Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَافِضَةٌ (ख़ाफ़िद़ा): नीचा करने वाली, पस्त करने वाली।
- رَّافِعَةٌ (राफ़ि'आ): ऊँचा करने वाली, बुलंद करने वाली।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस दिन क़ियामत (प्रलय) का दिन आएगा, वह दिन अपनी भयावहता और महानता में ऐसा होगा कि कोई भी उसे झुठलाने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। यह वह दिन है जब अल्लाह तआला अपने बंदों का हिसाब लेगा और उनके अमलों के अनुसार उनका अंजाम तय करेगा। उस दिन की एक बड़ी विशेषता यह है कि वह خَافِضَةٌ رَّافِعَةٌ है—यानी वह कुछ लोगों को नीचा कर देगी और कुछ को ऊँचा।
यह दिन उन काफ़िरों और गुनाहगारों के लिए नीचा करने वाला होगा जिन्होंने अल्लाह के हुक्मों को नहीं माना, उसके रसूलों को झुठलाया और अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ दुनिया की ख्वाहिशों के पीछे भागते रहे। उन्हें उस दिन जहन्नुम (नरक) की आग में डाल दिया जाएगा, जहाँ वे हमेशा के लिए ज़लील और रुस्वा होंगे। उनका सर नीचा हो जाएगा, उनकी इज़्ज़त छिन जाएगी और वे अपने किए पर पछताएँगे, लेकिन पछतावा उस वक़्त किसी काम नहीं आएगा।
वहीं दूसरी ओर, यही दिन उन मोमिनों और मुत्तक़ियों (परहेज़गारों) के लिए ऊँचा करने वाला होगा जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाया, उसकी इबादत की, उसके रसूल की पैरवी की और नेक अमल किए। उन्हें उस दिन जन्नत (स्वर्ग) के ऊँचे मक़ामात अता किए जाएँगे, जहाँ वे हमेशा की खुशियों, आराम और अल्लाह की रहमत में रहेंगे। उनकी इज़्ज़त बुलंद होगी, उनके चेहरे नूरानी होंगे और वे अल्लाह की नेमतों में डूबे होंगे।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि क़ियामत का दिन हर इंसान के लिए अहम है। यह दिन किसी के लिए राहत और खुशी लेकर आएगा, तो किसी के लिए अज़ाब और रुस्वाई। आज हमारे पास मौक़ा है कि हम अपने अमलों को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और उसकी मनाही से बचें। अगर हम ऐसा करेंगे, तो क़ियामत का दिन हमारे लिए ऊँचाई और कामयाबी का दिन होगा। लेकिन अगर हम ग़ाफ़िल रहे और सिर्फ़ दुनिया की चकाचौंध में खोए रहे, तो वह दिन हमारे लिए बड़ी नुक़सान का सबब बनेगा। अल्लाह तआला हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में शामिल करे जिन्हें क़ियामत के दिन ऊँचा किया जाएगा। आमीन।
📜 आयत 1-5 — सूरा अल-वाकिया
अनुवाद — अल-वाकिया 3
सूरा अल-वाकिया आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि किसी को पस्त करेगी किसी को बुलन्दसूरा आयत 3/96 — सूरा अल-वाकिया الواقعة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-वाकिया सुनें, सूरा अल-वाकिया अनुवाद, सूरा अल-वाकिया mp3, सूरा अल-वाकिया pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-वाकिया
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


