अल-वाकिया · 2/96
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-वाकिया
لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ ۝٢
Laisa liwaq`atihaa kaazibah
📖 हिंदी अर्थ
(उस वक्त लोगों में फ़र्क ज़ाहिर होगा)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ: उसके वाक़े (घटित होने) के लिए कोई झुठलाने वाला नहीं होगा। यहाँ "كَاذِبَةٌ" का अर्थ है झूठ या झुठलाना, यानी उस घटना को झूठ कहने की कोई गुंजाइश नहीं होगी।

तफ़सीर:

जब क़ियामत का दिन आएगा, तो वह ऐसी हक़ीक़त के साथ घटित होगी कि उसे झुठलाने की किसी में ताक़त नहीं होगी। दुनिया में लोग इस दिन के आने को झूठ कहते थे, मज़ाक़ उड़ाते थे, और इसे दूर की कौड़ी समझते थे। लेकिन जब वह दिन सामने आ खड़ा होगा, तो हर ज़ुबान खामोश हो जाएगी, हर शख़्स अपने किए पर पछताएगा, और कोई भी इसे झूठ कहने की जुर्रत नहीं कर सकेगा। यह घटना इतनी स्पष्ट और यक़ीनी होगी कि उसमें किसी शक या इनकार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन कोई कहानी या डराने वाली बात नहीं है, बल्कि एक सच्चाई है जो ज़रूर आएगी। इस दिन अल्लाह अपने नेक बंदों को ऊँचा उठाएगा और उन्हें जन्नत की नेअमतों से नवाज़ेगा, और अपने दुश्मनों को जहन्नुम में ज़लील करेगा।

प्यारे मुसलमानों! यह आयत हमें उस दिन की तैयारी की तरफ़ बुलाती है। जिस दिन कोई मददगार नहीं होगा, सिर्फ़ अमल ही काम आएंगे। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, नेकियाँ कमाएं, और उस दिन की शर्मिंदगी से बचें। याद रखें, क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन हर इंसान अपने किए का बदला पाएगा। अल्लाह हमें उस दिन की तैयारी की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 1-4 — सूरा अल-वाकिया

1إِذَا وَقَعَتِ الْوَاقِعَةُ
जब क़यामत बरपा होगी और उसके वाक़िया होने में ज़रा झूट नहीं
2لَيْسَ لِوَقْعَتِهَا كَاذِبَةٌ
(उस वक्त लोगों में फ़र्क ज़ाहिर होगा)
3خَافِضَةٌ رَّافِعَةٌ
कि किसी को पस्त करेगी किसी को बुलन्द
4إِذَا رُجَّتِ الْأَرْضُ رَجًّا
जब ज़मीन बड़े ज़ोरों में हिलने लगेगी
अल-वाकियाकुरान सूची
96आयत
मक्कीअवतरण स्थान
2आयत

अनुवाद — अल-वाकिया 2

सूरा अल-वाकिया आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उस वक्त लोगों में फ़र्क ज़ाहिर होगा)

सूरा आयत 2/96 — सूरा अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-वाकिया सुनें, सूरा अल-वाकिया अनुवाद, सूरा अल-वाकिया mp3, सूरा अल-वाकिया pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Monday, September 28, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए