामिल करे जो उसकी याद से कभी ग़ाफ़िल नहीं होते। आमीन।
📜 आयत 35-39 — अन-नूर
अनुवाद — अन-नूर 37
सूरा अन-नूर आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐसे लोग जिनको ख़ुदा के ज़िक्र और नमाज़ पढ़ने और…सूरा आयत 37/64 — अन-नूर النور (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नूर सुनें, अन-नूर अनुवाद, अन-नूर mp3, अन-नूर pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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