ग़ाफिर · 1/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
حم ۝١
Haa-Meeem
📖 हिंदी अर्थ
हा मीम

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

इस आयत में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे अलग से समझाने की आवश्यकता हो, क्योंकि 'حم' (हा-मीम) हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षर) में से है, जिनके अर्थ का रहस्य केवल अल्लाह ही बेहतर जानता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

'حم' उन हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत में से है जो कुरआन की कई सूरतों की शुरुआत में आते हैं। ये अक्षर उस महान किताब की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए हैं जो अल्लाह ने अपने पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर उतारी। इन अक्षरों का ज़िक्र करके अल्लाह तआला बताना चाहते हैं कि यह कुरआन उन्हीं अरबी अक्षरों से बना है जिन्हें तुम बोलते और समझते हो, फिर भी इसकी तरह एक सूरत भी पेश करने में तुम असमर्थ हो। यह इस बात का सबूत है कि यह किताब किसी इंसान की रचना नहीं, बल्कि अल्लाह का कलाम है।

ये हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत कुरआन के अजीबोग़रीब रहस्यों में से हैं। सहाबा और ताबेईन इनके बारे में कहते थे कि हम इन अक्षरों पर ईमान रखते हैं और इनके अर्थ को अल्लाह पर छोड़ देते हैं। इनका ज़िक्र कुरआन में इसलिए किया गया ताकि लोगों का ध्यान कुरआन की ओर जाए और वे इसकी तिलावत और समझ में लगें। यह भी बताया गया है कि इन हुरूफ़ से अल्लाह ने कुरआन की अज़मत और उसके मु'जिज़ा होने की तरफ इशारा किया है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! जब अल्लाह तआला अपनी किताब की शुरुआत इन रहस्यमय अक्षरों से करता है, तो यह हमारे लिए एक संकेत है कि हम कुरआन को सिर्फ़ पढ़ने की चीज़ न समझें, बल्कि उस पर ग़ौर-ओ-फ़िक्र करें। यह वही किताब है जिसे पढ़ने पर हर हर्फ़ का सवाब मिलता है और जिस पर अमल करने से दुनिया और आख़िरत दोनों संवर जाती हैं। अल्लाह ने इस किताब को हिदायत के लिए उतारा है, ताकि हम अंधेरों से निकलकर रोशनी की तरफ आएं। आओ, हम कुरआन को अपनी ज़िंदगी में उतारें, इसे पढ़ें, समझें और इस पर अमल करें — यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है।



📜 आयत 1-3 — ग़ाफिर

1حم
हा मीम
2تَنزِيلُ الْكِتَابِ مِنَ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْعَلِيمِ
(इस) किताब (कुरान) का नाज़िल करना (ख़ास बारगाहे) ख़ुदा से है जो (सबसे) ग़ालिब बड़ा वाक़िफ़कार है
3غَافِرِ الذَّنبِ وَقَابِلِ التَّوْبِ شَدِيدِ الْعِقَابِ ذِي الطَّوْلِ ۖ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ ۖ إِلَيْهِ الْمَصِيرُ
गुनाहों का बख्शने वाला और तौबा का क़ुबूल करने वाला सख्त अज़ाब देने वाला साहिबे फज़ल व करम है उसके सिवा कोई माबूद नहीं उसी की तरफ (सबको) लौट कर जाना है
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
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अनुवाद — ग़ाफिर 1

सूरा ग़ाफिर आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हा मीम

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पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

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