अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
इस आयत में कोई ऐसा शब्द नहीं है जिसे स्पष्टीकरण की आवश्यकता हो, क्योंकि "عسق" (अ़ैन-सीन-क़ाफ़) हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत (अलग-अलग अक्षर) में से है, जिनके अर्थ केवल अल्लाह ही जानता है।
तफ़सीर:
यह आयत "हुरूफ़-ए-मुक़त्तआत" (अलग-अलग अक्षरों) में से है, जो कुरआन की कई सूरहों की शुरुआत में आते हैं। ये अक्षर उन रहस्यों में से हैं जिनका ज्ञान केवल अल्लाह तआला को है। इन अक्षरों का ज़िक्र कुरआन की अज़मत और उसके मु'जिज़ा (चमत्कार) को बयान करने के लिए किया गया है। जिस तरह ये अक्षर आपस में मिलकर अरबी भाषा के शब्द और वाक्य बनाते हैं, उसी तरह इन्हीं अक्षरों से अल्लाह ने कुरआन जैसी अज़ीम किताब नाज़िल की, जिसे पढ़ने और समझने वालों के लिए हिदायत और रहमत है।
यह बात ध्यान देने योग्य है कि इन हुरूफ़ का ज़िक्र कुरआन की फ़साहत (स्पष्टता) और बलाग़त (वाक्पटुता) की दलील है। अरब के लोग, जो अपनी भाषा में महारत रखते थे, वे भी ऐसी किताब पेश करने से असमर्थ रहे। यह इस बात का सबूत है कि कुरआन अल्लाह की किताब है, किसी इंसान का कलाम नहीं।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! ये अक्षर हमें याद दिलाते हैं कि कुरआन एक ऐसी किताब है जो अल्लाह की तरफ से नाज़िल हुई है। जिसने इसे पकड़ा, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। ये अक्षर हमें बताते हैं कि अल्लाह का कलाम कितना ऊँचा और अज़ीम है। हमें चाहिए कि हम कुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें। कुरआन ही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला हम सबको कुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 1-4 — अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 2
सूरा अश-शूरा आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐन सीन काफ़सूरा आयत 2/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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