सूरा अन-नबा
PDF —
Built right in your browser — download starts automatically
सूरा अन-नबा pdf — डाउनलोड (हिन्दी)
सूरा अन-नबा pdf हिन्दी — डाउनलोड सूरा अन-नबा अनुवाद. अन-नबा (मक्की) 40 आयत.
Related
- अन-नबा अनुवादहिन्दी
- अन-नबा mp3सुनें
- Quran Index हिन्दी114
More सूरा PDF
सूरा अन-नबा

ﭑﭒﭓ
ये लोग आपस में किस चीज़ का हाल पूछते हैं
ﭔﭕﭖﭗ
एक बड़ी ख़बर का हाल
ﭘﭙﭚﭛﭜ
जिसमें लोग एख्तेलाफ कर रहे हैं
ﭝﭞﭟ
देखो उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
ﭠﭡﭢﭣ
फिर इन्हें अनक़रीब ही ज़रूर मालूम हो जाएगा
ﭤﭥﭦﭧﭨ
क्या हमने ज़मीन को बिछौना
ﭩﭪﭫ
और पहाड़ों को (ज़मीन) की मेख़े नहीं बनाया
ﭬﭭﭮ
और हमने तुम लोगों को जोड़ा जोड़ा पैदा किया
ﭯﭰﭱﭲ
और तुम्हारी नींद को आराम (का बाइस) क़रार दिया
ﭳﭴﭵﭶ
और रात को परदा बनाया
ﭷﭸﭹﭺ
और हम ही ने दिन को (कसब) मआश (का वक्त) बनाया
ﭻﭼﭽﭾﭿ
और तुम्हारे ऊपर सात मज़बूत (आसमान) बनाए
ﮀﮁﮂﮃ
और हम ही ने (सूरज) को रौशन चिराग़ बनाया
ﮄﮅﮆﮇﮈﮉ
और हम ही ने बादलों से मूसलाधार पानी बरसाया
ﮊﮋﮌﮍﮎ
ताकि उसके ज़रिए से दाने और सबज़ी
ﮏﮐﮑ
और घने घने बाग़ पैदा करें
ﮒﮓﮔﮕﮖﮗ
बेशक फैसले का दिन मुक़र्रर है
ﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞ
जिस दिन सूर फूँका जाएगा और तुम लोग गिरोह गिरोह हाज़िर होगे
ﮟﮠﮡﮢﮣ
और आसमान खोल दिए जाएँगे
ﮤﮥﮦﮧﮨ
तो (उसमें) दरवाज़े हो जाएँगे और पहाड़ (अपनी जगह से) चलाए जाएँगे तो रेत होकर रह जाएँगे
ﮩﮪﮫﮬﮭ
बेशक जहन्नुम घात में है
ﮮﮯﮰ
सरकशों का (वही) ठिकाना है
ﮱﯓﯔﯕ
उसमें मुद्दतों पड़े झींकते रहेंगें
ﯖﯗﯘﯙﯚﯛﯜ
न वहाँ ठन्डक का मज़ा चखेंगे और न खौलते हुए पानी
ﯝﯞﯟﯠ
और बहती हुई पीप के सिवा कुछ पीने को मिलेगा
ﯡﯢﯣ
(ये उनकी कारस्तानियों का) पूरा पूरा बदला है
ﯤﯥﯦﯧﯨﯩ
बेशक ये लोग आख़ेरत के हिसाब की उम्मीद ही न रखते थे
ﯪﯫﯬﯭ
और इन लोगो हमारी आयतों को बुरी तरह झुठलाया
ﯮﯯﯰﯱﯲ
और हमने हर चीज़ को लिख कर मनज़बत कर रखा है
ﯳﯴﯵﯶﯷﯸ
तो अब तुम मज़ा चखो हमतो तुम पर अज़ाब ही बढ़ाते जाएँगे
ﭑﭒﭓﭔ
बेशक परहेज़गारों के लिए बड़ी कामयाबी है
ﭕﭖﭗ
(यानि बेहश्त के) बाग़ और अंगूर
ﭘﭙﭚ
और वह औरतें जिनकी उठती हुई जवानियाँ
ﭛﭜﭝ
और बाहम हमजोलियाँ हैं और शराब के लबरेज़ साग़र
ﭞﭟﭠﭡﭢﭣﭤ
और शराब के लबरेज़ साग़र वहाँ न बेहूदा बात सुनेंगे और न झूठ
ﭥﭦﭧﭨﭩﭪ
(ये) तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से काफ़ी इनाम और सिला है
ﭫﭬﭭﭮﭯﭰﭱﭲﭳﭴﭵﭶ
जो सारे आसमान और ज़मीन और जो इन दोनों के बीच में है सबका मालिक है बड़ा मेहरबान लोगों को उससे बात का पूरा न होगा
ﭷﭸﭹﭺﭻﭼﭽﭾﭿﮀﮁﮂﮃﮄﮅﮆ
जिस दिन जिबरील और फरिश्ते (उसके सामने) पर बाँध कर खड़े होंगे (उस दिन) उससे कोई बात न कर सकेगा मगर जिसे ख़ुदा इजाज़त दे और वह ठिकाने की बात कहे
ﮇﮈﮉﮊﮋﮌﮍﮎﮏﮐﮑ
वह दिन बरहक़ है तो जो शख़्श चाहे अपने परवरदिगार की बारगाह में (अपना) ठिकाना बनाए
ﮒﮓﮔﮕﮖﮗﮘﮙﮚﮛﮜﮝﮞﮟﮠﮡ
हमने तुम लोगों को अनक़रीब आने वाले अज़ाब से डरा दिया जिस दिन आदमी अपने हाथों पहले से भेजे हुए (आमाल) को देखेगा और काफ़िर कहेगा काश मैं ख़ाक हो जाता
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए







